भोपाल में फर्जी आधार-पैन से बन रहे थे बांग्लादेशियों के पासपोर्ट, एसटीएफ का खुलासा

Jitendra Shrivastava | Sept 10, 2026, 22:57 IST
Photograph: (THESOOTR)
BHOPAL. भोपाल के एक मठ के पते से 40 फर्जी पासपोर्ट जारी होने का खुलासा हुआ है। गिरोह बांग्लादेशियों को फर्जी दस्तावेजों से भारतीय पहचान दिलाता था। एसटीएफ की जांच जारी है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • भोपाल के मठ के पते से जारी हुए 40 फर्जी पासपोर्ट, बड़ा खुलासा।
  • बांग्लादेशियों को भारतीय पहचान दिला रहा था पूरा गिरोह।
  • एक पते से 40 पासपोर्ट, एसटीएफ की जांच में चौंकाने वाला सच।
  • फर्जी आधार पैन बनाकर बनवाए जाते थे असली पासपोर्ट।
  • मास्टरमाइंड जेल में, टीम असम रवाना, नेटवर्क की तलाश जारी।

भोपाल के अन्ना नगर स्थित एक मठ के पते से 40 फर्जी पासपोर्ट जारी हुए हैं। यह खुलासा एसटीएफ की जांच में हुआ है। गिरोह बांग्लादेश से आए लोगों को फर्जी दस्तावेज देकर भारतीय पहचान दिलाता था। अब तक दो आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। मास्टरमाइंड रियाल चौधरी जेल में बंद है।



भोपाल के गोविंदपुरा थाना क्षेत्र में एक मठ है। इसी मठ के पते पर करीब 40 लोगों के नाम पासपोर्ट जारी हुए। यह जानकारी एसटीएफ की जांच में सामने आई। जांच एजेंसी अब इस पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है।



अवैध बांग्लादेशी की फर्जी पहचान

एसटीएफ के मुताबिक गिरोह बांग्लादेश से भारत आए लोगों की जानकारी जुटाता था। फिर उनके नाम पर आधार कार्ड, पैन कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज बनवाए जाते थे। इन दस्तावेजों से भारतीय पता और पहचान तैयार होती थी। इसके बाद पासपोर्ट के लिए आवेदन किया जाता था।



यह पूरा तरीका बेहद सुनियोजित बताया जा रहा है। पहले फर्जी पहचान तैयार होती थी। फिर सरकारी दस्तावेजों की एक चेन बनाई जाती थी। आखिर में असली पासपोर्ट हासिल कर लिया जाता था।



भोपाल और डबरा दोनों जगह मिले सुराग

जांच सबसे पहले डबरा के सिमरिया टेकरी इलाके तक पहुंची थी। वहां बौद्ध विहार कॉलोनी के एक ही पते से करीब 30 पासपोर्ट जारी हुए थे। इसके बाद जांच भोपाल के मठ तक पहुंची। यहां भी एक ही पते पर 40 पासपोर्ट जारी होने का पता चला।



ये सभी पासपोर्ट 2021 से 2023 के बीच बनवाए गए थे। एसटीएफ को भोपाल और डबरा मिलाकर अब तक 70 से ज्यादा संदिग्ध पासपोर्ट की जानकारी मिल चुकी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पांच सदस्यीय टीम असम भेजी गई है।



बौद्ध अनुयायी बनकर विदेश यात्राएं

जांच में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। फर्जी पासपोर्ट हासिल करने वाले कुछ लोग खुद को बौद्ध अनुयायी बताते थे। इसी पहचान के सहारे वे विदेश यात्राएं करते थे। एसटीएफ को इनके थाईलैंड, मलेशिया, चीन, श्रीलंका और जापान जाने के सुराग मिले हैं।



अब जांच एजेंसी यह पता लगा रही है कि इन यात्राओं का मकसद क्या था। यह सिर्फ फर्जी पहचान का दुरुपयोग था या इसके पीछे कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क भी सक्रिय है।



सत्यापन प्रक्रिया पर उठे सवाल

एक ही पते से दर्जनों पासपोर्ट जारी होना गंभीर सवाल खड़े करता है। सामान्य तौर पर पुलिस सत्यापन में ऐसी गड़बड़ी पकड़ में आनी चाहिए थी। लेकिन यहां सालों तक यह मामला दबा रहा।



एसटीएफ अब यह जांच कर रही है कि सत्यापन प्रक्रिया में चूक कहां हुई। इसमें शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में है। अगर लापरवाही या मिलीभगत साबित हुई तो आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।



आगे की कार्रवाई

एसपी एसटीएफ राहुल लोढ़ा के मुताबिक आरोपियों से पूछताछ जारी है। पूछताछ के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। असम गई टीम की रिपोर्ट के बाद मामले में और खुलासे हो सकते हैं।



यह मामला सिर्फ फर्जी दस्तावेजों तक सीमित नहीं दिखता। इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पहलू भी जुड़े हो सकते हैं। इसलिए जांच एजेंसियां इसे गंभीरता से ले रही हैं।



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