नो वीआईपी कल्चर! मंत्री-सांसद के वाहनों के कटे चालान, हूटर भी उतरवाए
समझें क्या है पूरा मामला...
- भोपाल के डीबी सिटी चौराहे पर मंगलवार को खास चालानी अभियान चला।
- सीजेएम अग्नीध्र कुमार द्विवेदी ने खुद इसकी कमान संभाली।
- मंत्री, सांसद और अफसरों के वाहन भी इस दौरान नहीं बचे।
- कुल 34 वीआईपी वाहनों के चालान काटे गए।
- वहीं चार घंटे चले इस अभियान में कुल 137 वाहनों पर कार्रवाई हुई।
भोपाल के डीबी सिटी चौराहे पर मंगलवार, 14 जुलाई को यातायात नियमों को लेकर खास सख्ती देखने को मिली। आम दिनों से अलग इस बार आम लोगों के साथ-साथ खास लोगों की गाड़ियों पर भी कार्रवाई हुई।
बता दें कि यह अभियान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अग्नीध्र कुमार द्विवेदी के नेतृत्व में चलाया गया था।
कोर्ट और पुलिस ने मिलकर करीब चार घंटे तक यह संयुक्त कार्रवाई की। इस दौरान नियम तोड़ने वाले वीआईपी और आम लोगों, दोनों के वाहनों पर समान रूप से चालान बनाए गए।
जिला रजिस्ट्रार एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट भारत सिंह रघुवंशी भी इस दौरान मौके पर मौजूद रहे।
मंत्री-सांसद के वाहन भी नहीं बचे
अभियान के दौरान मंत्री, सांसद और अफसरों की गाड़ियों के भी 34 चालान बनाए गए। एक गाड़ी पर सांसद की नेम प्लेट लगी देख मजिस्ट्रेट ने उसे रुकवा लिया। उन्होंने नेम प्लेट और हूटर तुरंत हटाने के निर्देश दिए।
इसी दौरान छिंदवाड़ा महापौर विक्रम अहाके की गाड़ी भी जांच के दायरे में आई। उनकी गाड़ी का भी चालान काटा गया। यह दिखाता है कि अभियान में किसी को छूट नहीं दी गई थी।
वहीं मंत्री विश्वास सारंग के स्टाफ की गाड़ी पर भी हूटर लगा मिला। मजिस्ट्रेट ने यह देखकर गाड़ी को तुरंत रुकवाया। गाड़ी चला रहे ड्राइवर ने कार्रवाई न करने की गुजारिश की, लेकिन पुलिस ने नियम के मुताबिक चालान बना दिया।
हूटर और ब्लैक फिल्म पर सख्ती
इस अभियान का बड़ा फोकस अवैध हूटर और ब्लैक फिल्म लगी गाड़ियों पर रहा। कुल 10 वाहनों से अवैध हूटर हटवाए गए। इसके अलावा 14 वाहनों पर लगी ब्लैक फिल्म हटाकर उनके चालान बनाए गए।
बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों पर भी नजर रखी गई। ऐसे कुल 8 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। यह दिखाता है कि अभियान सिर्फ हूटर या वीआईपी गाड़ियों तक सीमित नहीं था।
तहसीलदार को मिली छूट
चेकिंग के दौरान टीटी नगर की तहसीलदार करुणा दंडोतिया की गाड़ी भी रोकी गई। उनकी गाड़ी पर भी हूटर लगा हुआ था। पुलिस ने पहले उनकी गाड़ी को भी रुकवाया।
तहसीलदार ने अपना सरकारी सर्कुलर दिखाया। इस सर्कुलर में उनके पद के हिसाब से हूटर लगाने की पात्रता स्पष्ट थी। दस्तावेज सही पाए जाने पर पुलिस ने उनके खिलाफ चालानी कार्रवाई नहीं की और उन्हें जाने दिया।
137 चालान, स्पष्ट संदेश
जानकारी के अनुसार चार घंटे चले इस पूरे अभियान में कुल 137 वाहनों के चालान बनाए गए। इसमें आम नागरिकों के साथ-साथ मंत्री, सांसद और अफसरों के वाहन भी शामिल रहे।
प्रशासन का यह कदम यातायात नियमों को लेकर एक स्पष्ट संदेश देता है कि नियम सबके लिए बराबर हैं।
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