एमपी में नकली बीज से करेला फसल तबाह, बीज कंपनी नुन्हेम्स पर FIR
Aman Vaishnav | Apr 17, 2026, 13:39 IST
nunhems bitter gourd seed fraud fir-dhar
मध्यप्रदेश के धार और खरगोन के किसानों की करेला फसल अमानक बीज से बर्बाद हो गई। नुन्हेम्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ मनावर थाने में एफआईआर दर्ज हुई है। रूबासटा किस्म के बीज पर प्रतिबंध के निर्देश भी दिए गए हैं।
News In Short
- धार और खरगोन के किसानों ने नवंबर 2025 में नुन्हेम्स कंपनी के बीज खरीदे थे।
- करेला की फसल में फल छोटे और पीले पड़कर गिरने लगे और उत्पादन चौपट हो गया।
- किसानों ने 17 फरवरी 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी।
- कृषि वैज्ञानिकों ने पाया कि खराब क्वालिटी के बीज को प्रमाणित बताकर बेचा गया था।
- मनावर थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है साथ ही रूबासटा बीज पर बैन के निर्देश दिए गए हैं।
News In Detail
करेले के फल छोटे निकले। पीले पड़ गए। पकने से पहले ही गिरने लगे। किसान समझ नहीं पाए कि आखिर हुआ क्या है। उन्होंने तो वही बीज खरीदे थे जो नर्सरियों और कृषि सेवा केंद्रों पर प्रमाणित बताकर बेचे जा रहे थे।
धीरे- धीरे सच सामने आया
जांच में पाया गया कि जो बीज और रोपे किसानों को दिए गए थे वो खराब क्वालिटी थे। यानी उनकी गुणवत्ता तय मानकों पर खरी नहीं उतरती थी। पर उन्हें प्रमाणित बताकर बेचा गया था। यह किसानों के साथ सीधा धोखा था।
नुन्हेम्स इंडिया पर दर्ज हुई FIR
रूबासटा किस्म पर बैन के निर्देश
किसानों की मांग है कि उन्हें उचित मुआवजा मिले। उनकी पूंजी, मेहनत और जो फसल बर्बाद हुई, उसकी भरपाई हो। अधिकारियों को इस दिशा में काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
बीज धोखाधड़ी की बड़ी कीमत
धार और खरगोन के किसानों के साथ भी यही हुआ। उन्होंने नवंबर में बोया और फरवरी तक इंतजार करते रहे। जब हकीकत सामने आई तब जाकर शिकायत की और अब कानूनी लड़ाई का रास्ता खुला है।
जवाबदेही तय होना जरूरी है
अगर कोई कंपनी अमानक सामग्री को प्रमाणित बताकर बेचती है, तो यह न सिर्फ कानूनी अपराध है, बल्कि एक किसान परिवार की पूरी साल की कमाई छीनने जैसा है।
यह खबर क्यों जरूरी है?
बीज अधिनियम, 1966 और आवश्यक वस्तु अधिनियम जैसे कानून बने तो इसीलिए थे कि किसानों को इस तरह की धोखाधड़ी से बचाया जा सके।
पर जमीन पर इनका पालन कितना होता है, यह मामला उस सवाल को फिर से खड़ा करता है। संवैधानिक दृष्टि से किसान की आजीविका की सुरक्षा राज्य का दायित्व है। सामाजिक नैतिकता के पैमाने पर देखें तो एक कंपनी का झूठा लेबल किसी परिवार की पूरी उम्मीद को मिट्टी में मिला सकता है।
FAQ
- नुन्हेम्स इंडिया के खिलाफ कौन-सी धाराओं में FIR दर्ज हुई है?
मनावर थाना, धार में दर्ज एफआईआर क्रमांक 266 में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318(4) और 324(5), आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 और 7, तथा बीज अधिनियम 1966 की धारा 19 के तहत मामला दर्ज किया गया है। कंपनी पर आरोप है कि उसने अमानक बीज को प्रमाणित बताकर किसानों को बेचा।
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