मुख्यमंत्री जन विश्वास शिविर में ही तहसीलदार ने स्कूली छात्राओं को भगाया, रोते हुए निकलीं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोगों के बीच में सरकार को ले जाने के उद्देश्य से जन विश्वास अभियान शुरू किया। लेकिन अब इसमें भी अधिकारियों का व्यवहार सबसे बड़ी समस्या बन रहा है। इंदौर में शुक्रवार को गौतमपुरा में लगे शिविर में तहसीलदार ने स्कूली छात्राओं (अल्फा) को ही भगा दिया। वह रोते हुए शिविर से गईं।
क्या लगे तहसीलदार पर आरोप
आरोप है कि शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक स्कूल की छात्राओं के साथ तहसीलदार कुलदीप सिंह ने गलत व्यवहार किया। छात्राओं ने बताया कि वे आयोजन में स्कूल की समस्याएं लेकर पहुंची थीं। स्कूल की 10वीं की छात्राएं आरती, जैनब, निकिता व अन्य गईं। वे स्कूल में फैकल्टी की कमी, कमरों की कमी, बाउंड्रीवाल नहीं होने जैसी समस्याएं लेकर गईं थीं। इनका आरोप है कि तहसीलदार ने दुर्व्यवहार किया और उन्हें भगा दिया। इसके बाद वे रोते हुए शिविर से निकल गईं।
रहवासियों ने अधिकारियों तक पहुंचाई बात
कुछ स्थानीय लोगों ने उन्हें जाते हुए देखा तो रोका और कारण पूछा। बच्चियों ने अधिकारी के व्यवहार के बारे में बताया। इस पर नाराज लोगों ने सीईओ हिमांशु प्रजापति तक बात पहुंचाई। इसके बाद जागे अधिकारी और मंच से माइक पर आवाज देकर बच्चियों को बुलाया गया और उनकी समस्याएं सुनी गईं।
क्या बोल रहे अधिकारी
इस मामले में तहसीलदार सिंह का कहना है कि छात्राओं ने प्राचार्य के नाम पर आवेदन दिया था। मैंने केवल प्राचार्य को बुलाकर स्थिति पूछी थी, कोई दुर्व्यवहार नहीं किया।
शिविर में समस्याएं सुलझाने का दावा
उधर शिविर में कई समस्याएं सुलझाने का दावा किया गया। यहां पर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया गया, अधिकारियों ने पौधारोपण भी किया। गौतमपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मार्ग पर मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत आयोजित शिविर में श्रमदान कर सफाई की।
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