ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट: निवेश जुटाने सीएम मोहन यादव सात सितंबर को जाएंगे दुबई
समझें क्या है पूरा मामला
- मध्यप्रदेश जनवरी में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट करेगा।
- मुख्यमंत्री मोहन यादव सात सितंबर को दुबई जाएंगे।
- उनका दौरा तीन दिनों तक चलेगा।
- चेन्नई सहित कई शहरों में रोड शो होंगे।
- पिछली समिट में 30 लाख करोड़ निवेश प्रस्ताव मिले थे।
दुबई में होगी बड़ी भागीदारी
सीएम मोहन यादव सात सितंबर को दुबई रवाना होंगे। वे वहां आयोजित वार्षिक निवेशक सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यह दौरा नौ सितंबर तक प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री के साथ कई विभागों के अधिकारी भी दुबई जाएंगे। इनमें उद्योग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और पर्यटन विभाग के अधिकारी शामिल हैं। इसके साथ ही चेन्नई सहित देश के अन्य बड़े शहरों में भी रोड शो आयोजित होंगे।
पिछली समिट में मिला था बड़ा निवेश
साल 2025 में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट यानी जीआईएस (GIS – Global Investors Summit) में प्रदेश को भारी सफलता मिली थी। उस समिट में सरकार को 30 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले थे।
सरकार का दावा है कि इनमें से 10 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश अब तक धरातल पर उतर चुका है। इसके अलावा साल 2026 के पहले छह महीनों में ही 76,862 करोड़ रुपए के नए निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। इनसे 82 हजार से ज्यादा युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
दुबई से आया था खास निमंत्रण
आठ अगस्त को ग्लोबल फाउंडेशन दुबई के प्रेसिडेंट डॉ. दाउद अल शेजावी भोपाल आए थे। उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्हें दुबई के वार्षिक निवेशक सम्मेलन में आमंत्रित किया।
यह सम्मेलन सात से नौ सितंबर तक दुबई में आयोजित होगा। मुख्यमंत्री इसी निमंत्रण पर वहां पहुंचेंगे और निवेशकों से सीधा संवाद करेंगे।
जहां संभावना, वहां संपर्क
औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि निवेश की जहां भी संभावना दिखती है, वहां संपर्क साधा जा रहा है। पिछले सालों में इसके अच्छे नतीजे भी सामने आए हैं।
जुलाई 2025 में मुख्यमंत्री दुबई और स्पेन के दौरे पर गए थे। उस दौरे में करीब 11 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले थे। अधिकारियों को उम्मीद है कि यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
निवेशकों को दिखाई जा रही खूबियां
सरकार निवेशकों को मध्यप्रदेश की कई खूबियां बता रही है। इनमें बेहतर सड़क, बिजली और पानी की सुविधा शामिल है। इसके साथ ही सुलभ मानव संसाधन और बेहतर कानून-व्यवस्था का भी हवाला दिया जा रहा है।
प्रदेश में निवेशकों के अनुकूल नीतियां लागू हैं। इसके साथ ही सिंगल विंडो सिस्टम भी उपलब्ध है, जहां एक ही जगह से सभी जरूरी अनुमतियां मिल जाती हैं।
नए कानून से मिलेगी राहत
हाल ही में मध्यप्रदेश ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम में संशोधन किया गया है। इसके तहत राज्य औद्योगिक विकास निगम में एक नया सचिवालय खोला जाएगा।
यहां नए उद्योग लगाने के लिए सभी मंजूरियां एक ही जगह मिलेंगी। अब उद्योग लगाने के लिए शुरुआत में प्रदूषण नियंत्रण मंडल के प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं होगी। निवेशक के शपथ पत्र के आधार पर ही लेटर ऑफ एस्टेब्लिशमेंट जारी कर दिया जाएगा। इसी तरह के कई और नियम बदले गए हैं।
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