60 हजार कर्मचारियों को वेतन वृद्धि का इंतजार, महीनेभर से मिल रहा केवल आश्वासन
समझें क्या है पूरा मामला
- वित्त विभाग ने 8 जून को वेतन वृद्धि आदेश जारी किया।
- संविदा कर्मचारियों के वेतन में 4.46% वृद्धि होगी।
- बढ़ा हुआ वेतन एक अप्रैल 2026 से लागू होगा।
- चार विभागों के 41 हजार कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।
- एक लाख से ज्यादा कर्मचारी अब भी इंतजार में हैं।
कई विभागों ने वेतन वृद्धि लागू नहीं
वित्त विभाग ने संविदा कर्मचारियों का वेतन 4.46 प्रतिशत बढ़ाने का आदेश दिया था। यह आदेश 8 जून को जारी हुआ था। असर एक अप्रैल 2026 से माना जाएगा। एक महीने बाद भी कई विभागों ने वेतन वृद्धि लागू नहीं की। अब तक चार विभागों के 41 हजार कर्मचारियों को फायदा मिलना तय हुआ है।
एनएचएम में 32 हजार को लाभ
एनएचएम की मिशन संचालक सलोनी सिडाना ने आदेश जारी किया है। इसके तहत राज्य, संभाग और जिला स्तर के कर्मचारी शामिल हैं। करीब 32 हजार संविदा कर्मचारियों को फायदा मिलेगा। यह वृद्धि एक अप्रैल 2026 से मानी जाएगी।
बढ़ा हुआ पैसा जुलाई की सैलरी के साथ मिलेगा। हालांकि सबको यह लाभ नहीं मिलेगा। संविदा चिकित्सा अधिकारी इससे बाहर रहेंगे। स्नातकोत्तर चिकित्सा अधिकारी भी इसमें शामिल नहीं होंगे।
पे माइनस पेंशन वाले कर्मचारियों को भी फायदा नहीं मिलेगा। एनएचएम ने आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय भी बढ़ाया है। शहरी आशा कार्यकर्ताओं को भी 4.46 प्रतिशत वृद्धि मिलेगी।
गारंटी परिषद: अगस्त से वेतन
मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद ने भी आदेश जारी किया है। इससे करीब 6 हजार कर्मचारियों को फायदा होगा। सहायक यंत्री और परियोजना अधिकारी इसमें शामिल हैं।
ऑडिट अधिकारी, सिस्टम एनालिस्ट और प्रोग्रामर को भी लाभ मिलेगा। लेखाधिकारी, उपयंत्री और डेटा एंट्री ऑपरेटर भी इसमें आते हैं। प्रयोगशाला तकनीशियन, कार्यालय सहायक और भृत्य को भी फायदा होगा।
नया वेतन जुलाई से लागू माना जाएगा। लेकिन भुगतान अगस्त की सैलरी में होगा। परिषद ने एरियर देने का भी निर्देश दिया है। यह एरियर अप्रैल से जून 2026 तक का होगा।
सहायक यंत्री को सबसे ज्यादा फायदा
इस वृद्धि का सबसे बड़ा फायदा सहायक यंत्रियों को मिलेगा। उनका मासिक वेतन अभी 78,500 रुपए है। यह बढ़कर 82,100 रुपए हो जाएगा। वहीं भृत्य को सबसे कम वेतन मिलता है। उनका वेतन 21,800 रुपए से बढ़कर 22,800 रुपए होगा।
60 हजार अब भी इंतजार में
प्रदेश के बाकी विभागों में आदेश अभी नहीं निकले हैं। इस वजह से लगभग 60 हजार कर्मचारी इंतजार में हैं। विभागीय स्तर पर आदेश तैयार करने का काम चल रहा है। लेकिन इसकी रफ्तार बेहद धीमी बनी हुई है। कर्मचारी संगठन इस देरी से नाराज हैं। उनका कहना है कि जल्द फैसला होना चाहिए।
हर साल सीपीआई से वृद्धि
यह वेतन वृद्धि अचानक नहीं हुई है। सामान्य प्रशासन विभाग की एक नीति में इसका प्रावधान है। यह नीति 22 जुलाई 2023 को बनी थी। इसके अनुसार हर साल वेतन बढ़ाया जाता है।
यह वृद्धि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित होती है। इसे संक्षेप में सीपीआई (CPI - Consumer Price Index) कहा जाता है। पिछले साल यह वृद्धि 2.94 प्रतिशत थी। इस बार इसे बढ़ाकर 4.46 प्रतिशत किया गया है। यानी इस साल कर्मचारियों को ज्यादा फायदा मिलेगा।
2023 नीति ने वेतन बराबर किया
संविदा अधिकारी-कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर ने इस बदलाव पर बात की। उनके अनुसार जुलाई 2023 से पहले हालात अलग थे। अलग-अलग विभागों में वेतन भी अलग-अलग होता था।
भले ही पद एक जैसे क्यों न हों। नई नीति ने यह असमानता खत्म कर दी। अब समान पदों का वेतनमान एक जैसा है। इससे कर्मचारियों में भी संतोष बढ़ा है।
फिलहाल संविदा कर्मचारियों का वेतन तय सीमा में है। यह 21 हजार 800 रुपए से 78 हजार 500 रुपए के बीच है। इसी आधार पर हर साल सीपीआई के हिसाब से वृद्धि होती रहेगी।
अब सबकी नजर बाकी विभागों पर टिकी है। उम्मीद है कि जल्द बाकी आदेश भी जारी होंगे। तभी बाकी 60 हजार कर्मचारियों को राहत मिलेगी।
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