दतिया उपचुनाव 2026 का बज गया बिगुल, चुनाव आयोग ने जारी की अधिसूचना

Sourabh Bhatnagar | Jul 06, 2026, 11:05 IST
दतिया विधानसभा उपचुनाव की अधिसूचना जारी
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर अब उपचुनाव होने जा रहा है। भारत निर्वाचन आयोग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। बता दें कि दतिया विधानसभा सीट अप्रैल 2026 से खाली है।

दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर भारत निर्वाचन आयोग ने अधिसूचना जारी कर दी है। आयोग ने उपचुनाव का पूरा कार्यक्रम घोषित कर दिया है।



कार्यक्रम के मुताबिक, दतिया में 30 जुलाई 2026 को वोटिंग होगी। वहीं उम्मीदवार 16 जुलाई 2026 तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद चुनावी मैदान में बचे उम्मीदवारों की तस्वीर साफ हो जाएगी।



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दतिया सीट क्यों खाली हुई

मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर उपचुनाव की वजह राजेंद्र भारती हैं। उनकी सदस्यता निलंबित होने के बाद यह सीट खाली हुई। 2023 के विधानसभा चुनाव में एमपी कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने भाजपा (Bharatiya Janata Party) के नरोत्तम मिश्रा को हराया था। यह जीत 7 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से मिली थी। राजेंद्र भारती को 88 हजार977 वोट मिले थे। वहीं नरोत्तम मिश्रा के पक्ष में 81 हजार 235 वोट पड़े थे। लेकिन इसी साल एक फर्जीवाड़े के मामले में राजेंद्र भारती को दोषी ठहराया गया। इसके बाद उन्हें दतिया सीट से अयोग्य घोषित कर दिया गया।



चुनाव का पूरा कार्यक्रम

निर्वाचन आयोग ने पूरी समय सारिणी जारी कर दी है। सबसे पहले 13 जुलाई 2026 यानी सोमवार को नामांकन की अंतिम तारीख रखी गई है। इसके बाद 14 जुलाई को नामांकन पत्रों की जांच होगी। यह मंगलवार का दिन तय किया गया है। जिन उम्मीदवारों को नाम वापस लेना होगा, उनके लिए 16 जुलाई यानी गुरुवार आखिरी मौका है।



मतदान 30 जुलाई 2026 को होगा। यह भी गुरुवार का ही दिन है। वोटिंग सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगी। इसके बाद पूरी चुनाव प्रक्रिया 4 अगस्त 2026 यानी मंगलवार तक पूरी करनी होगी। यानी नतीजे भी इसी तारीख तक आ जाएंगे।



नामांकन से जुड़े नियम

उम्मीदवारों को तय समय सीमा में ही नामांकन दाखिल करना होगा। 13 जुलाई के बाद कोई नया नामांकन स्वीकार नहीं होगा। नामांकन पत्रों की जांच अगले ही दिन कर ली जाएगी। इसमें देखा जाएगा कि सभी कागजात सही और पूरे हैं या नहीं। अगर किसी नामांकन में कमी मिली तो उसे रद्द भी किया जा सकता है।



नाम वापसी की तारीख भी अहम मानी जा रही है। 16 जुलाई तक जो उम्मीदवार अपना नाम वापस नहीं लेंगे, वे चुनावी मैदान में बने रहेंगे। इसके बाद अंतिम उम्मीदवारों की सूची तय हो जाएगी। यही सूची आगे प्रचार और मतदान का आधार बनेगी।



मतदान और नतीजों की तारीख

आयोग ने साफ कहा है कि मतदान तभी होगा जब जरूरत पड़ेगी। अगर एक ही उम्मीदवार मैदान में बचता है तो निर्विरोध निर्वाचन भी संभव है। लेकिन अगर एक से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में रहते हैं तो 30 जुलाई को वोट डाले जाएंगे। मतदान का समय सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक रहेगा।



पूरी चुनाव प्रक्रिया 4 अगस्त 2026 से पहले पूरी करनी अनिवार्य है। यह तारीख कानूनी रूप से तय है। इसका पालन आयोग को हर हाल में करना होगा।



दतिया सीट का सियासी महत्व

दतिया मध्य प्रदेश की एक अहम विधानसभा सीट मानी जाती है। यहां का उपचुनाव राज्य की सियासत पर असर डाल सकता है। सीट खाली होने से इलाके के लोग भी नए विधायक का इंतजार कर रहे हैं। अब सभी दलों की नजर नामांकन प्रक्रिया पर टिकी है।



आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि कौन कौन उम्मीदवार मैदान में उतरता है। इसके बाद ही तय होगा कि दतिया सीट का मुकाबला कैसा रहेगा। फिलहाल सभी की निगाहें 13 जुलाई की नामांकन तारीख पर टिकी हैं।



राजेंद्र भारती का क्या है पूरा मामला?

