मंत्री कृष्णा गौर के बेटे से हुई लाखों रुपए की ठगी, ऐसे हुआ खुलासा
मध्य प्रदेश में साइबर ठगों ने अब वीआईपी को भी अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है। राजधानी भोपाल से साइबर ठगी का एक हाई प्रोफाइल मामला सामने आया है। मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री कृष्णा गौर के बेटे को निशाना बनाया गया है। आकाश गौर से लेबर सप्लाई का ठेका दिलाने के बहाने 3.19 लाख रुपए की ठगी की गई है।
मंत्री के बेटे को बनाया निशाना
आकाश गौर पूर्व मंत्री दिवंगत बाबूलाल गौर के पोते हैं। उनकी शिकायत पर साइबर क्राइम ब्रांच ने 9 नवंबर को अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है। इस मामले में उनका कहना था कि जालसाज ने महिन्द्रा कंपनी में लेबर सप्लाई और ट्रांसपोर्ट का ठेका दिलाने का झांसा देकर रकम हड़पी है।
ठगों ने DSP साइबर क्राइम की बनाई थी फेक ID
पुलिस कर रही मामले की जांच
साइबर ठगों के झांसे में आए आकाश गौर ने उनके अलग अलग बैंक अकाउंट से राशि ट्रांसफर कर दी। जालसाज के झांसे में फंसने का अहसास होने के बाद आकाश ने अपनी शिकायत1930 नंबर परदर्ज कराई थी। अब साइबर क्राइम ब्रांच की टीम ठगी के हाई प्रोफाइल मामले की जांच कर रही है। हाल में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं और अब ठगों के निशाने पर आम आदमी के साथ-साथ वीआईपी भी हैं।
पुलिस की हिरासत में आरोपी
तकनीकी जानकारी का इस्तेमाल करते हुए पुलिस ने ठग का पता लगाया और उसे गिरफ्तार किया। आरोपी का नाम सैफ अली चौस है, जिसे भोपाल से गिरफ्तार किया गया है। सैफ अली चौस ने साइबर क्राइम के लिए फर्जी मेल आईडी बनाकर बैंक को मेल किया था, ताकि ठगी गई रकम को अवैध तरीके से निकाल सके। साइबर क्राइम पुलिस ने सैफ के खिलाफ IT एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
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