इंदौर BRICS कृषि सम्मेलन का दूसरा दिन : 20 देश खाद्य सुरक्षा पर करेंगे चर्चा
समझें क्या है पूरा मामला...
- इंदौर में 9 से 13 जून 2026 तक BRICS कृषि सम्मेलन चल रहा है।
- 20 से ज्यादा देशों के कृषि मंत्री और विशेषज्ञ यहां जुटे हैं।
- सम्मेलन में खाद्य सुरक्षा, जलवायु खेती और किसानों की आय पर चर्चा हो रही है।
- आज दूसरे दिन विदेशी मेहमान राजवाड़ा पैलेस घूमेंगे।
- 13 जून को कृषि मंत्रियों की बैठक के बाद संयुक्त दस्तावेज जारी होगा।
BRICS सम्मेलन का दूसरा दिन
Brics Summit: इंदौर के राजवाड़ा पैलेस में आज सुबह 8 से हेरिटेज वॉक शुरू होगी। विदेशी मेहमान यहां इंदौर की ऐतिहासिक विरासत को करीब से देखेंगे। इसके साथ ग्रामीण हाट बाजार का भ्रमण भी कार्यक्रम में शामिल है।
सुबह 11:30 बजे से संयुक्त घोषणा-पत्र यानी जॉइंट डिक्लेरेशन (Joint Declaration) पर वार्ता शुरू होगी। यह चर्चा तीन सत्रों में होगी और शाम 5:30 बजे तक चलेगी। इसके बाद सदस्य देशों के बीच द्विपक्षीय यानी बाइलेटरल (Bilateral) बैठकें होंगी।
भारत-रूस के बीच अहम बैठक
सम्मेलन के पहले दिन मंगलवार को भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई। इसमें दोनों देशों के बीच कृषि व्यापार बढ़ाने पर बात हुई। तकनीकी सहयोग और खाद्य सुरक्षा के मुद्दे भी चर्चा में रहे।
बैठक में दोनों देशों ने जलवायु अनुकूल खेती पर मिलकर काम करने की सहमति जताई। कृषि अनुसंधान में भी सहयोग बढ़ाने पर राय एक रही।
20 देशों की भागीदारी
इस सम्मेलन में BRICS (Brazil, Russia, India, China, South Africa) के सदस्य देशों के साथ-साथ साझेदार देश भी शामिल हैं। कुल करीब 20 देशों के कृषि मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ इंदौर पहुंचे हैं। यह भारत के लिए कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मौका है।
BRICS एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय समूह है जिसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका मूल सदस्य हैं। हाल के वर्षों में इसमें कई नए सदस्य और साझेदार देश जुड़े हैं।
किन मुद्दों पर हो रही चर्चा
सम्मेलन में खाद्य सुरक्षा और पोषण सबसे प्रमुख विषय है। इसके साथ कृषि व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर भी जोर दिया जा रहा है। जलवायु परिवर्तन के असर से खेती को बचाने के उपाय भी एजेंडे में हैं।
किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक तकनीक अपनाने और छोटे व सीमांत किसानों की चुनौतियों पर खास ध्यान दिया जा रहा है। पशुपालन और मत्स्य पालन से जुड़े मुद्दे भी चर्चा का हिस्सा हैं। कृषि ऋण और बाजार तक किसानों की पहुंच भी इस बार एजेंडे में है।
कार्य समूह की बैठकें 11 जून तक
9 जून से शुरू हुई कृषि कार्य समूह यानी एग्रीकल्चर वर्किंग ग्रुप (Agriculture Working Group) की बैठकें 11 जून तक चलेंगी। इनमें विभिन्न देशों के विशेषज्ञ और अधिकारी भाग ले रहे हैं। ये बैठकें मंत्रिस्तरीय चर्चा की जमीन तैयार करती हैं।
इन बैठकों में महिलाओं और युवाओं की खेती में भूमिका पर भी चर्चा होनी है। डिजिटल तकनीक से खेती को कैसे बेहतर बनाया जाए, यह भी एजेंडे में है।
12 जून को मंत्रिस्तरीय संवाद
शुक्रवार 12 जून को कृषि मंत्रियों के बीच विशेष संवाद होगा। इसमें सुबह 10 बजे से दो सत्रों में बातचीत होगी। दोपहर बाद मेहमान मांडू किले का भ्रमण करेंगे और गाला डिनर में शामिल होंगे।
इस दिन की चर्चा में भविष्य की खाद्य सुरक्षा पर खास जोर रहेगा। छोटे किसानों, महिलाओं और युवाओं की भूमिका को लेकर मंत्री अपने-अपने देशों के अनुभव साझा करेंगे।
13 जून को होगा समापन
सम्मेलन के आखिरी दिन यानी 13 जून को ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की मुख्य बैठक होगी। इसमें कृषि सहयोग, जलवायु परिवर्तन और खाद्य हानि कम करने पर मंथन होगा। बैठक के बाद संयुक्त दस्तावेज जारी किया जाएगा।
यह दस्तावेज आगे की नीतियों की दिशा तय करेगा। इसके अलावा 13 जून को द्विपक्षीय बैठकों का लंबा दौर भी होगा और शाम को समापन डिनर के साथ सम्मेलन खत्म होगा।
मध्यप्रदेश के लिए बड़ा मौका
विशेषज्ञों का कहना है कि इस सम्मेलन से मध्यप्रदेश को वैश्विक पहचान मिलेगी। कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और निर्यात के क्षेत्र में नए रास्ते खुल सकते हैं। निवेश और तकनीकी सहयोग की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
इंदौर जैसे शहर में इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन का होना अपने आप में बड़ी बात है। यह शहर की बुनियादी सुविधाओं और प्रशासनिक क्षमता का भी प्रमाण है।
FAQ
- इंदौर में ब्रिक्स कृषि सम्मेलन कब और कहां हो रहा है?
यह सम्मेलन 9 से 13 जून 2026 तक इंदौर, मध्यप्रदेश में हो रहा है। 9 से 11 जून को अधिकारी स्तर की बैठक होगी और 12 से 13 जून को कृषि मंत्रियों की बैठक होगी। इसमें लगभग 20 देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। - इस सम्मेलन में किन मुद्दों पर चर्चा होगी?
खाद्य सुरक्षा, छोटे और सीमांत किसानों का सशक्तिकरण, जलवायु अनुकूलन, कृषि व्यापार और डिजिटल तकनीक मुख्य विषय हैं। इसके अलावा फसल कटाई के बाद नुकसान कम करने और किसानों के बौद्धिक संपदा अधिकारों पर भी बात होगी। - ब्रिक्स देशों का कृषि क्षेत्र में कितना योगदान है?
ब्रिक्स देशों के पास दुनिया की 42 फीसदी कृषि भूमि है और वे वैश्विक कृषि उत्पादन में भी 42 फीसदी से अधिक का योगदान करते हैं। दुनिया के 70 फीसदी किसान इन्हीं देशों में रहते हैं।
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