भोपाल में लंबे समय से खांसी-जुकाम से परेशान लोग: अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की भीड़, आखिर क्या है बीमारी की वजह?
क्या इसके पीछे शहर में बढ़ता प्रदूषण है? या फिर कोई नया फ्लू संक्रमण फैल रहा है? फिलहाल इसकी सही वजह सामने नहीं आई है। वहीं, डॉक्टरों का कहना है कि मौसम में बदलाव और प्रदूषण भी इसकी वजह हो सकते हैं। वहीं, कुछ डॉक्टरों ने मौसमी फ्लू की आशंका जताई है।
इस बीच बीमारी के कारणों की जांच को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। गांधी मेडिकल कॉलेज (GMC) की स्टेट वायरोलॉजी लैब ने अब तक जीनोम सीक्वेंसिंग नहीं की है। लैब ने इसकी जिम्मेदारी एम्स भोपाल को सौंप दी है। हालांकि, AIIMS की ओर से अभी तक कोई जवाब नहीं आया है।
ओपीडी में बढ़े खांसी और जुकाम के मरीज
खबरों के मुताबिक, शहर के कई इलाकों में लोग लगातार खांसी और जुकाम से परेशान हैं। कुछ लोगों को लंबे समय से वायरल जैसे लक्षण महसूस हो रहे हैं। सार्वजनिक जगहों पर भी ऐसे मरीज दिखाई दे रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, सिनेमा हॉल में भी लोगों को लगातार खांसते देखा गया है। हर कुछ मिनट में किसी न किसी के खांसने की आवाज सुनाई देती है। अस्पतालों की ओपीडी में भी इसी तरह की शिकायत लेकर मरीज पहुंच रहे हैं।
वहीं, डॉक्टरों का कहना है कि लोगों में लंबे समय तक खांसी और जुकाम की समस्या देखी जा रही है। बच्चों में भी ऐसे लक्षण सामने आ रहे हैं। इसलिए बीमारी की असली वजह जानना जरूरी है।
बढ़ते प्रदूषण का सेहत पर असर
डॉक्टरों ने बढ़ती परेशानी के पीछे कई कारण बताए हैं। इनमें मौसम में लगातार बदलाव और एयर पॉल्यूशन शामिल हैं। शहर में चल रहे कंट्रक्शन भी लोगों की सेहत पर असर डाल सकते हैं। भोपाल में मेट्रो रेल सहित कई दूसरी कंट्रक्शन प्रोजेक्ट का काम जारी है। इन कामों के कारण धूल और प्रदूषण बढ़ने की आशंका है। इसके अलावा मौसम में बदलाव भी सांस से जुड़ी परेशानियां बढ़ा सकता है।
चाइल्ड डिजीज एक्सपर्ट डॉ. राकेश सुखेजा ने भी इस पर चिंता जताई है। उनके मुताबिक, लगातार चल रहे निर्माण कार्यों का पर्यावरण पर असर पड़ रहा है। मेट्रो रेल और दूसरे प्रोजेक्ट से जुड़ी गतिविधियां भी चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि बदलते पर्यावरण का असर बच्चों की सेहत पर भी पड़ रहा है। इसलिए इस समस्या को गंभीरता से समझने की जरूरत है।
मौसमी फ्लू की आशंका
खबरों के मुताबिक, कुछ डॉक्टरों को मरीजों में मौसमी फ्लू के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। इनमें H1N1 जैसे संक्रमण की आशंका भी जताई गई है। डॉक्टरों के मुताबिक, मरीजों में खांसी, जुकाम और बुखार जैसे लक्षण मिल रहे हैं। लेकिन सिर्फ लक्षणों के आधार पर संक्रमण की पहचान करना संभव नहीं है। इसके लिए जांच जरूरी है। यही वजह है कि फ्लू इंफेक्शन की असली स्थिति जानने पर जोर दिया जा रहा है।
जीनोम सीक्वेंसिंग पर सवाल
खबरों के मुताबिक, बीमारी की वजह जानने के लिए जीनोम सीक्वेंसिंग महत्वपूर्ण हो सकती है। इससे संक्रमण से जुड़े वायरस की जानकारी मिल सकती है। इससे यह समझने में मदद मिल सकती है कि कौन सा वायरस मौजूद है। गांधी मेडिकल कॉलेज की स्टेट वायरोलॉजी लैब ने साफ किया है कि उसने अब तक जीनोम सीक्वेंसिंग नहीं की है। लैब ने यह जिम्मेदारी AIIMS भोपाल को सौंप दी है।
AIIMS भोपाल से भी इस बारे में संपर्क किया गया है। लेकिन संस्थान की ओर से अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। AIIMS के जनसंपर्क अधिकारी सत्येंद्र शरण ने कहा कि वे दो दिनों के भीतर जवाब देंगे।
तापमान में बदलाव भी बढ़ा सकता है परेशानी
GMC के पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. विकास गुप्ता ने भी मौसम में बदलाव को एक वजह बताया है। उनके मुताबिक, तापमान में लगातार बदलाव से फ्लू जैसे संक्रमण बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस वजह से कई लोगों को खांसी और जुकाम की शिकायत हो रही है। जिन लोगों को पहले से सांस से जुड़ी परेशानी है, उन्हें ज्यादा सावधानी रखनी चाहिए।
फिलहाल, भोपाल में बढ़ते मरीजों के पीछे एक ही वजह की पुष्टि नहीं हुई है। प्रदूषण, निर्माण कार्य, मौसम में बदलाव और मौसमी फ्लू की आशंका पर चर्चा हो रही है। जीनोम सीक्वेंसिंग की रिपोर्ट आने के बाद ही संक्रमण की स्थिति ज्यादा साफ हो सकेगी।
FAQs
- भोपाल में इन दिनों किस तरह के मरीज बढ़ रहे हैं?
भोपाल में खांसी, जुकाम और बुखार की शिकायत वाले मरीज बढ़ रहे हैं, कई लोग लंबे समय से खांसी से परेशान हैं। - डॉक्टरों ने मरीजों की बढ़ती संख्या की क्या वजह बताई है?
डॉक्टरों ने मौसम में बदलाव, प्रदूषण और निर्माण कार्य को मरीजों की बढ़ती संख्या की संभावित वजह बताया है। - क्या भोपाल में H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई है?
फिलहाल इस खबर में H1N1 संक्रमण की कोई पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कुछ डॉक्टरों ने इसकी आशंका जताई है।