कांग्रेस का टैलेंट हंट फिर चर्चा में: नए चेहरों को मौका या पुराने सिपाहियों की वापसी?
मध्यप्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग का चर्चित टैलेंट हंट प्रोग्राम एक बार फिर सुर्खियों में है। 12 और 13 मई को भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में फाइनल इंटरव्यू होने जा रहे हैं। दावा है कि पार्टी मीडिया और संचार विभाग के लिए नए, युवा और आक्रामक चेहरे तलाश रही है। लेकिन राजनीतिक गलियारों में असली चर्चा कुछ और है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या कांग्रेस वास्तव में फ्रेशर्स को आगे बढ़ाएगी, या फिर अंतिम समय में पुराने और अनुभवी नेताओं को ही प्राथमिकता मिलेगी?
टैलेंट हंट से ज्यादा अंदरूनी खींचतान रही चर्चा में
कांग्रेस का यह “टैलेंट हंट प्रोग्राम” शुरुआत से ही संगठन के भीतर खींचतान और असंतोष की वजह बना रहा। कई पुराने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और प्रवक्ताओं ने पहले भी सवाल उठाए थे कि पार्टी में वर्षों से काम कर रहे लोगों की अनदेखी कर केवल “प्रेजेंटेशन पॉलिटिक्स” को बढ़ावा दिया जा रहा है। यही वजह है कि अब फाइनल इंटरव्यू से पहले फिर यह चर्चा तेज हो गई है कि पार्टी आखिर किस फॉर्मूले पर चलेगी।
इंटरव्यू देने वाले ही बनेंगे प्रवक्ता?
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस केवल टैलेंट हंट में शामिल उम्मीदवारों तक खुद को सीमित नहीं रखने वाली। पार्टी भविष्य में कुछ ऐसे अनुभवी चेहरों को भी जिम्मेदारी दे सकती है, जिन्होंने इस प्रक्रिया में हिस्सा तक नहीं लिया। यानी जिन लोगों ने इंटरव्यू नहीं दिए, वे भी आगे चलकर कांग्रेस के प्रवक्ता या मीडिया पैनल का हिस्सा बन सकते हैं। यही वजह है कि संगठन के भीतर यह मैसेज भी जा रहा है कि “पुराने सिपाहियों” को पूरी तरह किनारे नहीं किया जाएगा।
दो दिन तक चलेगी चयन प्रक्रिया
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय भोपाल में होने वाली इस प्रक्रिया में कई पदों के लिए चयन किया जाएगा।
इन पदों पर होगा चयन
- प्रदेश प्रवक्ता
- राष्ट्रीय स्तर के प्रवक्ता
- रिसर्च कोऑर्डिनेटर
- पब्लिसिटी कोऑर्डिनेटर
- जिला एवं संभागीय प्रवक्ता
बताया जा रहा है कि पहले दौर के इंटरव्यू और परफॉर्मेंस रिपोर्ट के आधार पर भी कई नामों पर फैसला होगा।
दिल्ली से आएगा हाईकमान का पैनल
फाइनल इंटरव्यू प्रक्रिया में कांग्रेस हाईकमान की टीम भी मौजूद रहेगी। इसमें एआईसीसी मीडिया विभाग से जुड़े कई वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल होंगे।
इंटरव्यू पैनल में कौन-कौन?
- अनिल यादव – जोनल कोऑर्डिनेटर
- अखिलेश प्रताप सिंह – स्टेट कोऑर्डिनेटर
- अर्चित सिंह – एआईसीसी मीडिया कोऑर्डिनेटर
- अर्श खान – टेक्निकल कोऑर्डिनेटर
- इनके साथ वरिष्ठ नेताओं का पैनल भी चयन प्रक्रिया में शामिल रहेगा।
क्या 2028 विधानसभा चुनाव की तैयारी है?
कांग्रेस इस पूरी कवायद को केवल मीडिया विस्तार नहीं, बल्कि 2028 विधानसभा चुनाव की तैयारी के तौर पर भी देख रही है। पार्टी ऐसे चेहरों की तलाश में है जो टीवी डिबेट, सोशल मीडिया और ग्राउंड पॉलिटिक्स—तीनों में आक्रामक तरीके से पार्टी का पक्ष रख सकें। सूत्र बताते हैं कि चयनित चेहरों को आने वाले दो वर्षों तक विशेष ट्रेनिंग और राजनीतिक ग्रूमिंग भी दी जा सकती है।
मुकेश नायक की रणनीति पर टिकी निगाहें
प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक इस पूरी प्रक्रिया को लीड कर रहे हैं। पार्टी के भीतर यह माना जा रहा है कि अनुभवी मीडिया मैनेजमेंट और राजनीतिक समझ के जरिए वे नए प्रवक्ताओं की टीम तैयार करना चाहते हैं। कांग्रेस का मानना है कि मीडिया में मजबूत उपस्थिति के बिना भाजपा का मुकाबला आसान नहीं होगा।
लड़ाई अभी खत्म नहीं
टैलेंट हंट प्रोग्राम के जरिए युवा चेहरों को मंच देने की कोशिश जरूर दिख रही है, लेकिन संगठन के भीतर पुराने बनाम नए की बहस अब भी खत्म नहीं हुई है। कई वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का मानना है कि केवल इंटरव्यू के आधार पर राजनीतिक प्रवक्ता तैयार नहीं किए जा सकते। जमीन का अनुभव, संगठन की समझ और वर्षों की राजनीतिक सक्रियता भी उतनी ही जरूरी है।
अब रिजल्ट पर नजर
फिलहाल कांग्रेस ने इंटरव्यू प्रक्रिया शुरू कर दी है, लेकिन असली तस्वीर दो दिन बाद सामने आएगी। देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी वास्तव में नए चेहरों पर दांव लगाती है या फिर अनुभव और संगठनात्मक वफादारी को ज्यादा महत्व देती है। कांग्रेस का यह टैलेंट हंट केवल चयन प्रक्रिया नहीं, बल्कि आने वाले समय की मीडिया रणनीति की परीक्षा भी माना जा रहा है।
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