नितिन नवीन के आयोजन से क्यों छंटी भीड़, राहुल में क्यों आए युवा, भोपाल ले रहा रिपोर्ट
इंदौर में दो बड़े आयोजन हुए। पहला 17 सितंबर को पीएम नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर शासन की महत्वाकांक्षी स्वामित्व अधिकार योजना का उद्घाटन। इसमें खुद बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन मौजूद रहे। वहीं दो दिन बाद 19 सितंबर को लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का छात्रों की गूंज का आयोजन।
इन दोनों ही मामलों में भोपाल में जमकर हलचल है और सभी अधिकारियों से इस मामले को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है कि आखिर कहां पर चूक की गई है। खासकर नवीन के आयोजन को लेकर क्या चूक हुई, जबकि शासन-प्रशासन का पूरा अमला और पार्टी खुद लगी थी।
नवीन के आयोजन का यह वीडियो आया
राहुल गांधी के आयोजन में भीड़ होने के बाद अब नवीन के आयोजन का वीडियो वायरल हुआ है। इसमें पंडाल खाली नजर आ रहा है और पीछे कुर्सियां खाली पड़ी हैं। वहीं उस समय मंच पर नवीन उद्बोधन देते हुए नजर आ रहे हैं।
नवीन के आयोजन में हुआ यह
द सूत्र ने आयोजन से जुड़े कई लोगों से बात की तो इसमें बड़ी रोचक बात सामने आई कि खुद बीजेपी नेताओं ने ही स्वागत रोड शो के बाद दूरी बना ली। इस रोड शो में करीब 100 मंच बने थे और हर नेता-पार्षद अपने साथ समर्थक लेकर आया था। लेकिन रोड शो में चेहरा दिखाने के बाद कई नेता गायब हो गए और उनके साथ समर्थक भी चले गए। सके चलते आठ से दस हजार की भीड़ पहले ही गायब हो चुकी थी।
वहीं यह बात भी सामने आई कि आयोजन के लिए ग्रामीण क्षेत्रों से जो लोग लाए गए थे, उनसे कई जगह यह कहा गया कि आयोजन में पीएम नरेंद्र मोदी भी आ रहे हैं और भी कई बड़े नेता आ रहे हैं। वहीं, जब पीएम नरेंद्र मोदी नहीं दिखे तो कई ग्रामीण नाराज दिखे और कार्यक्रम से हट गए।
ग्रामीणों को बसों में लेकर आए थे, लेकिन वे 11-12 बजे ही आ गए और कार्यक्रम काफी देर बाद करीब साढ़े तीन-चार बजे शुरू हुआ। रोड शो में देरी हो गई। इसके चलते भीड़ छंटी।
वहीं आयोजन स्थल पर तीन डोम थे। इनमें मंच के सामने वाले डोम में तो भीड़ थी, लेकिन दाएं और बाएं वाले डोम में कुर्सियां खाली थीं। वहीं बीच वाले डोम में भी सीएम डॉ. मोहन यादव के बोलने तक तो भीड़ ठहरी रही लेकिन बाद में धीरे-धीरे गायब हो गई।
राहुल गांधी के आयोजन में क्या हुआ
वहीं समस्या यह भी हो गई है कि नवीन के आयोजन के दो दिन बाद ही राहुल गांधी का आयोजन हुआ। ऐसे में सोशल मीडिया पर दोनों वीडियो की जमकर तुलना हो रही है।
राहुल के आयोजन में अधिक भीड़ के आने का मुख्य कारण तो खुद बीजेपी और अधिकारी ही रहे। इसके लिए पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने तो औपचारिक रूप से धन्यवाद भी दिया। कारण रहा कि लगातार आयोजन की मंजूरी को लेकर खबरें चलती रहीं। वहीं बीजेपी नेता भी बयानबाजी करते रहे और उन्होंने ही कार्यक्रम को जमकर हाईप्रोफाइल बना दिया।
वहीं राहुल का कार्यक्रम युवाओं पर आधारित था। वे खुद आए और खासकर जिस क्षेत्र में हुआ वह युवाओं से भरा हुआ है। बीते कुछ सालों से मप्र में युवा भर्ती, नियुक्ति संबंधी समस्याओं से परेशान भी हैं। ऐसे में युवा जमकर आए।
राहुल के आयोजन में सिंगल डोम था, वहीं नवीन के आयोजन में तीन डोम थे। सिंगल डोम के चलते भीड़ जमकर दिखी और पूरा डोम भर गया था। बाहर भी युवा मौजूद थे।
भोपाल बना रहा है दोनों आयोजनों पर रिपोर्ट
सूत्रों के अनुसार बीते सप्ताह दोनों आयोजनों को लेकर बीजेपी से लेकर भोपाल के उच्च अधिकारी स्तर तक हलचल है। इंदौर से लगातार अधिकारियों और इंटेलिजेंस से बात की जा रही है और इसके कारण तलाशे जा रहे हैं। चिंता का मुख्य बिंदु यह है कि क्या युवा कांग्रेस की ओर शिफ्ट तो नहीं हो रहे हैं। आखिर चूक कहां पर हुई, क्या स्थानीय अधिकारियों से चूक की गई या पार्टी स्तर पर गलती हुई। इन सभी वजहों को तलाशा जा रहा है। इसी के हिसाब से बीजेपी आगे की रणनीति बनाएगी।
ये खबरें भी पढ़िए...
राहुल गांधी के छात्रों की गूंज के बाद दिग्विजय सिंह ने बीजेपी का क्यों किया धन्यवाद?
राहुल गांधी के छात्रों की गूंज को बीजेपी, निगम, प्रशासन, पुलिस ने ही बनाया महाआयोजन
राहुल गांधी के छात्रों की गूंज को बीजेपी ने बताया झूठ, स्क्रिप्टेड था कार्यक्रम
राहुल गांधी के छात्रों की गूंज पर संकट: कांग्रेस को आईडीए ने थमाया एक और नोटिस