MP में बन रहा 526 किमी का इकोनॉमिक कॉरिडोर, भोपाल-कानपुर की दूरी अब सिर्फ 6 घंटे

Jitendra Shrivastava | May 08, 2026, 17:54 IST
Photograph: (THESOOTR)
BHOPAL. मध्यप्रदेश में भोपाल-कानपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर बन रहा है। इसके बनने से भोपाल से कानपुर जाने में अब मात्र 6 घंटे का समय लगेगा। 526 किमी लंबे 4-लेन हाईवे पर काम तेजी से जारी है।

News In Short

  • भोपाल से कानपुर की दूरी 6 घंटे में होगी पूरी।
  • 526 किमी लंबे कॉरिडोर में 360 किमी MP में है।
  • MP हिस्से के लिए 3600 करोड़ रुपए मंजूर हुए।
  • भोपाल-विदिशा के बीच लॉजिस्टिक क्लस्टर बनेगा।
  • भोपाल के विकास की दिशा दक्षिण से उत्तर होगी।

News In Detail

मध्यप्रदेश में भोपाल-कानपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर (Bhopal-Kanpur Economic Corridor) का निर्माण तेज गति से चल रहा है। यह 4-लेन हाईवे (4-Lane Highway) भोपाल को उत्तर प्रदेश के कानपुर से जोड़ेगा। इससे 12-13 घंटे का सफर घटकर मात्र 6-8 घंटे में पूरा होगा। 526 किमी लंबे इस कॉरिडोर से रोजगार, उद्योग और लॉजिस्टिक (Logistics) के नए अवसर खुलेंगे।



भोपाल-कानपुर कॉरिडोर क्या है

भोपाल-कानपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर (Bhopal-Kanpur Economic Corridor) एक महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना है। यह भोपाल को उत्तर प्रदेश के कानपुर नौबस्ता और रिंग रोड से जोड़ेगा।



इस कॉरिडोर की कुल लंबाई 526 किलोमीटर है। इसमें से 360 किलोमीटर का हिस्सा मध्य प्रदेश में पड़ता है। यह परियोजना क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए बेहद अहम है।



6 घंटे में पूरा होगा सफर

अभी भोपाल से कानपुर पहुंचने में 12 से 13 घंटे लगते हैं। इस 4-लेन हाईवे (4-Lane Highway) के बनने के बाद यह सफर सात से आठ घंटे में पूरा होगा। कुछ विशेषज्ञ इसे और भी कम यानी 6 घंटे तक सिमटने की संभावना बता रहे हैं। यात्रा समय में यह कमी व्यापार और पर्यटन दोनों के लिए फायदेमंद होगी।



भोपाल-विदिशा में सबसे तेज काम

इस कॉरिडोर के पहले फेस में भोपाल से विदिशा के बीच काम सबसे तेज गति से चल रहा है। यह हिस्सा 42 किलोमीटर का है। भोपाल के दीवानगंज और सलामतपुर क्षेत्र से विदिशा की ओर यह निर्माण कार्य आगे बढ़ रहा है। मौजूदा सड़क को ही 4-लेन नेशनल हाईवे में बदला जा रहा है। चौड़ीकरण का काम अब स्पष्ट रूप से नजर आने लगा है।



भूमि अधिग्रहण लगभग पूरा

इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) का काम काफी हद तक पूरा हो चुका है। भोपाल, विदिशा, सागर और छतरपुर में अधिकांश भूमि अधिग्रहण संपन्न हो गया है।



भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) सड़क निर्माण पर काम कर रहा है। एमपीआइडीसी (MPIDC) लॉजिस्टिक हब विकास की गतिविधियां तय कर रही है।



लॉजिस्टिक क्लस्टर बनेगा

भोपाल से विदिशा के बीच बनने वाले 42 किमी के हिस्से के पास एमपीआइडीसी ने काम शुरू कर दिया है। इसे इंटीग्रेटेड मैन्यूफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक क्लस्टर (Integrated Manufacturing and Logistics Cluster) के रूप में विकसित किया जाएगा। इसमें वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स होंगी। इससे मध्य प्रदेश में छोटे उद्योगों और वेयरहाउसिंग का बड़ा नेटवर्क तैयार होगा।



रोजगार के नए अवसर खुलेंगे

इस लॉजिस्टिक हब (Logistics Hub) के विकसित होने से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। भोपाल और विदिशा के बीच उद्योगों का जाल बिछेगा।



इससे प्रदेश में स्थानीय युवाओं को नौकरी मिलने की संभावना बढ़ेगी। कोल्ड स्टोरेज और फूड प्रोसेसिंग से कृषि क्षेत्र को भी लाभ होगा। यह परियोजना MP के आर्थिक ढांचे को मजबूत करेगी।



भोपाल के विकास की दिशा बदलेगी

टाउन प्लानर सुयश कुलश्रेष्ठ के अनुसार अभी भोपाल का विकास दक्षिण दिशा में हो रहा है। नर्मदापुरम रोड और इंदौर रोड की ओर शहर का विस्तार अधिक है।



इस इकोनॉमिक कॉरिडोर (Economic Corridor) के बनने से विकास की दिशा रायसेन रोड और विदिशा रोड की ओर मुड़ेगी। नए प्रोजेक्ट्स और आवासीय विकास की संभावनाएं इस क्षेत्र में बढ़ेंगी। नर्मदापुरम रोड और इंदौर रोड से जोड़ने के लिए बायपास भी पहले से मौजूद है।



3600 करोड़ की मंजूरी मिली

मध्य प्रदेश वाले हिस्से के निर्माण के लिए 3600 करोड़ रुपए की मंजूरी दी जा चुकी है। कॉरिडोर का निर्माण कार्य जनवरी में शुरू हो चुका है। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के अनुसार NHAI और MPIDC के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है। काम तेज गति से पूरा कराने और आमजन को लाभ दिलाने के लिए नई योजना बनाई जा रही है। कुछ हिस्सों में 6-लेन सड़क की योजना भी प्रस्तावित है।



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