इंदौर में अर्बन कॉन्क्लेव-2026: सीएम मोहन यादव करेंगे शहरी विकास पर चर्चा, इन्वेस्टर्स और एक्सपर्ट्स भी होंगे शामिल
इंवेस्टर्स से चर्चा करेंगे सीएम यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सम्मेलन में निवेशकों से सीधे बातचीत करेंगे। इस दौरान नगरीय क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा होगी। प्रस्तावित परियोजनाओं और उनके कामकाज से जुड़े मुद्दों पर भी बात होगी। सम्मेलन के दौरान कई परियोजनाओं का शुभारंभ, भूमि-पूजन और लोकार्पण भी प्रस्तावित है।
युवाओं और स्टार्टअप्स को भी मिलेगा मौका
अर्बन कॉन्क्लेव-2026 में युवाओं और स्टार्टअप्स की भागीदारी को इंकरेज किया जा रहा है। कार्यक्रम में आधुनिक तकनीक और नए विचारों पर चर्चा होगी। इससे शहरी विकास के लिए नए समाधान तलाशने में मदद मिल सकती है। इस सम्मेलन में शामिल होने के इच्छुक लोग ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। इसके लिए gconclave.mp.gov.in लिंक पर जाना होगा।
शहरों में पानी के बेहतर प्रबंधन पर रहेगा जोर
कॉन्क्लेव में इस्तेमाल किए गए पानी को साफ करके दोबारा उपयोग करने पर भी चर्चा होगी। इसका उद्देश्य प्राकृतिक और ताजे पानी पर निर्भरता कम करना है। साथ ही, शहरों में पानी का बेहतर प्रबंधन करने पर जोर रहेगा।
साफ किए गए पानी का इस्तेमाल कई कामों में किया जा सकता है। इनमें उद्योग, निर्माण कार्य और बगीचों की सिंचाई शामिल हैं। ऐसे कामों में पीने योग्य पानी की जरूरत नहीं होती। इसलिए इन कामों में साफ किए गए पानी के उपयोग को बढ़ावा देने पर विचार होगा।
छोटे और मध्यम शहरों के विकास पर भी चर्चा
सम्मेलन में टियर-2 शहरों के नियोजित विकास पर खास ध्यान दिया जाएगा। शहरों का विस्तार किस तरह होना चाहिए, इस पर सुझाव लिए जाएंगे। परिवहन, आवास और जमीन के बेहतर इस्तेमाल जैसे मुद्दे भी शामिल होंगे।
इसके अलावा मास्टर प्लान, विकास गलियारों और आवासीय इलाकों के रिडेवलपमेंट पर चर्चा होगी। कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया आसान बनाने पर भी विचार किया जाएगा। भवन निर्माण से जुड़े नियम और विकास की मंजूरियां भी चर्चा का हिस्सा होंगी।
इन प्रयासों का मकसद शहरों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। साथ ही, बढ़ती आबादी और परिवहन की जरूरतों को ध्यान में रखा जाएगा। सरकार ऐसे विकास मॉडल तलाशना चाहती है, जो भविष्य की जरूरतों के अनुकूल हों।
अर्बन चैलेंज फंड की परियोजनाओं पर नजर
कॉन्क्लेव में अर्बन चैलेंज फंड के तहत स्वीकृत परियोजनाओं की समीक्षा होगी। इनमें काम की प्रगति, पैसों के सही इस्तेमाल और समय पर काम पूरा करने पर चर्चा होगी।
इन परियोजनाओं की टोटल अप्रूव्ड कॉस्ट दो हजार 753.10 करोड़ रुपए बताई गई है। इनके तहत प्रदेश के कई शहरों में विकास कार्य किए जा रहे हैं। सम्मेलन में वित्तीय संस्थानों और बैंकों के साथ अनुबंध भी किए जाएंगे। संबंधित एजेंसियों को लेटर ऑफ अवॉर्ड देने की योजना है।
इंदौर, उज्जैन और रीवा की योजनाओं पर फोकस
इंदौर में वॉटर सप्लाई सिस्टम को बेहतर बनाने के काम शामिल हैं। इसके तहत पानी पहुंचाने वाले नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा। सीवरेज नेटवर्क और पानी साफ करने वाले प्लांट को भी अपग्रेड किया जाएगा।
उज्जैन में इंटिग्रेटेड टेम्पल जोन डेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है। इसका उद्देश्य धार्मिक और सांस्कृतिक क्षेत्र की सुविधाओं को बेहतर बनाना है। वहीं, रीवा में वॉटर सप्लाई प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया जा रहा है। इन परियोजनाओं से शहरों की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने का लक्ष्य है।
FAQs
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का सम्मेलन कब हो रहा है?
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का सम्मेलन अर्बन कॉन्क्लेव-2026 में आयोजित किया जाएगा, जिसमें निवेशकों के साथ चर्चा की जाएगी। - इस सम्मेलन में किस प्रकार की परियोजनाओं पर चर्चा होगी?
सम्मेलन में नगरीय क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं, परियोजनाओं के शुभारंभ, भूमि-पूजन और लोकार्पण पर चर्चा होगी। इसके अतिरिक्त, पानी के बेहतर प्रबंधन और छोटे-छोटे शहरों के विकास जैसे मुद्दों पर भी बात की जाएगी। - सम्मेलन में कौन सी विशेष पहल पर जोर दिया जाएगा?
सम्मेलन में इस्तेमाल किए गए पानी को साफ करके दोबारा उपयोग करने पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिसका उद्देश्य प्राकृतिक और ताजे पानी पर निर्भरता कम करना है।