भोपाल प्रॉपर्टी रेट बढ़ोतरी: 740 इलाकों में जमीन-मकान की कीमतें बढ़ेंगी, 140% तक महंगी हो सकती है प्रॉपर्टी

Pawan Modiya | Mar 23, 2026, 23:43 IST
Photograph: (the sootr)
भोपाल में प्रॉपर्टी रेट बढ़ोतरी का प्रस्ताव। 740 इलाकों में कलेक्टर गाइडलाइन के तहत जमीन-मकान की कीमतें 5% से 140% तक बढ़ सकती हैं। प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय 26 मार्च को केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड द्वारा लिया जाएगा।

मध्य प्रदेश की राजधानी Bhopal में आने वाले वित्तीय वर्ष 2026-27 में घर बनाना और जमीन खरीदना महंगा हो सकता है। जिला मूल्यांकन समिति ने पंजीयन विभाग द्वारा तैयार किए गए कलेक्टर गाइडलाइन (कलेक्टर गाइडलाइन रेट) के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।



इस प्रस्ताव के अनुसार शहर के करीब 740 स्थानों पर प्रॉपर्टी की दरों (भोपाल प्रॉपर्टी रेट) में वृद्धि (Property Rate Increase) का प्रस्ताव रखा गया है। कई इलाकों में यह वृद्धि 5 प्रतिशत से लेकर 140 प्रतिशत तक हो सकती है।



जिला मूल्यांकन समिति की बैठक के बाद यह प्रस्ताव अंतिम निर्णय के लिए केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेज दिया गया है। इस प्रस्ताव पर 26 मार्च को अंतिम फैसला लिया जाएगा। यदि इसे मंजूरी मिलती है तो भोपाल में जमीन और मकान खरीदने वालों को पहले की तुलना में ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है।



740 स्थानों पर बढ़ेंगी प्रॉपर्टी की दरें

जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में पहले 732 स्थानों पर दरें बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया था। लेकिन बाद में आठ नए स्थानों को शामिल करते हुए यह संख्या 740 कर दी गई। इन क्षेत्रों में कई ऐसे इलाके शामिल हैं जहां रियल एस्टेट गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं।



जिन क्षेत्रों में बढ़ सकती हैं कीमतें

इनमें प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं:



  • कोहेफिजा
  • भोजपुर रोड
  • जाटखेड़ी
  • बावड़िया कलां
  • शहर के कई नए विकसित हो रहे रिहायशी इलाके

इन क्षेत्रों में जमीन और मकान की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल सकती है।



मालीपुरा में सबसे ज्यादा 140% बढ़ोतरी का प्रस्ताव

इस प्रस्ताव में सबसे ज्यादा वृद्धि मालीपुरा क्षेत्र में प्रस्तावित की गई है। यहां प्रॉपर्टी की कीमतों में लगभग 140 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया है।



इसके अलावा कई अन्य क्षेत्रों में भी:



  • 50 प्रतिशत
  • 100 प्रतिशत
  • और उससे अधिक

तक दरों में वृद्धि प्रस्तावित की गई है। इसका मतलब है कि अगर प्रस्ताव मंजूर हो जाता है तो इन इलाकों में जमीन खरीदना काफी महंगा हो सकता है।



63 सुझावों पर हुई चर्चा

कलेक्टर कार्यालय में आयोजित बैठक में जनप्रतिनिधियों और आम लोगों से प्राप्त सुझावों पर भी चर्चा की गई।



प्राप्त 63 सुझावों पर विचार करने के बाद समिति ने:



  • 4 सुझाव पूरी तरह स्वीकार किए
  • 34 सुझाव आंशिक रूप से स्वीकार किए
  • 22 सुझावों को अस्वीकार किया

समिति के अनुसार, जिन सुझावों को उचित पाया गया, उनमें संशोधन करते हुए प्रस्ताव में बदलाव किया गया।



किसानों की आपत्ति पर भौंरी में दरें स्थिर

कुछ किसानों ने कृषि भूमि की कीमतों में प्रस्तावित वृद्धि पर आपत्ति दर्ज कराई थी। इन आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए समिति ने भौंरी क्षेत्र में कृषि भूमि की दरों को स्थिर रखने का निर्णय लिया। यहां जमीन की कीमत 3 करोड़ 60 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर ही रखी गई है।



अलार्क रेसीडेंसी में दरों में कमी

कई क्षेत्रों में जहां लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई, वहां समिति ने राहत भी दी है। अलार्क रेसीडेंसी में लगभग 20 लोगों द्वारा दर्ज कराई गई आपत्तियों को स्वीकार करते हुए प्रॉपर्टी दरों में कमी करने का निर्णय लिया गया है।



इसके अलावा कुछ अन्य क्षेत्रों में भी संशोधन किए गए हैं, जिनमें शामिल हैं:



  • मेफेयर कॉलोनी, ग्राम महोली
  • अचारपुरा
  • परवलिया
  • ईंटखेड़ी
  • इमलिया
  • परेवाखेड़ा
  • मनीखेड़ी

इन क्षेत्रों के सुझावों को स्वीकार कर प्रस्ताव में बदलाव किया गया।



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BDA परियोजनाओं को मिलेगा प्रोत्साहन

Bhopal Development Authority की कुछ परियोजनाओं में भी दरों में संशोधन का प्रस्ताव स्वीकार किया गया है। इनमें प्रमुख रूप से रक्षा विहार, ऐरो सिटी जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं में दरों में आंशिक संशोधन इसलिए किया गया है ताकि संपत्तियों की खरीद-फरोख्त को बढ़ावा मिल सके।



जिला कलेक्टर Kaushalendra Vikram Singh ने बताया कि पंजीयन अधिकारियों और समिति के सदस्यों के साथ विस्तृत चर्चा के बाद कई सुझावों को स्वीकार करते हुए प्रस्ताव में संशोधन किया गया है। उन्होंने कहा कि सभी की सहमति के बाद अब इस प्रस्ताव को अंतिम निर्णय के लिए केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेज दिया गया है।



अंतिम निर्णय 26 मार्च को

अब इस पूरे प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय 26 मार्च को केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड द्वारा लिया जाएगा। यदि यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है तो नए वित्तीय वर्ष 2026-27 से भोपाल में प्रॉपर्टी की नई दरें लागू हो जाएंगी।



क्या होती है कलेक्टर गाइडलाइन?

कलेक्टर गाइडलाइन (Collector Guideline Rate) वह न्यूनतम दर होती है, जिस पर किसी भी संपत्ति का पंजीयन (रजिस्ट्री) किया जाता है।सरकार हर साल बाजार की स्थिति को देखते हुए इन दरों में बदलाव करती है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि प्रॉपर्टी का लेनदेन वास्तविक बाजार मूल्य के करीब हो और सरकार को उचित राजस्व प्राप्त हो सके।



क्यों बढ़ाई जाती हैं प्रॉपर्टी की दरें

कलेक्टर गाइडलाइन में वृद्धि के पीछे कई कारण होते हैं:



  • शहर का तेजी से विकास
  • नए आवासीय और व्यावसायिक प्रोजेक्ट
  • बढ़ती आबादी और मांग
  • बुनियादी सुविधाओं का विस्तार

इन्हीं कारणों को देखते हुए भोपाल में कई इलाकों में प्रॉपर्टी की कीमतों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार किया गया है।



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