सीएम मोहन यादव का बड़ा एक्शन, गुना एसपी और सीधी कलेक्टर को तत्काल प्रभाव से हटाया
Pawan Modiya | Mar 22, 2026, 19:15 IST
Photograph: (the sootr)
लापरवाही को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने बड़ा कदम उठाया है। CM ने गुना कैश डील मामले में गुना SP अंकित सोनी ओर औचक निरीक्षण के दौरान मिली शिकायतों के बाद सीधी कलेक्टर Swaroachisha Somvanshi को तत्काल प्रभाव से हटा दिया।
मध्य प्रदेश में गुना कैश डील मामला सामने आने और सीधी में औचक निरीक्षण के दौरान मिली शिकायतों के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बड़ा कदम उठाया है। सीएम ने गुना पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी और सीधी कलेक्टर स्वरोचित सोमवंशी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। इसकी जानकारी खुद उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए दी। गुना में अंकित सोनी की जगह आईपीएस हितिका वासल लेंगी। वे अब तक इंदौर में 15वीं बटालियन में तैनात थीं। राज्य सरकार ने सीधी में भी स्वरोचित सोमवंशी की जगह नई नियुक्ति कर दी। 2013 बैच के IAS विकास मिश्र अब सीधी कलेक्टर होंगे।
सीधी जिले में सीएम ने औचक निरीक्षण के दौरान मिली शिकायतों के आधार पर जिला कलेक्टर स्वरोचित सोमवंशी (Swaroachisha Somvanshi) को तुरंत प्रभाव से पद से हटाने का आदेश दिया है। दरअसल, मुख्यमंत्री शुक्रवार को सीधी जिला मुख्यालय पहुंचे थे। यहां उन्होंने विभिन्न विभागों के कामकाज की समीक्षा की और अधिकारियों से जानकारी ली। इस दौरान उन्हें जनता और जनप्रतिनिधियों की ओर से कई गंभीर शिकायतें मिलीं। जांच और विभागीय समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री को लगा कि प्रशासनिक स्तर पर काम ठीक से नहीं हो रहा है और जरूरी कार्रवाई में लापरवाही बरती जा रही है। इसी वजह से उन्होंने जिला कलेक्टर को हटाने का फैसला लिया।
निरीक्षण के दौरान जिला सहकारी बैंक के कामकाज पर भी सवाल उठे। बैंक की कार्यप्रणाली और मिली शिकायतों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सहकारी बैंक के महाप्रबंधक P. S. Dhanwal को निलंबित करने के निर्देश दिए।
गुना में हुए ताजा घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कड़ा एक्शन लिया। उन्होंने गुना के पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी को भी तत्काल प्रभाव से हटा दिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि जिम्मेदारी के साथ जवाबदेही भी जुड़ी होती है। उन्होंने कहा कि जहां भी अधिकारी काम कर रहे हैं, उन्हें पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ जनता के हित में काम करना चाहिए।
सीएम ने यह भी कहा कि सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार निगरानी कर रही है। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मामला गुना जिले के धरनाबदा थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार19मार्च को रुठियाई चौकी क्षेत्र में पुलिस वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान गुजरात पासिंग की एक स्कॉर्पियो को रोका गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जब गाड़ी की तलाशी ली गई तो उसमें बड़ी मात्रा में नकदी मिली। बताया जा रहा है कि यह रकम करीब एक करोड़के आसपास थी।आरोप है कि इतनी बड़ी रकम मिलने के बावजूद पुलिस ने न तो इसका आधिकारिक रिकॉर्ड बनाया और न ही आयकर विभाग को इसकी जानकारी दी। इसके बजाय कथित तौर पर20लाख रुपएलेकर गाड़ी को छोड़ दिया गया।
यह मामला तब सुर्खियों में आया,जब इस कथित लेन-देन की चर्चा सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। जैसे ही खबर फैली,वरिष्ठ अधिकारियों तक मामला पहुंच गया।इसके बाद क्षेत्र के डीआईजीAmit Sanghiरात में ही गुना पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू की। जांच के शुरुआती चरण में ही कुछ पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई।
