बंगाल और असम विधानसभा चुनाव में एमपी के ये कांग्रेस नेता संभालेंगे मोर्चा

Jitendra Shrivastava | Mar 16, 2026, 23:29 IST
Photograph: (THESOOTR)
BHOPAL. कांग्रेस ने बंगाल और असम विधानसभा चुनावों के लिए मध्य प्रदेश के दिग्गज नेताओं को तैनात किया है। ये नेता चुनाव प्रचार और प्रबंधन में अहम भूमिका निभाएंगे।

News In Short

  • कांग्रेस ने बंगाल और असम में चुनावी रणनीति बनाई।
  • दिग्गज नेताओं को तैनात कर चुनाव प्रचार को मजबूत किया।
  • भाजपा की रणनीति को चुनौती देने के लिए कांग्रेस की तैयारी।
  • असम और बंगाल में कांग्रेस का प्रभाव बढ़ाने की कोशिश।
  • नूरी खान की तैनाती से महिला वर्ग को लुभाने की रणनीति।

News In Detail

कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए मध्य प्रदेश के दिग्गज नेताओं को बंगाल और असम में चुनावी कार्यों के लिए तैनात किया है। इन नेताओं में दिग्विजय सिंह, जीतू पटवारी, उमंग सिंघार और अन्य प्रमुख नेता शामिल हैं। इस कदम से कांग्रेस इन राज्यों में अपनी स्थिति को मजबूत करना चाहती है और भाजपा को चुनौती देने की तैयारी कर रही है।



चुनाव में नेताओं की सक्रियता और रणनीति

कांग्रेस ने मध्यप्रदेश के कई प्रमुख नेताओं को बंगाल और असम में तैनात करने का निर्णय लिया है। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हैं। इस कदम से कांग्रेस इन राज्यों में अपनी स्थिति को मजबूत करने का प्रयास कर रही है।



दिग्विजय सिंह, जीतू पटवारी और अन्य प्रमुख नेताओं को बंगाल और असम भेजा जाएगा, जहां वे अपनी रणनीतियों को लागू करेंगे। इन नेताओं के माध्यम से कांग्रेस उम्मीद कर रही है कि वे पार्टी की उपस्थिति को बढ़ावा देंगे और चुनावी माहौल में सकारात्मक बदलाव लाएंगे।



इन कांग्रेसी नेताओं की भूमिका अहम

दिग्विजय सिंह, जो एक बड़े कांग्रेस नेता माने जाते हैं, उन्हें बंगाल में चुनाव प्रचार के लिए भेजा जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, जिनकी गिनती पार्टी के प्रभावशाली नेताओं में होती है, को भी चुनावी मैदान में उतारा जा रहा है। इन नेताओं का चुनावी माहौल में प्रभावी होना कांग्रेस के लिए फायदेमंद हो सकता है।



इसके अलावा, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी को भी इन चुनावों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए भेजा गया है। इन नेताओं के माध्यम से कांग्रेस, बंगाल और असम में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है।



कांग्रेस दिग्गजों का असम-बिहार दौरा

कांग्रेस के आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव, पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल को असम और बिहार में चुनाव प्रचार के लिए भेजने की योजना है। इन नेताओं की तैनाती असम और बिहार में कांग्रेस की स्थिति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकती है।



वहीं, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को केंद्रीय संगठन के निर्देश पर बिहार और असम में भेजा जाएगा। इन राज्यों में कांग्रेस की मजबूती और चुनावी माहौल को बेहतर बनाने के लिए इन नेताओं का कार्य महत्वपूर्ण हो सकता है।



पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष नूरी खान, जो महिला कांग्रेस से जुड़ी हैं, असम में समय देने जा रही हैं। उनके पति रकीबुद्दीन अहमद को पार्टी ने चमरिया विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया है। उनकी तैनाती से असम में महिला वर्ग के वोटर्स को ध्यान में रखते हुए एक नई रणनीति तैयार की जा सकती है।



कांग्रेस की रणनीति और चुनौती

कांग्रेस के लिए यह चुनावी प्रक्रिया चुनौतीपूर्ण हो सकती है, लेकिन चुनाव प्रचार और उम्मीदवारों की तैनाती से पार्टी अपनी स्थिति को बेहतर बनाने की कोशिश करेगी। दिग्गज नेताओं की तैनाती से पार्टी की छवि को और भी बेहतर बनाया जा सकता है। हालांकि, भाजपा की मजबूत उपस्थिति और उनकी चुनावी रणनीति कांग्रेस के लिए एक बड़ी चुनौती हो सकती है।



मध्य प्रदेश भाजपा की सक्रियता और तैनाती

वहीं, मध्य प्रदेश भाजपा ने भी अपनी सक्रियता को बढ़ाते हुए बंगाल में चुनावी कार्यकर्ताओं की तैनाती शुरू कर दी है। भाजपा ने लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, वरिष्ठ नेता विनोद गोटिया, शरदेंदु तिवारी सहित अन्य कार्यकर्ताओं को बंगाल भेजा है। ये कार्यकर्ता भाजपा के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं क्योंकि बंगाल में पार्टी की स्थिति मजबूत करने की चुनौती है।



भाजपा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भी बंगाल के चुनावी कार्यों में सक्रिय रूप से शामिल होने के लिए प्रेरित किया है। भाजपा की योजना यह है कि वे मध्य प्रदेश के नेताओं को जितना संभव हो, बंगाल में समय दे सकते हैं और वहां की चुनावी गतिविधियों को आगे बढ़ा सकते हैं।



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