फर्जी आईएएस तृप्ति सिंह और टीआई महेश लिल्हारे के भाई से था गहरा रिश्ता? पुलिस ने की पूछताछ

Manya Jain | Sootr Assets | Sept 30, 2026, 13:02 IST
फर्जी IAS तृप्ति सिंह केस में TI महेश लिल्हारे के भाई रोहित से थाने में पूछताछ
भोपाल के फर्जी आईएएस तृप्ति सिंह मामले में जांच अब पुलिस महकमे के करीब पहुंच गई है। अयोध्या नगर टीआई महेश लिल्हारे के भाई रोहित को पुलिस ने थाने बुलाया। रोहित लिल्हारे से पूछताछ में पुलिस जानना चाहती है कि दोनों के बीच कैसा संपर्क था। क्या कोई पैसों का लेनदेन हुआ? पुलिस अब तृप्ति के पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • तृप्ति सिंह पर फर्जी आईएएस बनकर ठगी का आरोप है।
  • भोपाल में उसके खिलाफ कई केस दर्ज हो चुके हैं।
  • डेढ़ साल पहले वह अयोध्या नगर थाने पहुंची थी।
  • वहां टीआई (Town Inspector) के भाई रोहित से मुलाकात हुई थी।
  • अब पुलिस ने रोहित को बुलाकर थाने में पूछताछ की है।

डेढ़ साल पहले थाने में मुलाकात

अब जरा पीछे चलते हैं। करीब डेढ़ साल पहले तृप्ति अयोध्या नगर थाने पहुंची थी। जांच में यह बात सामने आई है। वह अपने ड्राइवर भूपेंद्र बैरागी से जुड़ी शिकायत लेकर आई थी।



उस वक्त टीआई महेश लिल्हारे के भाई रोहित भी वहां मौजूद थे। पुलिस के मुताबिक, उस समय तृप्ति ने खुद को आईएएस अधिकारी बताया था। आईएएस (Indian Administrative Service) देश की सबसे ऊंची प्रशासनिक सेवा है।



फर्जी आईएएस तृप्ति सिंह​

यूपीएससी टिप्स के लिए कराई गई मुलाकात

रोहित उस समय यूपीएससी (Union Public Service Commission) की तैयारी में थे। रिपोर्ट के मुताबिक, टीआई ने अपने भाई को तृप्ति से मिलवाया था। मकसद था तैयारी से जुड़े टिप्स और मार्गदर्शन लेना। पुलिस के मुताबिक, बैच पूछने पर उसने खुद को लास्ट बैच की अधिकारी बताया।



यहीं से शुरू होते हैं सवाल

सोचिए एक बार। थाना प्रभारी ने भाई को जिस महिला से मिलवाया था, वह आज आरोपी है। रोहित लिल्हारे से पूछताछ इसी कड़ी को समझने की कोशिश है। पुलिस इस मुलाकात और बाद के संपर्क की जानकारी जुटा रही है।



पुलिस के साथ दफ्तरों का निरीक्षण

तृप्ति पर आरोप सिर्फ रौब जमाने का नहीं है। आरोप है कि वह सरकारी दफ्तरों का निरीक्षण भी करती थी। जांच में अयोध्या नगर इलाके के एक सरकारी कार्यालय का वीडियो सामने आया है। इसमें उसके साथ पुलिसकर्मी भी दिख रहे हैं।




महेश लिल्हारे से बुलवाया था पुलिस बल

रिपोर्ट के मुताबिक, तृप्ति ने निरीक्षण के लिए टीआई से पुलिस बल बुलवाया। यह दावा अभी जांच के दायरे में है। पुलिस पता कर रही है कि उसने कितने दफ्तरों का ऐसा निरीक्षण किया। किन अधिकारियों और कर्मचारियों से उसका संपर्क था, यह भी खंगाला जा रहा है।



फर्जी आईएएस ठगी के गंभीर आरोप

पुलिस जांच में तृप्ति पर फर्जी आईएएस ठगी के आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि वह नौकरी और कारोबार का झांसा देती थी। रिपोर्टों के मुताबिक, वह खुद को ट्रेनी आईएएस अफसर बताती थी। वह मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम में एडिशनल डायरेक्टर होने का दावा करती थी।



