सीएम सचिवालय में अफसरों के बीच कामकाज का बंटवारा, किस अफसर को क्या जिम्मेदारी... जानें पूरी खबर
मध्यप्रदेश में हाल ही में हुए आईएएस अधिकारियों के ट्रांसफर के बाद अब मुख्यमंत्री (CM) सचिवालय में भी बड़ा बदलाव किया गया है। नए अफसर आए हैं और उनके बीच काम को नए तरीके से बांटा गया है, ताकि हर जिम्मेदारी साफ रहे और काम तेजी से हो सके। सरकार ने काम को A से लेकर E तक अलग-अलग ग्रुप में बांटा है। हर ग्रुप के लिए अलग अफसर जिम्मेदार होंगे।
आइए, इसे बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि कौन अफसर क्या काम करेगा।
1. नीरज मंडलोई: पूरे CM ऑफिस का समन्वय
मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई को सबसे बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। वे पूरे मुख्यमंत्री कार्यालय का समन्वय देखेंगे।
उनका काम क्या रहेगा...
- मुख्यमंत्री तक आने वाली सभी फाइलों और ट्रांसफर प्रस्तावों पर नजर रखना और उनका निराकरण कराना।
- विभागों को भेजी जाने वाली नोटशीट की निगरानी और समीक्षा करना।
- मुख्यमंत्री से मिलने के लिए आने वाले अनुरोधों की जांच करना।
- सिंहस्थ-2028 से जुड़े कामों की जिम्मेदारी।
- अलग-अलग विभागों की टॉप 20 प्राथमिक योजनाओं की समीक्षा करना।
उनकी टीम में अपर सचिव अरुण कुमार परमार, OSD आलोक सोनी और OSD कविराज मेहरा शामिल रहेंगे। इसके अलावा, वे इंदौर और उज्जैन संभाग से जुड़े प्रशासनिक मामलों का समन्वय भी देखेंगे।
2. आलोक कुमार सिंह: कार्यक्रम, बैठक और प्रशासनिक व्यवस्था
आलोक कुमार सिंह मुख्यमंत्री के सेक्रेटरी हैं। उनका काम ज्यादा मैदान और प्रशासन से जुड़ा रहेगा।
उनकी मुख्य जिम्मेदारियां...
- मुख्यमंत्री के दौरे और सार्वजनिक कार्यक्रमों का जिला प्रशासन के साथ समन्वय।
- सरकारी और गैर-सरकारी नियुक्तियां और नामांकन।
- मुख्यमंत्री कार्यालय की आंतरिक व्यवस्था संभालना।
- सांसद और विधायकों से जुड़े मामलों की मॉनिटरिंग।
- विधानसभा सत्र की तैयारी और सत्र के दौरान समन्वय।
- कानून और विधायी मामलों से जुड़े काम।
- मुख्यमंत्री परिषद की बैठकों का संचालन।
- “कृषि वर्ष” से जुड़ी गतिविधियों का समन्वय।
उनकी मदद के लिए उप सचिव संदीप केरकेट्टा और OSD आशीष खरे रहेंगे। भोपाल, नर्मदापुरम और सागर संभाग से जुड़े मामलों का समन्वय भी वे ही संभालेंगे।
3. डॉ. इलैया राजा टी: दिल्ली और केंद्र सरकार से जुड़ा काम
डॉ. इलैया राजा टी मुख्यमंत्री के सेक्रेटरी हैं। उनका काम खासतौर पर दिल्ली और केंद्र सरकार से जुड़ा रहेगा।
उनकी जिम्मेदारियां...
- केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों से जुड़े पत्राचार का जवाब तैयार करना।
- विभागों से जानकारी लेकर मुख्यमंत्री की ओर से जवाब भेजना।
- मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे का पूरा प्रबंधन (बैठक, अपॉइंटमेंट, कार्यक्रम)।
- भारत सरकार के पास लंबित मामलों का फॉलोअप।
उनके साथ उप सचिव आदित्य शर्मा को सहयोग के लिए लगाया गया है।
4. कौशलेंद्र विक्रम सिंह: शिकायत, डेटा और डिजिटल सिस्टम
कौशलेंद्र विक्रम सिंह को कई अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं, जो सीधे मॉनिटरिंग और सिस्टम से जुड़ी हैं।
उनका काम...
- मुख्यमंत्री की मुलाकातों से पहले तैयारी और अधिकारियों से समन्वय।
- रोज के महत्वपूर्ण और संवेदनशील समाचारों पर तुरंत रिपोर्ट मंगवाना।
- विजिलेंस शाखा के तहत गंभीर शिकायतों पर कार्रवाई करवाना।
- सरकार की उपलब्धियों और फैसलों का डेटा इकट्ठा करना और अपडेट रखना।
- संकल्प पत्र (घोषणापत्र) के पालन की निगरानी।
डिजिटल जिम्मेदारियां भी इन्हीं के पास हैं, जैसे CM डैशबोर्ड, MLA डैशबोर्ड, CM ऑफिस वेबसाइट और पोर्टल, आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश और उससे जुड़े डैशबोर्ड की जिम्मेदारी दी गई है। इनकी मदद के लिए आशीष कुमार पांडेय और श्रीलेखा श्रोत्रिय को लगाया गया है।
5. चंद्रशेखर वालिम्बे: दौरे, आवेदन और सहायता कोष
चंद्रशेखर वालिम्बे को मुख्यमंत्री के दौरे और जनता से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी दी गई है।
उनका काम...
- मुख्यमंत्री के सभी दौरे तय करना और उनमें बदलाव करना।
- दौरे की जानकारी और जरूरी फोल्डर तैयार करना।
- मुख्यमंत्री से मिलने के लंबित अनुरोधों की सूची बनाकर रोज वरिष्ठ अधिकारियों को देना।
- जिलों और विभागों से कार्यक्रम के लिए जरूरी जानकारी जुटाना।
- जनता से मिलने वाले आवेदन और शिकायतों का समाधान।
- मुख्यमंत्री सहायता कोष और स्वेच्छानुदान से जुड़े काम देखना।
उनके साथ उप सचिव सुधीर कुमार कोचर, संदीप अष्ठाना और आशुतोष गोस्वामी सहयोग करेंगे।
नीचे दी गई पीडीएफ को डाउनलोड कर जानें पूरी लिस्ट... किस अफसर को मिली क्या जिम्मेदारी...
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