जनगणना 2027 में अब पूछी जाएगी जाति, आधार, वोटर आईडी की जानकारी जरूरी
समझें क्या है पूरा मामला...
- जनगणना 2027: पहली बार जाति से आधार तक पूछे जाएंगे सवाल।
- 40 सवालों में छिपा देश का नया सामाजिक आंकड़ा।
- जनगणना में पहली बार हर जाति की होगी गिनती।
- मोबाइल, बैंक और जाति… जनगणना में क्या-क्या पूछेंगे।
- 2027 की जनगणना बदलेगी देश की तस्वीर, जानिए कैसे।
केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 के लिए 40 सवालों को अधिसूचित कर दिया है। इसमें पहली बार हर व्यक्ति की जाति पूछी जाएगी। पहले सिर्फ अनुसूचित जाति और जनजाति की गिनती होती थी।
अब आधार नंबर, मोबाइल नंबर और बैंक खाते जैसी जानकारी भी ली जाएगी। जनगणना का दूसरा चरण 17 अगस्त से लद्दाख और बर्फीले इलाकों में शुरू होगा। इसके लिए आज 14 अगस्त को नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है।
पहली बार जाति की गिनती
आजाद भारत में यह पहला मौका है, जब सभी जातियों को जनगणना में दर्ज किया जाएगा। सवाल नंबर 10 में लिखा है "अनुसूचित जाति (SC)/अनुसूचित जनजाति (ST)/जाति"। यह एक खुला कॉलम होगा। इसका मतलब है कि गणनाकार वही जाति लिखेगा जो व्यक्ति खुद बताएगा।
इससे पहले जुलाई में इसका पूर्वाभ्यास हुआ था। यह पूर्वाभ्यास 1 जुलाई से 20 जुलाई तक 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हुआ। उस दौरान भी लोगों ने अपनी जाति खुद बताई थी। यही तरीका अंतिम जनगणना में भी अपनाया जाएगा।
किसने जारी की अधिसूचना
भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने यह सवाल अधिसूचित किए हैं। यह अधिसूचना गृह मंत्रालय ने जनगणना अधिनियम 1948 के तहत जारी की है। इसके जरिए जनगणना अधिकारियों को हर घर से जानकारी लेने का अधिकार मिलता है।
कब से शुरू होगी गिनती
जनगणना का दूसरा चरण 17 अगस्त से लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के बर्फीले इलाकों में शुरू होगा। बाकी पूरे देश में यह प्रक्रिया फरवरी 2027 में होगी। इसमें मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ भी शामिल हैं।
किन विषयों पर मिलेगी जानकारी
अधिसूचना के मुताबिक अधिकारी लोगों से 40 तरह की जानकारी जुटाएंगे। इसमें नाम, उम्र, लिंग, वैवाहिक स्थिति, पति या पत्नी का नाम, राष्ट्रीयता, धर्म और जाति जैसी बुनियादी जानकारी शामिल है।
ये रहे 40 सवाल, जो आपसे पूछे जाएंगे...
- व्यक्ति का नाम
- मुखिया से रिश्ता
- लिंग
- जन्मतिथि और उम्र (पूर्ण वर्षों में)
- वर्तमान वैवाहिक स्थिति
- विवाह के समय उम्र (पूर्ण वर्षों में)
- पति/पत्नी का नाम
- घोषित राष्ट्रीयता
- धर्म
- अनुसूचित जाति (SC)/अनुसूचित जनजाति (ST)/जाति
- पिता का विवरण
- माता का विवरण
- दिव्यांगता
- मातृभाषा और अन्य ज्ञात भाषाएं
- साक्षरता और डिजिटल साक्षरता की स्थिति
- शैक्षणिक संस्थान में उपस्थिति की स्थिति
- प्राप्त उच्चतम शिक्षा स्तर और विषय/स्ट्रीम
- पिछले वर्ष के दौरान किसी भी समय काम किया या नहीं
- आर्थिक गतिविधि की श्रेणी
- व्यवसाय
- उद्योग, व्यापार या सेवा की प्रकृति
- कर्मचारी की श्रेणी
- गैर-आर्थिक गतिविधि (मार्जिनल, सेमी-मार्जिनल और नॉन-वर्कर के लिए)
- काम की तलाश या उपलब्धता (मार्जिनल, सेमी-मार्जिनल और नॉन-वर्कर के लिए)
