कानून पास नहीं, क्रेडिट की दौड़: नारी शक्ति पर BJP ने पहले ही बिछा दी चुनावी बिसात
नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद से पास हो चुका है, लेकिन इसके लागू होने से पहले जरूरी संशोधन और प्रक्रियाएं बाकी हैं। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी ने देशभर में “नारी शक्ति वंदन अभियान” शुरू कर माहौल बनाना तेज कर दिया है। महिलाओं को संगठित करने, ट्रेनिंग देने और राजनीतिक रूप से सक्रिय करने की कवायद जारी है। मध्य प्रदेश में भी 33% आरक्षण के साथ आने वाले चुनावों को लेकर जमीन तैयार की जा रही है।
क्या है पूरा मामला
भाजपा नारी शक्ति वंदन अभियान आज 11 अप्रैल से लॉन्च करेगी जो 25 अप्रैल तक चलेगा। इस अभियान का मकसद महिलाओं को बड़े पैमाने पर जोड़ना और उन्हें चुनावी रूप से तैयार करना है।
कानून पास हो चुका है, लेकिन उसके लागू होने से पहले ही पार्टी ने सियासी फायदा उठाने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है।
किन महिलाओं को जोड़ा जा रहा
इस अभियान में सिर्फ सामान्य कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि अलग-अलग क्षेत्रों की प्रभावशाली महिलाओं को जोड़ा जा रहा है। वकील, डॉक्टर, इंजीनियर जैसी प्रोफेशनल महिलाओं और बड़े स्तर पर NGO चलाने वाली महिलाओं को जोड़ा जा रहा है।
साथ ही सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय चेहरे, शहर से गांव तक मजबूत महिला नेटवर्क, इनके जरिए भाजपा जमीनी स्तर पर अपना महिला कैडर मजबूत कर रही है।
MP में क्यों अहम है यह रणनीति
मध्य प्रदेश में आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव 33% महिला आरक्षण के नए समीकरण के साथ हो सकते हैं। इससे बड़ी संख्या में महिला उम्मीदवारों की एंट्री, पुराने राजनीतिक समीकरणों में बदलाव और टिकट वितरण में नए चेहरे से इसका असर साफ दिखेगा। भाजपा इस बदलाव से पहले ही अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी है।
सीटों और रिजर्वेशन पर बड़ा प्लान
सूत्रों के मुताबिक आगे कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं-
- लोकसभा और विधानसभा सीटों में बढ़ोतरी की चर्चा।
- नए परिसीमन के बाद सीटों का पुनर्गठन।
- SC, ST और सामान्य वर्ग- सभी में महिला आरक्षण लागू।
- चुनावी गणित पूरी तरह बदलने की तैयारी।
यानी सिर्फ आरक्षण नहीं, बल्कि पूरी सियासी तस्वीर बदलने की भूमिका तैयार हो रही है।
संसद और संशोधन की स्थिति
नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद से पारित हो चुका है अब इसके लागू होने से पहले परिसीमन और अन्य संवैधानिक जरूरी प्रक्रियाओं के बाद आरक्षण जमीन पर लागू होगा। इसके बावजूद भाजपा ने इसे महिला सशक्तिकरण का ऐतिहासिक कदम बताकर प्रचार तेज कर दिया है।
संगठन स्तर पर क्या चल रहा
दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में इसको लेकर बड़ी बैठक हो चुकी है, जिसमें मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी शामिल हुए।
बैठक में क्या क्या हुआ...
- नारी शक्ति अभियान की गाइडलाइन तय हुई।
- ट्रेनिंग मॉड्यूल तैयार किए गए।
- राज्यों को टारगेट और जिम्मेदारियां दी गईं।
अब देशभर में जमीनी स्तर पर कार्यक्रम भी शुरू हो चुके हैं।
राजनीतिक संदेश क्या है
भाजपा इस अभियान के जरिए साफ संदेश देना चाहती है कि महिलाओं को 33% आरक्षण का सबसे बड़ा राजनीतिक लाभ उसी की देन है। हालांकि, विपक्ष इसे क्रेडिट लेने की जल्दी बताकर सवाल उठा सकता है, क्योंकि कानून लागू होने में अभी वक्त और प्रक्रियाएं बाकी हैं।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम पास हो चुका है, लेकिन लागू होने से पहले ही भाजपा ने इसे चुनावी रणनीति में बदल दिया है। अब देखना होगा कि यह तैयारी महिलाओं की वास्तविक भागीदारी बढ़ाएगी या फिर सिर्फ राजनीतिक बढ़त का एक और हथियार साबित होगी।
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