बीजेपी युवा मोर्चा में इंदौर के दावेदार कार डील शिकायत से हुए बाहर, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पड़े भारी

Sanjay Gupta | Apr 03, 2026, 11:12 IST
bjp yuva morcha new team indore candidates controversy kailash vijayvargiya
भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा (BJYM) की नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा होते ही इंदौर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। धनबल और कार डील की शिकायतों ने कई दिग्गजों का पत्ता काट दिया है।

News In Short

  • बीजेपी युवा मोर्चा की नई टीम घोषित हुई है।
  • इंदौर के कई दावेदार बाहर कर दिए गए हैं।
  • धनबल की शिकायतों ने बड़ी भूमिका निभाई है।
  • कुछ नामों पर गंभीर आरोप भी लगे।
  • अब संगठन के लोगों को मौका मिला है।

News In Detail

बीजेपी युवा मोर्चा की नई कार्यकारिणी ने चौंका दिया है। इंदौर के कई मजबूत दावेदार इस बार बाहर रह गए हैं। बीजेपी युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर ने देर रात प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा कर दी। इसमें इंदौर से आधा दर्जन मजबूत दावेदार थे।



इनमें से धनबल के चलते जो आगे आ रहे थे, उन सभी के पर कतरे गए। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के पास इंदौर के कई दावेदारों की शिकायतें पहुंच गई थीं। इसमें एक दावेदार से कार की डील होने तक की शिकायत पहुंची थी। इसके बाद उनकी मजबूत दावेदारी भी खारिज कर दी गई और उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।



इंदौर से इन्हें मिली जिम्मेदारी

इंदौर से उपाध्यक्ष पद पर विवेक शर्मा आए हैं, वहीं मंत्री जैसे अहम पद पर घनश्याम सिंह को लिया गया है। सह कोषाध्यक्ष पद पर अंकित रावल और अमन यादव हैं। वहीं सोशल मीडिया सह प्रभारी पद पर नयन दुबे को लिया गया है। नीति व शोध सह प्रभारी पद पर स्नीग्धा मौर्य, प्रशिक्षण प्रभारी पद पर भावेश दवे और लीगल कनेक्ट प्रभारी की जिम्मेदारी आशीष हार्डिया को दी गई है। महू से अक्षत शर्मा को नमो ऐप सह प्रभारी बनाया गया है।



घनश्याम और विवेक कैसे आए आगे?

उपाध्यक्ष और मंत्री पद के लिए सबसे आगे नयन दुबे थे। दुबे को महापौर पुष्यमित्र भार्गव और प्रदेश मंत्री गौरव रणदिवे, दोनों का सपोर्ट था। लेकिन ऐन वक्त पर इस दौड़ में विवेक शर्मा आगे आ गए। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विवेक को सपोर्ट किया और वीटो लगा दिया।



इसके चलते विवेक को उपाध्यक्ष पद मिल गया और नयन दुबे पिछड़ गए। उधर, एबीवीपी (ABVP) की ओर से घनश्याम सिंह का नाम मजबूती से था, उनके पुराने संगठन अनुभव को देखते हुए घनश्याम को संगठन मंत्री जैसा अहम पद दिया गया। इसमें दुबे को सबसे बड़ा झटका लगा है, वह तो बड़े पद की उम्मीद में इंदौर विधानसभा चार में बड़े आयोजन की तैयारी में ही जुट गए थे।



ये धनबल वाले हो गए बाहर

वहीं धनबल के चलते जो दावेदारी में मजबूती से थे, वे सभी बाहर हो गए। इसमें धीरज सिंह ठाकुर, अक्षत चौधरी और अक्षांशु तिवारी जैसे नाम थे। इनके पास बैकअप भी मजबूत था, लेकिन अन्य दावेदारों ने इन्हें लेकर कई तरह की शिकायतें सीधे हेमंत खंडेलवाल तक पहुंचा दीं।



एक दावेदार को लेकर तो शिकायत बताई गई कि उनकी पद को लेकर कार डील तक हुई है। इन शिकायतों के बाद खंडेलवाल ने कई नामों को लेकर छननी लगा दी और काट दिए गए। इसके बाद संगठन से जुड़े लोगों को आगे लाया गया।



ये खबर भी पढ़िए...



BJP युवा मोर्चा अध्यक्ष श्याम टेलर की नगराध्यक्ष मिश्रा, विधायक गौड़ ने की शिकायत, इंदौर दौरा निरस्त



भाजपा युवा मोर्चा में ‘पुत्र मोह’ की जंग ! दिग्गजों की खींचतान में अटकी कार्यकारिणी, जमीन पर उठे बड़े सवाल



एमपी बीजेपी में बड़े बदलाव: महिला और युवा मोर्चा को मिले नए अध्यक्ष



भाजपा में युवा मोर्चा अध्यक्ष की दौड़ तेज, महिला और अल्पसंख्यक मोर्चा में दावेदार गायब



Tags:
  • मंत्री कैलाश विजयवर्गीय
  • महापौर पुष्यमित्र भार्गव
  • बीजेपी युवा मोर्चा
  • हेमंत खंडेलवाल
  • बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल