भोपाल मैरियट होटल का फूड लाइसेंस सस्पेंड, किचन में दौड़ते मिले चूहे!

Amresh Kushwaha | Jun 09, 2026, 10:02 IST
भोपाल मैरियट होटल
भोपाल के कोर्टयार्ड बाय मैरियट होटल का फूड लाइसेंस खाद्य सुरक्षा विभाग ने सस्पेंड कर दिया है। औचक निरीक्षण में किचन में गंदगी, चूहे, वेज-नॉनवेज एक साथ और FSMS नियमों का उल्लंघन मिला है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • भोपाल के 5 स्टार होटल कोर्टयार्ड बाय मैरियट का फूड लाइसेंस सस्पेंड हो गया है।
  • औचक निरीक्षण में किचन और स्टोर में गंदगी और चूहे पाए गए हैं।
  • वेज और नॉनवेज फूड एक साथ रखा जा रहा था।
  • शुगर सैशे बिना प्रमाणन के थर्ड पार्टी से लिए जा रहे थे।
  • FSMS और खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2011 का उल्लंघन मिला है।

5 स्टार होटल में छापे की बड़ी कार्रवाई

भोपाल में खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई की है। शहर के मशहूर 5 स्टार होटल कोर्टयार्ड बाय मैरियट (Courtyard by Marriott) का फूड लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया है। यह कार्रवाई औचक निरीक्षण के बाद हुई है। निरीक्षण के दौरान होटल की रसोई और स्टोर में कई गंभीर खामियां सामने आईं।



इस होटल में आमतौर पर कॉरपोरेट इवेंट, शादियां और बड़े समारोह होते हैं। यहां खाने-पीने पर हजारों रुपए खर्च करने वाले मेहमानों को यह खबर झटका देने वाली है।



किचन में चूहों का आतंक

निरीक्षण टीम को होटल के किचन और स्टोर एरिया में चूहे मिले। यह अपने आप में बड़ी लापरवाही है। किसी भी होटल या रेस्तरां में कीट-पतंगों और चूहों का होना खाद्य सुरक्षा के सबसे बुनियादी नियमों का उल्लंघन है।



टीम ने होटल का पेस्ट कंट्रोल रिकॉर्ड भी जांचा। उसमें भी चूहों की समस्या दर्ज थी। यानी होटल प्रबंधन को इस बारे में पता था, फिर भी कोई असरदार कदम नहीं उठाया गया।



वेज-नॉनवेज एक साथ रखना खतरनाक

होटल के किचन में वेज और नॉनवेज खाना एक साथ रखा जा रहा था। यह क्रॉस कंटैमिनेशन (Cross Contamination) यानी खाने में मिलावट का सीधा खतरा पैदा करता है। खाद्य सुरक्षा के नियमों में इसे अलग-अलग रखना जरूरी होता है।



स्टोरेज की व्यवस्था भी पूरी तरह गड़बड़ थी। खाने-पीने की चीजों को सुरक्षित तरीके से रखने के लिए जो इंतजाम होने चाहिए, वे नहीं थे। किचन में साफ-सफाई का स्तर भी संतोषजनक नहीं पाया गया।



शुगर सैशे पर भी उठे सवाल

जांच में एक और उल्लंघन सामने आया। होटल में इस्तेमाल होने वाले शुगर सैशे एक थर्ड पार्टी (Third Party) से लिए जा रहे थे। वहीं, यह थर्ड पार्टी खाद्य व्यवसाय संचालक की ओर से सर्टिफाइड और एंडोर्स नहीं थी। यानी यह चीनी किसी ऐसे स्रोत से आ रही थी जिसकी गुणवत्ता की कोई आधिकारिक जांच नहीं हुई थी।



यह छोटी बात नहीं है। बिना प्रमाणन वाले सप्लायर से सामग्री लेना स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।



FSMS नियमों की खुली अनदेखी

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को यह भी मिला कि होटल में खाद्य सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली यानी एफएसएमएस (Food Safety Management System) के नियमों का पालन नहीं हो रहा था। इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2011 की अनुसूची-4 के जरूरी प्रावधान भी नजरअंदाज किए जा रहे थे।



एफएसएमएस वह प्रणाली है जो यह सुनिश्चित करती है कि खाना बनाने से परोसने तक हर कदम पर सुरक्षा बनाए रखी जाए। इसे नजरअंदाज करना सीधे मेहमानों की सेहत से खिलवाड़ है।



खाद्य विभाग का सख्त रुख

खाद्य सुरक्षा विभाग ने साफ कहा है कि ऐसे संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी जो खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करते हैं। पांच स्टार होटल हो या छोटी दुकान, नियम सबके लिए बराबर हैं। इस कार्रवाई ने यह साफ संदेश दिया है कि नाम बड़ा होने से जवाबदेही से छूट नहीं मिलती।



हालांकि यह बात सामने आ रही है कि देर रात होटल कोर्टयार्ड बाय मैरियट का फूड लाइसेंस बहाल कर दिया गया है।



FAQ

  1. FSMS क्या होता है और होटलों को इसका पालन क्यों करना जरूरी है?
    एफएसएमएस यानी फूड सेफ्टी मैनेजमेंट सिस्टम वह व्यवस्था है जो सुनिश्चित करती है कि खाना बनाने, स्टोर करने और परोसने की पूरी प्रक्रिया सुरक्षित और स्वच्छ हो। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2011 के तहत हर लाइसेंसधारी खाद्य व्यवसायी के लिए इसका पालन अनिवार्य है। इसे नजरअंदाज करना खाने में मिलावट और स्वास्थ्य खतरे को बढ़ावा देता है।
  2. भोपाल के कोर्टयार्ड बाय मैरियट होटल का फूड लाइसेंस क्यों सस्पेंड हुआ?
    खाद्य सुरक्षा विभाग के औचक निरीक्षण में भोपाल मैरियट होटल के किचन और स्टोर में चूहे मिले, गंदगी पाई गई, वेज और नॉनवेज खाना एक साथ रखा हुआ था, शुगर सैशे बिना सर्टिफिकेशन वाली थर्ड पार्टी से लिए जा रहे थे और एफएसएमएस तथा खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2011 की अनुसूची-4 के नियमों का पालन नहीं हो रहा था। इन सब कारणों से विभाग ने होटल का फूड लाइसेंस सस्पेंड कर दिया।

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