मौत की वजह बनी दर्द से राहत देने वाली मशीन, इलेक्ट्रिक थेरेपी बेड में आग, बुजुर्ग की मौत
समझें क्या है पूरा मामला
- भोपाल के ईटखेड़ी में एक घर के अंदर बड़ा हादसा हो गया है।
- शॉर्ट सर्किट होने से इलेक्ट्रिक थेरेपी बेड में अचानक आग लग गई।
- हादसे में 90 साल के एक बुजुर्ग गंभीर रूप से झुलस गए थे।
- अस्पताल में इलाज के दौरान बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया है।
- निशातपुरा क्षेत्र में भी एक युवक की मौत का मामला आया है।
दर्द से राहत देने वाला बिस्तर ही बन गया काल
MP News: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से चौंकानें वाली सामने आई है। यहां एक थेरेपी मैट बेड के कारण बुजुर्ग की जान चली गई। दरअसल 90 साल के बुजुर्ग अपने दर्द से राहत पाने के लिए वे इलेक्ट्रिक थेरेपी मैट वाले बेड पर लेटे थे।
अचानक इलेक्ट्रिकलमशीन में शॉर्ट सर्किट हुआ और बेड में आग लग गई। बुजुर्ग चलने-फिरने में पूरी तरह से असमर्थ थे। इस वजह से वे समय रहते बेड से उठ नहीं पाए। आग की चपेट में आने से बुजुर्ग बुरी तरह झुलस गए। हादसे के कारण मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
शॉर्ट सर्किट की वजह से बिस्तर में अचानक फैली आग
यह पूरी घटना बीते 27 मई की दोपहर की बताई जा रही है। ईटखेड़ी पुलिस ने मामले की जानकारी मीडिया के साथ साझा की है। पुलिस ने बताया कि 90 साल के बुजुर्ग ललितान सहाय काफी समय से बीमार थे।
वे लंबे समय से पीठ और जोड़ों के दर्द की समस्या से परेशान थे। चलने-फिरने में असमर्थ होने के कारण वे घर पर ही रहते थे। दर्द से राहत के लिए वे इस खास बेड का इस्तेमाल करते थे।
घर के अंदर मोटर से चलता था पूरा थेरेपी सिस्टम
मृतक बुजुर्ग के बेटे अराध्य सहाय ने इस हादसे के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि उनके पिता दिन में दो बार इस बेड पर लेटते थे। यह सिस्टम घर के अंदर एक मोटर से जुड़ा हुआ था।
यह मशीन शरीर की सूजन और जोड़ों के दर्द में राहत देने का काम करती थी। बुधवार दोपहर को भी जब थेरेपी सिस्टम चालू था। तभी अचानक मशीन के अंदर बिजली का शॉर्ट सर्किट हो गया।
धुआं देखकर दौड़े परिवार वाले
शॉर्ट सर्किट होते ही बेड के गद्दों ने तुरंत आग पकड़ ली। देखते ही देखते कमरे के अंदर बहुत तेज धुआं और आग फैल गई। घटना के समय परिवार के बाकी सदस्य दूसरे कमरों में ही थे।
कमरे से धुआं निकलता देखकर सभी लोग तुरंत बुजुर्ग की तरफ भागे। वे बुजुर्ग को किसी तरह बाहर निकालकर तुरंत अस्पताल ले गए। लेकिन बहुत ज्यादा झुलस जाने के कारण डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।
इलेक्ट्रिक थेरेपी मैट के इस्तेमाल में रखें ये सावधानी
- लगातार ऑन न रखें: काम पूरा होते ही प्लग निकाल दें, रातभर ऑन रखने से मशीन ओवरहीट हो सकती है।
- ऑटो-कट उपकरण चुनें: हमेशा टाइमर या ऑटो-कट फीचर वाले प्रामाणिक (Certified) गैजेट्स ही खरीदें।
- मरीजों की निगरानी करें: चलने-फिरने में असमर्थ बुजुर्गों या मरीजों को इलेक्ट्रिक बेड पर अकेला न छोड़ें।
- तारों की जांच करें: डैमेज तार या कटी-फटी मैट दिखने पर इसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर दें।
- नमी से दूर रखें: करंट और शॉर्ट सर्किट से बचने के लिए इसे पानी या गीले बदन से दूर रखें।
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