बाउंड ओवर नोटिस से नाराज डबरा नगर पालिका के 28 पार्षदों का सामूहिक इस्तीफा, मचा हड़कंप
बाउंड ओवर नोटिस पर पार्षद नाराज क्यों?
पार्षद यानी नगर पालिका में वार्ड की जनता के चुने हुए प्रतिनिधि। पार्षदों की नाराजगी का केंद्र पुलिस की कार्रवाई है। मंगलवार को कई पार्षदों को बाउंड ओवर नोटिस (Bound over notice) मिले। इसका मतलब है शांति बनाए रखने के लिए व्यक्ति को पाबंद करना।
आठ दिन पहले लगा था ताला
आठ दिन पहले नगर पालिका परिषद की बैठक होनी थी। उसी दौरान कुछ लोगों ने नगर पालिका के गेट पर ताला लगा दिया। पार्षदों ने तब भी सिटी थाने में धरना देकर हंगामा किया था। पुलिस ने 9 लोगों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा का केस दर्ज किया। शासकीय कार्य में बाधा का मतलब है सरकारी काम में रुकावट डालना। इसके बाद मंगलवार को पार्षदों तक बाउंड ओवर के नोटिस पहुंचे।
पार्षद धर्मेंद्र सिंह (हैप्पी) के सवाल
पार्षद धर्मेंद्र सिंह (हैप्पी) ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनके मुताबिक उसी दिन केस दर्ज होने वाले लोग खुले में घूम रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी अब तक नहीं हुई। इसके बावजूद पार्षदों के खिलाफ बाउंड ओवर की कार्रवाई हुई, जिसे उन्होंने गलत बताया है। उनका सवाल है कि केस वाले लोग खुले क्यों घूम रहे हैं।
थाने के गेट पर देर रात धरना
मंगलवार देर रात करीब 12 बजे 12 पार्षद सिटी थाने पहुंचे। वहां एसडीओपी (Sub Divisional Officer of Police) से पार्षदों की तीखी बहस हुई। बहस की वजह बाउंड ओवर नोटिस थे। हंगामा तेज हुआ तो पार्षद थाने के गेट पर ही धरने पर बैठ गए। धरना यानी किसी जगह बैठकर शांतिपूर्ण विरोध जताना।
पार्षदों ने साफ कहा कि वे धरने से नहीं उठेंगे। उनकी शर्त थी कि बाउंड ओवर करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई हो। रात करीब 12 बजे तक आधा दर्जन से ज्यादा पार्षद थाने में डटे रहे। उन्होंने होटल से खाना मंगाया और थाने की दहलीज पर बैठकर खाया। फिर वे वहीं लेट गए। लेकिन मामला यहीं नहीं रुका।
पार्षदों का सामूहिक इस्तीफा
नगर पालिका में पार्षदों का सामूहिक इस्तीफा (Councillors resign) रात में ही तैयार हुआ। नगर पालिका अध्यक्ष लक्ष्मी देवी राजा सहित 28 पार्षदों ने हस्ताक्षर किए। दो और पार्षद बाहर होने के कारण हस्ताक्षर नहीं कर सके। उन्होंने भी इस्तीफे पर अपनी सहमति दर्ज कराई। सामूहिक इस्तीफा यानी कई पार्षदों का एक साथ पद से हटने का फैसला।
इमरती देवी के आने पर खत्म हुआ धरना
रात 1 बजे पार्षद होटल से मंगाया खाना खा रहे थे। उसी वक्त पूर्व मंत्री इमरती देवी सुमन (Imarti Devi) थाने पहुंचीं। लगातार धरने के बावजूद पार्षद किसी की बात नहीं मान रहे थे। तब इमरती देवी ने पार्षदों से चर्चा की और उन्हें समझाया।
इस दौरान एडिशनल एसपी (Additional Superintendent of Police) जयराज कुबेर भी पहुंचे। वे शाम को ग्वालियर लौट गए थे और फिर डबरा वापस आए। चर्चा में तय हुआ कि बुधवार दोपहर ग्वालियर एसपी धर्मवीर यादव डबरा आएंगे। वे समस्या का समाधान करेंगे। इसके बाद पार्षद धरने से उठे। इमरती देवी उन्हें लेकर थाने से बाहर निकलीं।
अब आगे क्या होगा डबरा में?
घटनाक्रम क्रम से देखें तो पहले नगर पालिका के गेट पर ताला लगा। फिर पुलिस ने 9 लोगों पर केस दर्ज किया। इसके बाद पार्षदों को बाउंड ओवर नोटिस मिले। फिर थाने पर धरना हुआ और सामूहिक इस्तीफे पर दस्तखत हुए। आखिर में इमरती देवी के पहुंचने पर धरना खत्म हुआ।
ग्वालियर एसपी निकालेंगे हल
अब सबकी नजर बुधवार दोपहर पर है। ग्वालियर एसपी धर्मवीर यादव डबरा आकर समस्या का हल निकालेंगे, ऐसा तय हुआ है। पार्षदों की मांग है कि बाउंड ओवर करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई हो। यह अभी साफ नहीं है कि इस्तीफों का आगे क्या होगा। बाउंड ओवर नोटिस पर पुलिस का पक्ष अभी उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
FAQ
- डबरा नगर पालिका के कितने पार्षदों ने इस्तीफे पर हस्ताक्षर किए?
नगर पालिका अध्यक्ष लक्ष्मी देवी राजा सहित 28 पार्षदों ने सामूहिक इस्तीफे पर हस्ताक्षर किए। दो और पार्षद बाहर होने के कारण हस्ताक्षर नहीं कर सके। उन्होंने भी इस्तीफे पर सहमति दर्ज कराई। - बाउंड ओवर नोटिस पर पार्षद क्यों नाराज हैं?
पार्षद धर्मेंद्र सिंह (हैप्पी) के मुताबिक केस दर्ज होने वाले लोग खुले घूम रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई, फिर भी पार्षदों को बाउंड ओवर किया गया। उन्होंने इस कार्रवाई को गलत बताया। - पार्षदों का धरना कब और कैसे खत्म हुआ?
रात 1 बजे पूर्व मंत्री इमरती देवी थाने पहुंचीं और पार्षदों से चर्चा की। तय हुआ कि बुधवार दोपहर ग्वालियर एसपी धर्मवीर यादव डबरा आएंगे। इसके बाद पार्षद धरने से उठ गए।