बीजेपी विधायक चिंतामणि मालवीय और कांग्रेस की रीना बोरासी विवाद में मंत्री तुलसी सिलावट उलझ गए
मध्यप्रदेश के जल संसाधन मंत्री और सांवेर (इंदौर) से विधायक तुलसीराम सिलावट ने गुरुवार 7 मई को इंदौर में प्रेस कांफ्रेंस की। मुद्दा कांग्रेस के किसान आंदोलन को लेकर था। सिलावट के साथ ग्रामीण जिलाध्यक्ष श्रवण चावड़ा भी थे। लेकिन उनकी बात होने के बाद जब मीडिया के रीना बोरासी और चिंतामणि मालवीय विवाद को लेकर सवाल हुआ तो मंत्री जी कन्फ्यूज हो गए और उन्होंने अजीबोगरीब जवाब दे दिए।
किस तरह से कन्फ्यूज हुए मंत्री जी
सवाल- रीना बोरासी के आरोपों पर चिंतामणि मालवीय ने नोटिस दिया है
मंत्री तुलसी सिलावट- यह कांग्रेस का आपसी मामला है।
(इस पर श्रवणा चावड़ा ने मंत्री को टोका और कहा कि मालवीय जी अपने विधायक है आलोट से)
मंत्री जी- किसने लगाया आरोप, एक बात सुनिए, सही होगा तभी तो आरोप लगाए, इसकी पूरी निष्पक्षता से जांच होगी और सही होगा तो कार्रवाई होगी।
(इस पर बीजेपी नेताओं ने फिर समझाया कि आलोट विधायक मालवीय अपने है)
मंत्रीजीः सुनो, मैं यह कह रहा था कि जो आरोप लगा है। (फिर बीजेपी नेता उन्हें विस्तार से मामला समझाते हैं)
इसके बाद मंत्री जी- आरोप जो लगाए थे वह बेबुनियाद था, चिंतामणि मालवीय ने इसके खिलाफ जो शिकायत की वह सही थी। बस मैं यही तो कह रहा हूं।
मालवीय और बोरासी का विवाद
दरअसल हाल ही में रीना बोरासी ने आरोप लगाए कि विधायक मालवीय ने एक महिला के साथ यौन शोषण किया और घर व जमीन पर कब्जा किया। इसके बाद मालवीय ने उन्हें दस करोड़ का मानहानि नोटिस भेजा है। इसमें कहा गया है कि सात दिन में आरोपों को लेकर सबूत पेश करें नहीं तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राजनीतिक रंजिश के चलते उन्होंने प्रतिष्ठा को धूमिल किया है।
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