करोड़ों का टेंडर, मनमाना भुगतान, EOW की रडार पर अमरवाड़ा नपा अध्यक्ष व पूर्व CMO
छिंदवाड़ा की अमरवाड़ा नगर पालिका जांच के घेरे में आ गई है। यहां करोड़ों रुपए के विकास कार्यों पर सवाल उठे हैं। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने नोटिस जारी किया है। नगर पालिका अध्यक्ष और तत्कालीन सीएमओ को बुलाया गया है। दोनों को दस्तावेजों के साथ पेश होना है।
अमरवाड़ा नगर पालिका में हुए विकास कार्यों को लेकर गंभीर आरोप लगे हैं। मामला वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार से जुड़ा बताया जा रहा है। जबलपुर स्थित ईओडब्ल्यू ने इस पर सख्त रुख अपनाया है।
किसे मिला नोटिस
EOW ने नगर पालिका अध्यक्ष प्रीति तिवारी को नोटिस भेजा है। इसके साथ ही तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) आर.एस. बाथम को भी नोटिस दिया गया है। दोनों को नौ जुलाई को जबलपुर के क्षेत्रीय कार्यालय बुलाया गया है। उन्हें मूल फाइलें और स्वीकृति दस्तावेज साथ लाने होंगे।
यह नोटिस मिलने के बाद अमरवाड़ा की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। स्थानीय प्रशासनिक हलकों में भी इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
किन कामों पर उठे सवाल
शिकायत में कई विकास कार्यों को निशाने पर लिया गया है। इनमें अमृत योजना 2.0 (AMRUT 2.0) के तहत बनी पेयजल टंकी शामिल है। शहर में बिछाई गई पाइपलाइन और फिल्टर प्लांट की स्थापना पर भी सवाल हैं।
इसके अलावा पालिका क्षेत्र के कई वार्डों में बनी बीटी सड़कों की गुणवत्ता पर आपत्ति जताई गई है। टेंडर प्रक्रिया में मनमानी और नियम विरुद्ध भुगतान के आरोप भी लगाए गए हैं।
किसने की शिकायत
यह शिकायत भाजपा नेता मुकेश सूर्यवंशी ने दर्ज कराई है। उन्होंने विस्तृत दस्तावेजों के साथ सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। शिकायत में सीधे तौर पर नियमों की अनदेखी का जिक्र किया गया है।
तत्कालीन सीएमओ आर.एस. बाथम साल 2023 से 2025 तक अमरवाड़ा में पदस्थ रहे। इसके बाद वह छिंदवाड़ा नगर निगम में उपायुक्त बने। फिलहाल वह हरदा नगर पालिका में सीएमओ का कार्यभार संभाल रहे हैं। जांच के दायरे में अब उनका पुराना कार्यकाल आया है।
पुलिस अधिकारी का बयान
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) स्वर्णजीत सिंह धामी ने नोटिस जारी होने की पुष्टि की है। उनके अनुसार आगे की कार्रवाई सबूतों और बयानों के आधार पर तय होगी। फिलहाल जांच शुरुआती चरण में है।
इस मामले के पीछे राजनीतिक पृष्ठभूमि भी सामने आई है। शिकायतकर्ता मुकेश सूर्यवंशी की पत्नी वार्ड-6 से पार्षद हैं। दो साल पहले उन्हें लोक निर्माण विभाग की सभापति पद से हटाया गया था। इसके बाद से अध्यक्ष और पार्षद गुट में खींचतान चल रही थी। यह विवाद अब ईओडब्ल्यू तक पहुंच गया है।
अध्यक्ष प्रीति तिवारी का कहना है
नगर पालिका अध्यक्ष प्रीति तिवारी ने फिलहाल नोटिस मिलने से इनकार किया है। उनका कहना है कि सभी विकास कार्य नियमानुसार हुए हैं। उन्होंने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बताया है।
आगे क्या होगा
नौ जुलाई को दोनों अधिकारियों की पेशी के बाद तस्वीर साफ होगी। दस्तावेजों की जांच से पता चलेगा कि आरोप कितने सही हैं। अगर गड़बड़ी साबित होती है तो आगे कानूनी कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल पूरे मामले पर सबकी नजर टिकी है।
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