इसी साल 2 अप्रैल को कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को कोऑपरेटिव बैंक घोटाले में दोषी ठहराया गया था। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें तीन साल की जेल की सजा सुनाई थी।



हालांकि, कोर्ट ने 50 हजार रुपए के निजी मुचलके पर उन्हें जमानत दे दी थी। नियमों के मुताबिक, किसी विधायक को दो साल या उससे ज्यादा की सजा होने पर उसकी विधानसभा सदस्यता अपने आप खत्म हो जाती है।



इसी मामले में सह-आरोपी रघुवीर शरण प्रजापति को भी तीन साल की सजा सुनाई गई थी। बाद में कोर्ट ने उन्हें भी जमानत दे दी थी।



अदालत ने राजेंद्र भारती को आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में दोषी माना था। इनमें आईपीसी की धारा 120बी, 420, 467, 468 और 471 शामिल थीं।



राजेंद्र भारती ने अपने खिलाफ चल रहे इस मामले को ग्वालियर की एमपी-एमएलए कोर्ट से दिल्ली ट्रांसफर कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी।



नरोत्तम मिश्रा बीजेपी से प्रबल दावेदार

दतिया विधानसभा सीट पर बीजेपी की ओर से पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा को मजबूत दावेदार माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दतिया उपचुनाव केवल एक सीट की लड़ाई नहीं रहेगा। यह मुकाबला सीधे तौर पर भाजपा और कांग्रेस की साख से जुड़ सकता है।



सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि पिछली बार कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने डॉ. नरोत्तम मिश्रा (Datia news) को कड़े मुकाबले में हराया था। ऐसे में यह मुकाबला हार का हिसाब और जीत बचाने की रणनीति के बीच बदल सकता है।



भाजपा के लिए क्यों अहम है दतिया सीट?

दतिया लंबे समय तक डॉ. नरोत्तम मिश्रा का मजबूत राजनीतिक गढ़ माना जाता रहा है। पिछले विधानसभा चुनाव में यहां मिली हार भाजपा के लिए बड़ा झटका थी।



यही वजह है कि पार्टी अब इस सीट को पॉलिटिकल कमबैक के मौके के रूप में देख रही है। सूत्रों की मानें तो MP BJPइस बार कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं है और संगठन स्तर से लेकर बूथ रणनीति तक पर फोकस शुरू हो चुका है।



कांग्रेस भी बचाव की रणनीति में एक्टिव

दूसरी तरफ MP Congressभी दतिया सीट को आसानी से छोड़ने के मूड में नहीं दिख रही। राजेंद्र भारती की अयोग्यता के बाद बने हालात के बावजूद पार्टी स्थानीय नेटवर्क और सहानुभूति फैक्टर पर भरोसा कर सकती है। कांग्रेस की कोशिश होगी कि पिछले चुनाव की बढ़त को बरकरार रखा जाए और भाजपा की वापसी रणनीति को रोका जाए।



दतिया विधानसभा उप-चुनाव में क्या हो सकते हैं बड़े फैक्टर?

  • नरोत्तम मिश्रा बनाम पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की पुरानी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता।
  • भाजपा के लिए खोई हुई सीट वापस लेने की चुनौती।
  • कांग्रेस के लिए सीट बचाने की प्रतिष्ठा।
  • संगठन बनाम स्थानीय समीकरण की लड़ाई।
  • उपचुनाव के जरिए प्रदेश की राजनीति को नया संदेश।

दतिया के अलावा इन सीटों पर भी चुनाव

बिहार की बांकीपुर सीट- यहां से विधायक नितिन नबीन ने इस्तीफा दिया था।



गुजरात की मांजलपुर सीट- यहां के विधायक योगेशभाई नारनदास पटेल का निधन हो गया था। तीनों सीटों पर अब नए विधायक चुने जाएंगे।



ईवीएम-वीवीपैट का इस्तेमाल

इस उपचुनाव में भी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी ईवीएम (Electronic Voting Machine) का इस्तेमाल होगा। साथ में वीवीपैट (Voter Verified Paper Audit Trail) मशीनें भी लगेंगी। आयोग ने कहा कि सभी बूथों पर पर्याप्त मशीनें भेजी जा चुकी हैं। इससे मतदान निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होगा।



आचार संहिता लागू

जिन जिलों में ये सीटें आती हैं, वहां आदर्श आचार संहिता तुरंत लागू हो गई है। इसका मतलब है कि सरकार अब कोई नई योजना का ऐलान नहीं कर सकती। सरकारी संसाधनों का चुनाव प्रचार में इस्तेमाल नहीं होगा। आयोग की टीमें हर गतिविधि पर नजर रखेंगी।



FAQ

  1. सवाल 1: दतिया विधानसभा सीट क्यों खाली हुई है?
    जवाब: कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को अयोग्य घोषित किया गया था। इस वजह से 2 अप्रैल 2026 को उनकी सीट खाली हो गई थी। इसके बाद निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव कराने का फैसला लिया है।
  2. सवाल 2: दतिया उपचुनाव के लिए नामांकन कब तक होंगे?
    जवाब: दतिया उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 13 जुलाई 2026 तय की गई है। नामांकन पत्रों की जांच 14 जुलाई को होगी। नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 16 जुलाई 2026 रखी गई है।
  3. सवाल 3: दतिया विधानसभा उपचुनाव में मतदान कब होगा?
    जवाब: अगर जरूरत पड़ी तो मतदान 30 जुलाई 2026 को होगा। वोटिंग सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगी। पूरी चुनाव प्रक्रिया 4 अगस्त 2026 तक पूरी कर ली जाएगी।

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