जांच के बाद कार्रवाई करते हुए आईजीArvind Saxenaके आदेश पर धरनाबदा थाना प्रभारीPrabhat Katareऔर उनके साथ चार अन्य पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और यदि किसी की भी भूमिका भ्रष्टाचार में पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है कि जिस व्यापारी की स्कॉर्पियो में नकदी मिली थी,वह गुजरात कैडर के एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी का परिचित बताया जा रहा है।कहा जा रहा है कि जब उस अधिकारी की ओर से फोन आया तो स्थानीय पुलिस बैकफुट पर आ गई और मामला दबाने की कोशिश की गई। यहां तक कि कथित तौर पर ली गई घूस की रकम भी वापस कर दी गई। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही किसी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है।
गुना का यह मामला सामने आते ही लोगों को अक्टूबर2025में हुए सिवनी हवाला कांड की याद आ गई। उस समय सिवनी जिले में पुलिस ने एक कार से करीब तीन करोड़ रुपये नकद पकड़े थे।लेकिन रिकॉर्ड में सिर्फ1करोड़45लाख रुपये ही दर्शाए गए। बाकी रकम गायब होने के आरोप लगे थे। इस मामले ने पूरे प्रदेश में हलचल मचा दी थी।
लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने एमपी पुलिस की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं।पहलेसिवनी और अब गुना की घटनाओं ने यह बहस तेज कर दी है कि नकदी से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और निगरानी की व्यवस्था और मजबूत की जानी चाहिए।
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शिकायतों के बाद सीधी कलेक्टर को हटाया
आज सीधी जिला मुख्यालय में आकस्मिक निरीक्षण किया। इसमें जनता एवं जनप्रतिनिधिगणों की शिकायतों, जिला प्रशासन तथा विभिन्न विभागों की विस्तृत समीक्षा एवं फीडबैक के आधार पर जिला कलेक्टर स्वरोचित सोमवंशी को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए हैं।
महाप्रबंधक जिला सहकारी बैंक पीएस…
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) March 22, 2026
निरीक्षण के दौरान जिला सहकारी बैंक के कामकाज पर भी सवाल उठे। बैंक की कार्यप्रणाली और मिली शिकायतों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सहकारी बैंक के महाप्रबंधक P. S. Dhanwal को निलंबित करने के निर्देश दिए।
गुना कैश डील में नपे एसपी अंकित सोनी
गुना जिले में तलाशी में मिली नक़द राशि के प्रकरण में पुलिस अधीक्षक की भूमिका को यथोचित न मानते हुए तत्काल प्रभाव से जिला पुलिस अधीक्षक, गुना अंकित सोनी को हटाने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासनिक शिथिलता, लापरवाही अथवा अनियमितता किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। जवाबदेही…
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) March 22, 2026
सीएम ने यह भी कहा कि सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार निगरानी कर रही है। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी।
क्या है मामला: स्कॉर्पियो से मिला 1 करोड़ कैश,20 लाख लेकर छोड़ा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जब गाड़ी की तलाशी ली गई तो उसमें बड़ी मात्रा में नकदी मिली। बताया जा रहा है कि यह रकम करीब एक करोड़के आसपास थी।आरोप है कि इतनी बड़ी रकम मिलने के बावजूद पुलिस ने न तो इसका आधिकारिक रिकॉर्ड बनाया और न ही आयकर विभाग को इसकी जानकारी दी। इसके बजाय कथित तौर पर20लाख रुपएलेकर गाड़ी को छोड़ दिया गया।
सोशल मीडिया पर मामला वायरल
थाना प्रभारी समेत 5 पुलिसकर्मी निलंबित
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आईपीएस अधिकारी से संबंध की चर्चा
सिवनी हवाला कांड याद आया
पुलिस की साख पर सवाल
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