भोपाल में वकील की पिटाई के आरोप में TI समेत तीन पुलिसकर्मी सस्पेंड
समझें क्या है पूरा मामला
- भोपाल में वकील और पुलिस के बीच विवाद हुआ था।
- वकील राकेश रावल ने मारपीट का आरोप लगाया।
- वकीलों ने प्रदर्शन कर न्यायिक काम बंद रखा।
- इस मामले में जहांगीराबाद थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मी सस्पेंड हुए।
भोपाल में वकील राकेश रावल के साथ पुलिस ने मारपीट की थी। यह घटना मंगलवार शाम जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में हुई। इसके विरोध में वकीलों ने हड़ताल कर दी। दबाव बढ़ने पर थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मी सस्पेंड किए गए। मारपीट के मामले में डीसीपी जोन-1 अखिल पटेल ने निलंबन के आदेश दिए हैं। जहांगीराबाद थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार, आरक्षक यश लखेरा और रामस्वरूप को निलंबित कर दिया गया है।
क्या है पूरा मामला
यह पूरा मामला मंगलवार शाम करीब आठ बजे शुरू हुआ। जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के खटलापुरा मंदिर के पास पुलिसकर्मियों ने वकील राकेश रावल का वाहन रोक लिया। पुलिस ने उन्हें थाने चलने को कहा।
वकील ने बताया कि उनके वाहन में पेट्रोल नहीं था। इस बात पर पुलिसकर्मियों ने उनके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। जब उन्होंने विरोध जताया, तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें कीचड़ में गिरा दिया। इसके बाद डंडों से बुरी तरह पीटा गया।
रातभर चला वकीलों का प्रदर्शन
पिटाई की खबर फैलते ही करीब पचास वकील जहांगीराबाद थाने के बाहर जमा हो गए। वकीलों ने देर रात तीन बजे तक जोरदार प्रदर्शन किया। वे दोषी पुलिसकर्मियों पर तुरंत एफआईआर (FIR – First Information Report) दर्ज करने की मांग करते रहे।
गुस्साए वकीलों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। रातभर थाने के बाहर तनाव का माहौल बना रहा। स्थानीय पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा।
बुधवार को वकीलों की हड़ताल
अगले दिन बुधवार को वकीलों ने पूरी हड़ताल कर दी। वे न्यायिक कार्यों से पूरी तरह दूर रहे। जिला अदालत चौराहे पर वकीलों ने काफी देर तक हंगामा किया।
इस प्रदर्शन के चलते करीब दो से ढाई घंटे तक ट्रैफिक भी बाधित रहा। वकील एफआईआर दर्ज करने की मांग पर लगातार अड़े रहे। उन्होंने साफ कहा कि जब तक कार्रवाई नहीं होगी, प्रदर्शन जारी रहेगा।
पुलिस ने आरोपों को नकारा
वहीं भोपाल पुलिस प्रशासन ने वकील के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। पुलिस का कहना है कि वकील के साथ कोई मारपीट नहीं हुई। पुलिस के मुताबिक, वकील ने खुद ट्रैफिक एसीपी (ACP – Assistant Commissioner of Police) के साथ बदसलूकी की थी।
दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं। वकील ने घटना के वीडियो भी सबूत के तौर पर दिए हैं। मामले की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी।
प्रशासन ने की सख्त कार्रवाई
बढ़ते दबाव और वकीलों के भारी आक्रोश को देखते हुए प्रशासन हरकत में आया। भोपाल की डीसीपी (DCP – Deputy Commissioner of Police) जोन-1 के निर्देश पर तीन पुलिसकर्मी सस्पेंड किए गए। इनमें थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार, कांस्टेबल यश लखेरा और आरक्षक रामस्वरूप शामिल हैं।
प्रशासन ने मामले की प्राथमिक जांच सात दिन में पूरी करने के निर्देश दिए हैं। जहांगीराबाद थाने की जिम्मेदारी अब इंस्पेक्टर हरि किशन लोहिया को सौंपी गई है। पूरे मामले पर पुलिस महकमे की नजर बनी हुई है।
प्रदर्शन के दौरान भी विवाद
प्रदर्शन के दौरान एक और विवादित वीडियो सामने आया है। इसमें कुछ वकील एक युवक के साथ मारपीट करते दिख रहे हैं। इस घटना को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
पुलिस और प्रशासन इस पहलू की भी जांच कर सकते हैं। फिलहाल पूरा मामला अभी जांच के दायरे में है। आने वाले दिनों में स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
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वकील की पिटाई