BRICS Agri Meet: इंदौर में तय होंगे कृषि भविष्य के अहम फैसले

Anjali Dwivedi | Jun 09, 2026, 11:55 IST
brics-agriculture-summit-indore
इंदौर में 9 से 13 जून तक BRICS कृषि सम्मेलन हो रहा है। भारत की अध्यक्षता में आयोजित इस सम्मेलन में करीब 20 देशों के कृषि मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल होंगे, जिनमें ब्रिक्स के सदस्य और साझेदार देश भी शामिल हैं।

BRICS Summit 2026: मध्य प्रदेश के इंदौर में 9 से 13 जून 2026 तक ब्रिक्स कृषि सम्मेलन हो रहा है। इसमें करीब 20 देशों के प्रतिनिधि और कृषि मंत्री हिस्सा ले रहे हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे ऐतिहासिक बताया है। पहली बार यह बैठक सीधे मंत्री स्तर पर हो रही है। सम्मेलन में खाद्य सुरक्षा, छोटे किसान और जलवायु अनुकूलन पर मंथन होगा।



Indore Agriculture Summit


इंदौर बना वैश्विक कूटनीति का केंद्र

मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर इस हफ्ते दुनिया के नक्शे पर एक नई पहचान के साथ खड़ी है। यहां 9 जून से ब्रिक्स कृषि सम्मेलन शुरू हो गया है। इसमें 11 सदस्य देश और 10 साझेदार देश मिलकर करीब 20 देशों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।



भारत इस साल ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस सम्मेलन की मेजबानी इंदौर को मिली है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी पूरी जानकारी दी है।



Shivraj Singh Chouhan


पहली बार मंत्री स्तर पर बड़ा कदम

यह बैठक इसलिए खास है क्योंकि पहली बार ब्रिक्स की कृषि चर्चा सीधे मंत्री स्तर पर हो रही है। इससे पहले यह अधिकारी स्तर तक सीमित रहती थी। इस बदलाव को कृषि कूटनीति के बढ़ते महत्व की निशानी माना जा रहा है।



बैठक से पहले कृषि कार्यसमूह ने चार अलग-अलग दौर में आठ सत्र आयोजित किए। इनमें सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। अब मंत्री स्तर पर अंतिम सहमति बनाई जाएगी।



BRICS Summit


42 फीसदी खेत, 42 फीसदी उत्पादन

ब्रिक्स देशों का कृषि क्षेत्र में दबदबा किसी से छुपा नहीं है। दुनिया की करीब 42 फीसदी कृषि भूमि इन देशों के पास है। वैश्विक कृषि उत्पादन में भी इनकी हिस्सेदारी 42 फीसदी से अधिक है।



दुनिया में करीब 58 करोड़ किसान हैं। इनमें से 70 फीसदी किसान ब्रिक्स देशों में रहते हैं। इनमें से ज्यादातर छोटे और सीमांत किसान हैं। इसीलिए इस सम्मेलन का एजेंडा सीधे उनसे जुड़ा हुआ है।



छोटे किसान पर पूरा ध्यान

शिवराज सिंह चौहान ने साफ कहा कि इस साल की हर नीति और हर फ्रेमवर्क छोटे और सीमांत किसानों के इर्द-गिर्द बनाई गई है। उनके लिए आसान कर्ज, बाजार तक पहुंच और रोजगार को प्राथमिकता दी जाएगी।



12 जून को एक खास मंत्रिस्तरीय संवाद होगा। इसका विषय है, छोटे किसानों, महिलाओं और युवाओं के जरिए भविष्य की खाद्य सुरक्षा। यह महिला और युवाओं को कृषि नीति के केंद्र में लाने की दिशा में बड़ा कदम है।



IMG-20260503-WA000305CI-354420


चार मुद्दों पर होगा मंथन

पांच दिन के इस सम्मेलन में चार मुख्य विषयों पर चर्चा होगी-



  • पहला, खाद्य सुरक्षा, पोषण और टिकाऊ आजीविका।
  • दूसरा, कृषि व्यापार और सीमापार सहयोग।
  • तीसरा, जलवायु अनुकूलन और टिकाऊ खेती। चौथा, नवाचार और डिजिटल बुनियादी ढांचा।

इसके अलावा फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने, मत्स्य पालन, पशुपालन और किसानों के बौद्धिक संपदा अधिकारों पर भी चर्चा होगी।



