BRICS Summit: एमपी में सजेगा ब्रिक्स देशों का जमावड़ा, मेजबानी के लिए इस शहर को चुना गया
मध्य प्रदेश के लिए एक बार फिर गौरव का क्षण आ रहा है। भारत की अगुआई में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit) की तैयारी अब इंदौर में शुरू हो गई है। दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं वाले इस ताकतवर समूह ने अपनी खास मीटिंग के लिए इंदौर को चुना है। यहां ब्रिक्स देशों के कृषि कार्य समूह की एक बेहद अहम बैठक होने वाली है।
दुनिया के 11 देशों के कृषि मंत्री जुटेंगे इंदौर में
जून का महीना इंदौर के लिए बेहद खास होने वाला है। यह बैठक 12 और 13 जून को आयोजित होने वाली है। इस हाई-प्रोफाइल बैठक में 11 देशों के कृषि मंत्री शामिल होंगे।इस अंतरराष्ट्रीय समागम (International Gathering) में खेती-किसानी के भविष्य, खाद्य सुरक्षा और आधुनिक तकनीकों पर मंथन होगा।
मंत्रियों की इस मुख्य बैठक से पहले 9 से 11 जून तक सीनियर ऑफिसर्स की तीन दिवसीय बैठक होगी, जिसमें चर्चा का एजेंडा तैयार किया जाएगा।
ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर बन सकता है गवाह
प्रशासनिक गलियारों से मिल रही जानकारी के मुताबिक, इस समिट के लिए इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर को आयोजन स्थल के रूप में लगभग तय माना जा रहा है। इसका कारण यहां पहले भी प्रवासी भारतीय सम्मेलन, जी-20 और यूरेशियन समिट जैसे बड़े आयोजनों का सफल होना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर कृषि विभाग के अफसर आयोजन की तैयारियों और जगह के अंतिम चयन में पूरी मुस्तैदी से जुटे हुए हैं।
शिवराज सिंह चौहान ने लगाई इंदौर के नाम पर मुहर
दिलचस्प बात यह है कि इस प्रतिष्ठित बैठक की मेजबानी के लिए जगह का चुनाव करना एक बड़ी चुनौती थी। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश के प्रति अपने लगाव और इंदौर की विश्वस्तरीय सुविधाओं को देखते हुए इस बैठक को यहां कराने का निर्णय लिया। पिछले महीने दिल्ली के कृषि भवन में हुई एक बैठक के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को इस फैसले की जानकारी दी थी।
ब्रिक्स की ताकत और इस साल की खास थीम
ब्रिक्स समूह कोई छोटा नाम नहीं है, इसमें दुनिया की 45 फीसदी आबादी और 28 फीसदी वैश्विक अर्थव्यवस्था समाहित है। इस साल का पूरा आयोजन रेजिलिएंस, इनोवेशन, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण की थीम पर आधारित है। भारत से पहले साल 2025 में इसकी मेजबानी ब्राजील ने की थी।
सदस्य देशों का बढ़ता कुनबा
ब्रिक्स की शुरुआत ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका (BRICS) जैसे संस्थापक देशों से हुई थी। लेकिन अब यह परिवार बड़ा हो गया है। साल 2024 और 2025 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया को भी इसका हिस्सा बनाया गया है। अब ये सभी 11 देश मिलकर वैश्विक आर्थिक नीतियों और कृषि सुधारों की दिशा तय करेंगे।
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