थाने में नहीं हो रही सुनवाई तो सीधे SP तक ऐसे पहुंचाएं अपनी बात, स्कैन करें यह QR Code
समझें क्या है पूरा मामला
- बुरहानपुर पुलिस ने थानों में पीड़ितों की सुनवाई के लिए हाईटेक तरीका निकाला है।
- अब जिले के सभी पुलिस थानों के बाहर विशेष क्यूआर कोड के बोर्ड लगाए गए हैं।
- थाने की पुलिस अगर बात न सुने, तो लोग इस कोड को सीधे स्कैन कर सकते हैं।
- स्कैन करते ही शिकायत सीधे जिले के एसपी और कंट्रोल रूम के पास पहुंच जाएगी।
- इस डिजिटल व्यवस्था से पुलिस के काम में पारदर्शिता और सुधार की उम्मीद है।
आमतौर पर देखा जाता है कि लोग अपनी शिकायत लेकर थानों के चक्कर काटते रहते हैं। कई बार निचले स्तर के पुलिसकर्मियों के अड़ियल रवैये के कारण सुनवाई नहीं होती है।
इस लापरवाही से आम जनता बहुत परेशान होती है और उनका भरोसा खाकी से कम होने लगता है। लोगों की इसी गंभीर समस्या को दूर करने के लिए बुरहानपुर पुलिस ने अनोखा कदम उठाया है।
पुलिस विभाग ने थानों की जवाबदेही तय करने के लिए एक हाईटेक और अनूठा प्रयोग शुरू किया है। अब पुलिस व्यवस्था को पूरी तरह से डिजिटल और पारदर्शी बनाया जा रहा है।
कैसे काम करेगी यह नई डिजिटल व्यवस्था?
इस नई डिजिटल तकनीक का लाभ उठाना आम जनता के लिए बेहद आसान और सीधा है। अगर कोई भी फरियादी थाने की कार्यप्रणाली या पुलिस के व्यवहार से खुश नहीं है।
तो वह अपने स्मार्टफोन से थाने के बाहर लगे विशेष क्यूआर कोड को स्कैन कर सकता है। स्कैन करते ही मोबाइल स्क्रीन पर एक नया और सुरक्षित डिजिटल लिंक खुल जाएगा।
इस लिंक में फरियादी को अपना नाम, पता और शिकायत की पूरी जानकारी भरनी होगी। जैसे ही आप फॉर्म सबमिट करेंगे, यह तुरंत बड़े अधिकारियों के पास पहुंच जाएगा।
सीधे एसपी तक पहुंचेगी आपकी हर शिकायत
यह डिजिटल शिकायत सीधे पुलिस कंट्रोल रूम और जिले के एसपी के पास कंप्यूटर पर दिखेगी। इसके बाद कंट्रोल रूम या खुद वरिष्ठ अधिकारी सीधे उस पीड़ित व्यक्ति से फोन पर बात करेंगे।
वरिष्ठ अधिकारी संबंधित थाने से तालमेल बिठाकर पीड़ित की समस्या का तुरंत समाधान करवाएंगे। इस पूरी व्यवस्था में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि फरियादी पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट हो।
इस सुविधा के चालू होने से अब कोई भी छोटा पुलिसकर्मी किसी गरीब की आवाज नहीं दबा पाएगा। हर छोटी-बड़ी बात सीधे कप्तान की नजर में रहेगी जिससे काम में तेजी आएगी।
कानून व्यवस्था सुधारने में मिलेगी बड़ी मदद
बुरहानपुर के एसपी आशुतोष बागरी ने इस बेहतरीन और आधुनिक पहल के पीछे की सोच बताई। उन्होंने कहा कि कई बार जमीनी स्तर पर छोटी शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया जाता है।
बाद में यही छोटी लापरवाही बड़ी कानून व्यवस्था की समस्या का रूप ले लेती है। इस क्यूआर कोड के माध्यम से हर शिकायत सीधे समय पर बड़े अफसरों के सामने आ जाएगी।
इसके अलावा, आम जनता इस कोड का उपयोग पुलिस विभाग को बेहतर बनाने के लिए भी कर सकती है। लोग इसके जरिए पुलिस को अपने जरूरी और मूल्यवान सुझाव भी भेज सकते हैं।
जनता और समाजसेवियों ने की इस कदम की तारीफ
बुरहानपुर पुलिस के इस आधुनिक और हाईटेक कदम की चौतरफा तारीफ की जा रही है। शहर के आम नागरिकों और समाजसेवियों ने इस डिजिटल पहल का खुलकर स्वागत किया है।
विश्व प्रसिद्ध दरगाह-ए-हकीमी के को-ऑर्डिनेटर और समाजसेवी तफज्जुल हुसैन मुलायमवाला ने इस पर अपनी खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि एसपी आशुतोष बागरी का यह डिजिटल प्रयास वाकई सराहनीय है।
अब थानों में आने वाले पीड़ित चंद मिनटों में अपनी बात बड़े अफसरों तक पहुंचा सकेंगे। यह ऐतिहासिक कदम बुरहानपुर की कम्युनिटी पुलिसिंग को एक नई और बेहतरीन मजबूती प्रदान करेगा।
FAQ
- बुरहानपुर पुलिस द्वारा शुरू की गई इस नई QR Code व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस डिजिटल व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य पुलिसिंग में पारदर्शिता लाना और आम जनता का पुलिस पर भरोसा मजबूत करना है। कई बार थानों में पीड़ितों की सुनवाई नहीं होती है, इसलिए इस तकनीक के जरिए लोग पुलिस की लापरवाही की शिकायत सीधे जिले के बड़े अधिकारियों तक आसानी से पहुंचा सकते हैं। - आम नागरिक क्यूआर कोड का इस्तेमाल कैसे कर सकता है?
इसके लिए पीड़ित को थाने के बाहर लगे बोर्ड पर मौजूद क्यूआर कोड को अपने स्मार्टफोन से स्कैन करना होगा। स्कैन करते ही एक डिजिटल फॉर्म खुलेगा, जहां अपना नाम, मोबाइल नंबर और शिकायत लिखकर सबमिट करना होगा। यह जानकारी तुरंत सीधे पुलिस कंट्रोल रूम और एसपी के पास पहुंच जाएगी।
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