बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी की आईपीएस को धमकी - तुम्हारे डैडी में दम हो तो रोक लेना
मध्यप्रदेश के शिवपुरी में इन दिनों सियासी पारा सातवें आसमान पर है। मामला एक सड़क हादसे से शुरू हुआ था।वहीं अब सीधे तौर पर सत्ता बनाम खाकी की जंग में तब्दील हो गया है।
बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी,जिन्होंने कुछ दिन पहले नैतिकता की दुहाई दी थी,अब पुलिस अधिकारियों को सरेआम औकात याद दिलाने पर उतर आए हैं।
बदले-बदले से हैं विधायक के तेवर
मामले की शुरुआत 16 अप्रैल को करेरा में हुए एक हादसे से हुई थी। उस वक्त विधायक प्रीतम लोधी के सुर काफी नरम थे। उन्होंने फेसबुक पर पोस्ट लिखकर दावा किया था कि उनके लिए परिवार नहीं, बल्कि जनता सर्वोपरि है।
उन्होंने पुलिस प्रशासन से पीड़ितों को न्याय दिलाने की अपील भी की थी। वहीं, जैसे-जैसे जांच की आंच उनके करीब पहुंची, विधायक की भाषा में न्याय की जगह धमकी ने ले ली।
आईपीएस अफसर को खुली चुनौती: दम हो तो रोक लेना
विधायक की नाराजगी का सीधा निशाना बने हैं एसडीओपी आईपीएस आयुष जाखड़। लोधी ने एक विवादित बयान देते हुए कहा कि एसडीओपी कहता है कि यहां दिख मत जाना। मैं उससे पूछना चाहता हूं कि क्या करेरा तेरे डैडी का है? मेरा बेटा करेरा आएगा भी और चुनाव भी लड़ेगा, तेरे डैडी में दम हो तो रोक लेना।
औकात में रहो - जांच पर सवालिया निशान
विधायक यहीं नहीं रुके, उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा करते हुए अपना इतिहास तक देखने की चेतावनी दे दी। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस ने दबाव बनाने या पक्षपात करने की कोशिश की, तो वे इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे और इसका करारा जवाब देंगे। विधायक का आरोप है कि इस मामले को कांग्रेस की तरह बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है, जबकि हकीकत कुछ और है।
विवादों से पुराना नाता है लोधी परिवार का
यह पहली बार नहीं है जब प्रीतम लोधी या उनका परिवार विवादों के घेरे में आया है। विधायक के बेटे दिनेश लोधी पर 2023 में धमकी देने और 2024 में ग्वालियर में पड़ोसियों पर गाड़ी चढ़ाने जैसे गंभीर आरोप लग चुके हैं। खुद विधायक प्रीतम लोधी का रिकॉर्ड भी साफ नहीं रहा है; उन पर दंगा, मारपीट और हत्या के प्रयास जैसे कई मामले दर्ज हैं। 2022 में तो उन्हें एक विवादित बयान के कारण पार्टी से निष्कासित (Expelled) भी किया गया था, हालांकि चुनाव से ठीक पहले उनकी वापसी हुई थी।
जानें करेरा सड़क हादसे में क्या हुआ था?
भाजपा विधायक प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश ने अपनी कार से सड़क पर चल रहे पांच लोगों को टक्कर मार दी थी। यह घटना इतनी गंभीर थी कि पांच लोगों की जान खतरे में पड़ गई। घायलों को तुरंत उपचार के लिए ले जाया गया था।
पुलिस ने पहले वाहन जब्त किया था। दो दिन पहले दिनेश ने कोर्ट में जुर्माना भरा और गाड़ी छुड़वा ली। उसके बाद उसे एसडीओपी ने फिर से थाने बुलाया था।
टसन के अंदाज में थाने पहुंचा
थाने में पेश होना था तो दिनेश सीधे-सादे तरीके से नहीं आया। वह उसी वाहन को लेकर पहुंचा जिस पर काली फिल्म चढ़ी हुई थी और हूटर भी लगा था। यह दोनों चीजें बिना अनुमति के किसी भी निजी गाड़ी पर नहीं लगाई जा सकतीं।
थाने के बाहर खड़े होकर उसका रवैया भी टसर वाला ही रहा। पांच लोगों की जिंदगी से खेलने वाले दिनेश को कोई पछतावा नहीं था। पुलिस ने इस पर भी सख्त कदम उठाया।
IPS ने लगाई थी फटकार
करैरा एसडीओपी आईपीएस आयुष जाखड़ अधिकारी हैं। उन्होंने दिनेश को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने साफ कहा कि पांच लोगों को टक्कर मारना एक्सीडेंट नहीं बल्कि संगीन मामला है।
डॉ. जाखड़ ने जांच अधिकारी को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दिनेश के खिलाफ दर्ज केस में काली फिल्म और हूटर के अनाधिकृत उपयोग से जुड़ी धाराएं भी जोड़ी जाएं।
पुलिस ने दिनेश की गाड़ी पर लगी काली फिल्म और हूटर को लेकर मौके पर ही चालान काटा था।
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