BU रैगिंग मामले में छात्र ने दी सुसाइड की दी धमकी ; कहा-सीनियर हॉस्टल में लाते हैं लड़कियां, शराब पीने को करते हैं मजबूर
MP News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) के इंजीनियरिंग संस्थान के हॉस्टल में रैगिंग का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है।
एक बायोटेक छात्र ने यूजीसी की एंटी-रैगिंग हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करवाई है, जिसमें उसने सीनियर छात्रों पर रैगिंग, लड़कियों को लाने और शराब पार्टी जैसी गतिविधियों में लिप्त होने का गंभीर आरोप लगाया है।
इसके अलावा, छात्र ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो वह आत्महत्या जैसा कदम उठा सकता है।
आरोपों को साजिश बताने का दावा
हालांकि, सीनियर छात्रों और कई जूनियर्स ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है। उनका कहना है कि हॉस्टल में नशे का सामान लाना संभव नहीं है, क्योंकि सुरक्षा व्यवस्था काफी मजबूत है।
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सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
छात्र संगठन का कहना है कि विश्वविद्यालय में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत है, लेकिन कैंपस की दीवारें टूटी हुई हैं, जिससे बाहरी लोग अंदर आ सकते हैं। इसलिए प्रबंधन से यह अपेक्षित है कि वह बाउंड्री वॉल की मरम्मत कराएं और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाएं।
दबाव का आरोप
शिकायतकर्ता छात्र ने कहा कि उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। सीनियर छात्र उसे बार-बार अपने ग्रुप में शामिल होने का दबाव बना रहे हैं। इसके अलावा, हॉस्टल में सीनियर्स रात के समय लड़कियों को लाते हैं और शराब पार्टी करते हैं, जिससे वह मानसिक तनाव महसूस कर रहा है।
क्या कहते हैं नियम
- पिछले साल UGC ने यह स्पष्ट किया था कि यदि किसी कॉलेज में रैगिंग की शिकायत करने वाले छात्र को मदद नहीं मिलती, तो छात्र UGC से संपर्क कर सकते हैं।
- रैगिंग रेगुलेशन एक्ट के तहत रैगिंग के दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। रैगिंग के खिलाफ इस कानून में सबसे कठोर सजा दोषी को तीन साल तक सश्रम कारावास हो सकती है।
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