राजधानी के आस-पास बनेगी नई टाउनशिप, मेट्रोपॉलिटन रीजन में तेजी से होगा विकास!
MP News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन (Bhopal Metropolitan Region) की योजनाओं में अब एक बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। पहले यह पूरा कार्य केवल भोपाल विकास प्राधिकरण (BDA) द्वारा ही किया जा रहा था, लेकिन बीडीए की वित्तीय और तकनीकी स्थिति को देखते हुए शासन ने निर्णय लिया है कि अब इसमें अन्य एजेंसियों को भी शामिल किया जाएगा। इसमें टीएंडसीपी (Town and Country Planning), हाउसिंग बोर्ड और पीडब्ल्यूडी (Public Works Department) को शामिल किया गया है, ताकि योजना को बेहतर तरीके से लागू किया जा सके।
मेट्रोपॉलिटन रीजन की प्लानिंग
सड़कों की योजना और चौड़ाई
पीडब्ल्यूडी को भोपाल से जुड़े अन्य जिलों में करीब 600 किलोमीटर लंबी सड़कों की योजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इन सड़कों की औसत चौड़ाई 24 मीटर होगी, ताकि यातायात की सुगमता बढ़ाई जा सके। इसके बाद, संबंधित जिलों के विभागों को यह सुनिश्चित करना होगा कि सड़कों का निर्माण और विस्तार कब और कहां तक किया जाए।
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शासन का निर्देश
गौरतलब है कि बीडीए (BDA Bhopal) ने मेट्रोपॉलिटन रीजन की योजना को अपनी ओर से तैयार किया था, लेकिन शासन स्तर पर इसकी शिकायत की गई थी कि बीडीए ने इस मामले में बजट को पारदर्शी रूप से नहीं दिखाया। इसके बाद शासन ने सीईओ श्यामबीर सिंह और उनकी टीम को यह निर्देश दिया कि वे पूरी योजना को जन-प्रतिनिधियों के साथ बैठकर तैयार करें।
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योजना का समग्र दृष्टिकोण
शहरी आवास एवं विकास विभाग के पीएस संजय शुक्ला का कहना है कि मेट्रोपॉलिटन रीजन की योजना को किसी एक एजेंसी के तहत नहीं रखा जाएगा। इसके बजाय, विभिन्न एजेंसियों के साथ समग्र रूप से काम किया जाएगा, ताकि सभी पक्षों को समान लाभ मिल सके।
FAQ
- 1. मेट्रोपॉलिटन रीजन की नई योजना में कौन-कौन सी एजेंसियां शामिल हैं?
नई योजना में बीडीए के अलावा टीएंडसीपी, हाउसिंग बोर्ड और पीडब्ल्यूडी भी शामिल हैं। इन एजेंसियों को अलग-अलग कार्य सौंपे गए हैं, जैसे कि प्लानिंग, निर्माण और सड़कों की योजना बनाना। - 2. मेट्रोपॉलिटन रीजन की योजना में 2000 हेक्टेयर भूमि का क्या उपयोग होगा?
2000 हेक्टेयर भूमि को भोपाल के आसपास के जिलों से निकाला जाएगा, और इसे भोपाल की बढ़ती आबादी को बसाने के लिए एक नई टाउनशिप के रूप में विकसित किया जाएगा। - 3. पीडब्ल्यूडी को क्या कार्य सौंपा गया है?
पीडब्ल्यूडी को भोपाल से जुड़े जिलों में सड़कों की योजना बनाने का निर्देश दिया गया है। यह सड़कों की औसत चौड़ाई 24 मीटर करने की योजना है।
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