दूध में डिटर्जेंट मिलाकर 20 हजार लीटर सप्लाई, रोजाना आप तक पहुंच रहा ये सफेद जहर

Aman Vaishnav | Aug 09, 2026, 09:16 IST
भोपाल में दूध डेयरी पर सैंपल में डिटर्जेंट
भोपाल में एक दूध डेयरी पर सैंपल में डिटर्जेंट की मिलावट पाई गई है। रिपोर्ट आने के बाद डेयरी का लाइसेंस तुरंत रद्द कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि यहां से करीब 20 हजार लीटर दूध सप्लाई होता है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • भोपाल में दूध के नमूने में डिटर्जेंट मिला है।
  • यह मामला श्यामपुर की नन्हे चाचा दूध डेयरी से जुड़ा है।
  • खाद्य विभाग ने 27 जुलाई को नमूना जांच के लिए भेजा था।
  • रिपोर्ट आने के बाद डेयरी का लाइसेंस रद्द कर दिया गया।
  • अब सप्लाई चेन के अन्य नमूनों की भी जांच होगी।

पहली बार मिली पुष्टि

बता दें कि राजधानी भोपाल में इस तरह का यह पहला मामला है। यहां दूध के नमूने में सीधे डिटर्जेंट मिला है। इससे पहले मिलावट की शिकायतें आती रही थीं। लेकिन जांच में डिटर्जेंट की पुष्टि पहली बार हुई है।



जानकारी के अनुसार खाद्य सुरक्षा विभाग ने 27 जुलाई को श्यामपुर की नन्हे चाचा दूध डेयरी से नमूना लिया था। यह नमूना जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भोपाल भेजा गया। करीब 11 दिन बाद शनिवार (08 अगस्त) को रिपोर्ट आई।



रिपोर्ट में साफ हुआ कि दूध में डिटर्जेंट मिलाया गया था। इसके तुरंत बाद विभाग ने डेयरी का फूड लाइसेंस निरस्त कर दिया।



डेयरी संचालक ने क्या बताया

दुकान संचालक मोहम्मद फरहान ने विभाग को अपना बयान दिया। उन्होंने बताया कि यह दूध रोज सीहोर जिले के श्यामपुर से आता है। यानी मिलावट (दूध में मिलावट का मामला) सप्लाई चेन में कहीं और भी हो सकती है।



इस बयान के बाद विभाग की चिंता और बढ़ गई। अधिकारियों को लगता है कि यह अकेली डेयरी का मामला नहीं है। इसलिए पूरी सप्लाई चेन पर नजर रखी जाएगी।



श्यामपुर में भी जांच शुरू

एहतियात के तौर पर विभाग ने श्यामपुर में भी टीम भेजी है। यह टीम वहां की डेयरियों की जांच करेगी। अधिकारियों का कहना है कि सप्लाई चेन के साथ अन्य नमूने भी लिए जाएंगे।



मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिवराज पावक के अनुसार, पिछले एक सप्ताह से विशेष सैंपलिंग अभियान चल रहा है। इसमें दूध, दही, घी और पनीर के नमूने लिए जा रहे हैं। इसी अभियान के तहत नन्हे चाचा डेयरी का नमूना लिया गया था।



रोज 20 हजार लीटर दूध की सप्लाई

खाद्य विभाग के अनुसार भोपाल की कई डेयरियों को सीहोर के श्यामपुर क्षेत्र से दूध मिलता है। यहां से रोज करीब 20 हजार लीटर दूध भोपाल पहुंचता है।



इसी वजह से विभाग अब इस पूरे रूट पर नजर रखेगा। इस रूट से आने वाले दूध की सघन सैंपलिंग की जाएगी। मकसद है मिलावट का असली स्रोत पता लगाना।



bhopal-milk-adulteration-detergent-found


दूध में ऐसी मिलावट होती है

विशेषज्ञों के अनुसार नकली दूध देखने में असली जैसा ही लगता है। लेकिन इसमें डिटर्जेंट के अलावा पाम ऑयल और यूरिया भी मिलाया जाता है। कुछ अन्य रासायनिक पदार्थ भी इस्तेमाल होते हैं।



इन चीजों से दूध में सफेदी और झाग आ जाता है। दूध गाढ़ा भी दिखने लगता है। पहली नजर में यह असली दूध जैसा लगता है। लेकिन सेहत के लिए यह बेहद खतरनाक हो सकता है।



कोर्ट में चलेगा मामला

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने इसे स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बताया है। इस मामले में जिला न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया जाएगा।



दोष सिद्ध होने पर आरोपी को छह महीने तक की सजा हो सकती है। यह प्रावधान खाद्य सुरक्षा कानून के तहत है। विभाग का कहना है कि जांच पूरी होने तक कार्रवाई जारी रहेगी।



ये खबरें भी पढ़िए...

डाबर के बाद अब फॉर्च्यून, पेप्सिको और रेड बुल की बारी, FSSAI ने इसपर लगाया जुर्माना



FSSAI ने डाबर प्रोडक्ट की बिक्री पर लगाई रोक, ग्राहकों को कर रहे थे भ्रमित



अमिताभ बच्चन जिस गोवर्धन घी की करते हैं ब्रांडिंग, वो जांच में निकला अनसेफ, इंदौर में जब्त



सेहत से खिलवाड़: MP में बेखौफ घूम रहे मिलावटखोर, कहां अटका 109 करोड़ का बजट



Tags:
  • राजधानी भोपाल
  • दूध में मिलावट का मामला
  • जिला न्यायालय
  • खाद्य सुरक्षा विभाग
  • दूध में मिलावट