पांच दिनों का पूरा कार्यक्रम

9 से 11 जून तक कृषि कार्यसमूह की वरिष्ठ अधिकारी बैठक होगी। इसमें मंत्री बैठक के लिए मसौदा तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही 12 और 13 जून को कृषि मंत्रियों की बैठक होगी। इसमें संयुक्त घोषणापत्र पर सहमति बनाई जाएगी।



भारत इससे पहले 2012, 2016 और 2021 में ब्रिक्स की अध्यक्षता कर चुका है। साल 2016 में भारत ने ब्रिक्स कृषि अनुसंधान मंच की शुरुआत की थी।



IMG-20260503-WA0000L186-112276


इंदौर की संस्कृति का भी होगा प्रदर्शन

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को पर्यावरण के नजरिए से यादगार बनाने के लिए इंदौर में एक ब्रिक्स वाटिका बनाई जाएगी। सभी विदेशी मेहमान पौधारोपण में हिस्सा लेंगे। यह साझी पर्यावरणीय जिम्मेदारी का प्रतीक होगा।



विदेशी प्रतिनिधियों के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम भी तैयार किए गए हैं। वे राजवाड़ा महल, छप्पन दुकान और मांडू किले को देखने जाएंगे। इससे मध्यभारत की समृद्ध विरासत की झलक दुनिया के सामने आएगी।



मध्य प्रदेश के लिए गौरव का मौका

मध्य प्रदेश सरकार ने 2026 को कृषि कल्याण वर्ष घोषित किया है। ऐसे में इंदौर में यह सम्मेलन (ब्रिक्स सम्मेलन इंदौर) राज्य के लिए बड़े महत्व का है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह आयोजन राज्य के किसानों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन से निपटने, प्राकृतिक खेती और किसानों की आय बढ़ाने में यह सम्मेलन फायदेमंद साबित होगा।



ब्रिक्स सम्मेलन में कौन से 20 देश शामिल हैं

ब्रिक्स (BRICS) में वर्तमान में 11 पूर्ण सदस्य देश शामिल हैं, जिनमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया शामिल हैं।



इसके अलावा, ब्रिक्स में 10 भागीदार देश भी जुड़े हुए हैं, जिनमें बेलारूस, बोलीविया, क्यूबा, कजाकिस्तान, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम शामिल हैं। ब्रिक्स और उसके विस्तार 'ब्रिक्स प्लस' प्रारूप के तहत कई अन्य देशों के प्रतिनिधि भी शामिल होते हैं।



BRICS Agriculture Summit


FAQ

  1. इंदौर में ब्रिक्स कृषि सम्मेलन कब और कहां हो रहा है?
    यह सम्मेलन 9 से 13 जून 2026 तक इंदौर, मध्यप्रदेश में हो रहा है। 9 से 11 जून को अधिकारी स्तर की बैठक होगी और 12 से 13 जून को कृषि मंत्रियों की बैठक होगी। इसमें लगभग 20 देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
  2. इस सम्मेलन में किन मुद्दों पर चर्चा होगी?
    खाद्य सुरक्षा, छोटे और सीमांत किसानों का सशक्तिकरण, जलवायु अनुकूलन, कृषि व्यापार और डिजिटल तकनीक मुख्य विषय हैं। इसके अलावा फसल कटाई के बाद नुकसान कम करने और किसानों के बौद्धिक संपदा अधिकारों पर भी बात होगी।
  3. ब्रिक्स देशों का कृषि क्षेत्र में कितना योगदान है?
    ब्रिक्स देशों के पास दुनिया की 42 फीसदी कृषि भूमि है और वे वैश्विक कृषि उत्पादन में भी 42 फीसदी से अधिक का योगदान करते हैं। दुनिया के 70 फीसदी किसान इन्हीं देशों में रहते हैं।

ये खबरें भी पढ़ें...



BRICS Summit: एमपी में सजेगा ब्रिक्स देशों का जमावड़ा, मेजबानी के लिए इस शहर को चुना गया



BRICS देशों की जयपुर में होने वाली बैठक स्थगित, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव की वजह से हुआ निर्णय



कितनी संपत्ति की मालकीन हैं कांग्रेस राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन?



किस दिन आएगी लाड़ली बहना योजना की 37वीं किस्त? आ गया अपडेट



Tags:
  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
  • इंदौर
  • मध्य प्रदेश सरकार
  • Brics Summit
  • ब्रिक्स शिखर सम्मेलन
  • केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान
  • ब्रिक्स सम्मेलन इंदौर