- कार्यस्थल तक आवागमन
- जन्म स्थान
- पिछले निवास का स्थान
- प्रवास का कारण
- पिछले प्रवास के बाद से इस गांव/शहर में रहने की अवधि
- स्थायी निवास पता
- वर्तमान में जीवित बच्चों की संख्या (केवल वर्तमान में विवाहित, विधवा, तलाकशुदा और अलग रह रही महिलाओं के लिए)
- अब तक जन्मे जीवित बच्चों की कुल संख्या (केवल वर्तमान में विवाहित, विधवा, तलाकशुदा और अलग रह रही महिलाओं के लिए)
- पिछले एक वर्ष में जन्मे जीवित बच्चों की संख्या (केवल वर्तमान में विवाहित महिलाओं के लिए)
- कोविड-19 टीकाकरण का स्थान
- कुल बैंक खातों की संख्या
- मोबाइल नंबर (यदि उपलब्ध हो)
- आधार नंबर (यदि उपलब्ध हो)
- वोटर आईडी नंबर (यदि उपलब्ध हो)
- पासपोर्ट नंबर (यदि भारतीय पासपोर्ट धारक हों)
- ड्राइविंग लाइसेंस की उपलब्धता
शिक्षा और रोजगार से जुड़े सवाल
लोगों से साक्षरता, डिजिटल साक्षरता और शिक्षा के स्तर के बारे में भी पूछा जाएगा। मातृभाषा और अन्य भाषाओं की जानकारी भी दर्ज होगी। लोगों से यह भी पूछा जाएगा कि उन्होंने पिछले साल काम किया या नहीं। उनका पेशा, काम की प्रकृति और नौकरी की तलाश जैसी जानकारी भी ली जाएगी। काम पर जाने के तरीके की जानकारी भी शामिल होगी।
प्रवास और परिवार से जुड़ी जानकारी
जन्म स्थान, पिछले निवास स्थान और प्रवास की वजह भी पूछी जाएगी। इसके साथ स्थायी पते की जानकारी भी दर्ज होगी। शादीशुदा, विधवा, तलाकशुदा या अलग रह रही महिलाओं से बच्चों की संख्या भी पूछी जाएगी।
पहचान से जुड़े नए सवाल
इस बार कोविड-19 टीकाकरण की जगह, कुल बैंक खातों की संख्या और पहचान से जुड़ी जानकारी भी मांगी जाएगी। इसमें मोबाइल नंबर, आधार नंबर, वोटर आईडी नंबर, पासपोर्ट नंबर और ड्राइविंग लाइसेंस की जानकारी शामिल है। यह जानकारी तभी ली जाएगी जब व्यक्ति के पास ये दस्तावेज उपलब्ध हों।
पूरी सूची में क्या-क्या शामिल
अधिसूचना में शामिल कुछ प्रमुख सवाल इस प्रकार हैं, व्यक्ति का नाम, परिवार के मुखिया से रिश्ता, लिंग, जन्मतिथि और उम्र। इसके अलावा वैवाहिक स्थिति, धर्म, जाति, माता-पिता का विवरण, दिव्यांगता की स्थिति और भाषा से जुड़ी जानकारी भी दर्ज होगी। शिक्षा, रोजगार, प्रवास और पहचान दस्तावेजों से जुड़े सवाल भी सूची में हैं।
यह जनगणना देश में पहली बार इतने व्यापक स्तर पर डिजिटल पहचान और सामाजिक जानकारी को जोड़ रही है। इससे सरकार को नीति निर्माण में मदद मिल सकती है। हालांकि जाति और निजी जानकारी को लेकर आने वाले समय में सवाल भी उठ सकते हैं।
FAQ
- जनगणना 2027 में जाति क्यों पूछी जा रही है?
यह पहली बार है जब आजाद भारत में जनगणना के दौरान सभी जातियों की गिनती होगी। पहले सिर्फ SC और ST की जाति दर्ज होती थी। अब हर व्यक्ति अपनी जाति खुद बता सकेगा। - जनगणना 2027 कब से शुरू होगी?
जनगणना का दूसरा चरण 17 अगस्त 2026 से लद्दाख और बर्फीले इलाकों में शुरू होगा। बाकी देश में यह फरवरी 2027 में होगी। - जनगणना में कौन-कौन सी पहचान जानकारी मांगी जाएगी?
जनगणना के दौरान लोगों से आधार नंबर, मोबाइल नंबर, वोटर आईडी और पासपोर्ट नंबर पूछा जाएगा। यह जानकारी सिर्फ तभी ली जाएगी जब उपलब्ध हो।
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