होटल रिसॉर्ट लीज ठगी में 39.17 लाख रुपए

होटल रिसॉर्ट लीज ठगी का आरोप भी उस पर लगा है। उसके खिलाफ भोपाल में कई एफआईआर (FIR – First Information Report) दर्ज हैं। एक केस बालाघाट निवासी रोहित लिल्हारे की शिकायत पर दर्ज हुआ था। शिकायत के मुताबिक, लीज और नौकरी के नाम पर 39.17 लाख रुपए लिए गए।



यह रकम किसी मध्यम वर्गीय परिवार की कई साल की बचत के बराबर है। शिकायतकर्ता रोहित और टीआई के भाई रोहित एक ही हैं या नहीं? उपलब्ध रिपोर्ट में यह साफ नहीं है। पुलिस ने भी इस पर अभी कुछ नहीं कहा है।



नेटवर्क की कड़ियां तलाश रही पुलिस

अब पुलिस तृप्ति के संपर्क में रहे हर व्यक्ति की भूमिका जांच रही है। उसने पुलिस और सरकारी तंत्र में किन लोगों से रिश्ते बनाए? इस नेटवर्क में और कौन जुड़ा हो सकता है? भोपाल फर्जी आईएएस केस की जांच अब इन्हीं सवालों पर टिकी है।



fake IAS Tripti Singh केस में रोहित से पूछताछ इसी जांच का हिस्सा है। पुलिस जानना चाहती है कि फर्जी पहचान मजबूत करने के लिए किससे संपर्क बना। fake IAS officer Bhopal केस में पुलिस हर पहलू देख रही है।



पुलिस प्रोटोकॉल तक कैसे पहुंची तृप्ति

तृप्ति सिंह मामला अब सिर्फ ठगी तक सीमित नहीं रहा। पुलिस देख रही है कि फर्जी अफसर बनकर दफ्तरों तक पहुंच कैसे बनी। पुलिस प्रोटोकॉल (अफसरों की सुरक्षा व्यवस्था) कैसे मिला, यह भी जांच में है। Tripti Singh Rajput case का यह सबसे अहम पहलू है।



जांच के घेरे वाले होंगे तलब

डीसीपी (DCP – Deputy Commissioner of Police) ने इससे ज्यादा कहने से इनकार किया। MP fake IAS news में यह केस लगातार चर्चा में है। आने वाले दिनों में और लोगों से पूछताछ हो सकती है।



यह खबर क्यों जरूरी है

यह मामला सिर्फ ठगी का नहीं, सरकारी तंत्र पर भरोसे का है। आरोप है कि एक फर्जी पहचान के सहारे पुलिस बल तक बुलवाया गया। अगर यह सच है, तो सरकारी दफ्तरों में पहचान जांचने की व्यवस्था पर बड़ा सवाल है।



कानून का राज तभी मजबूत है, जब हर जांच निष्पक्ष हो। पुलिस के अपने लोगों के परिजन भी जांच के दायरे में आएं, यही जवाबदेही है। आम नागरिक को भी सीख है कि किसी के पद का दावा बिना जांचे न मानें।



  1. फर्जी आईएएस तृप्ति सिंह मामले में ताजा अपडेट क्या है?
    पुलिस ने अयोध्या नगर टीआई महेश लिल्हारे के भाई रोहित से पूछताछ की है। पुलिस दोनों के संपर्क और संभावित लेनदेन की जांच कर रही है।
  2. तृप्ति सिंह और रोहित की मुलाकात कैसे हुई थी?
    करीब डेढ़ साल पहले दोनों अयोध्या नगर थाने में मिले थे। तृप्ति अपने ड्राइवर से जुड़ी शिकायत लेकर आई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, टीआई ने यूपीएससी टिप्स के लिए भाई को मिलवाया था।
  3. तृप्ति सिंह पर कितनी रकम की ठगी का आरोप है?
    एक शिकायत में 39.17 लाख रुपए लेने का आरोप है। यह रकम होटल रिसॉर्ट लीज और नौकरी के नाम पर लेने की बात कही गई है। भोपाल में उसके खिलाफ कई एफआईआर दर्ज हैं।
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