चंबल के पूर्व डकैत मलखान सिंह ने मांगे कांग्रेस के लिए वोट, शिवराज ने साधा निशाना
समझें क्या है पूरा मामला
दतिया उपचुनाव में सियासी हलचल बढ़ गई है।
मलखान सिंह कांग्रेस मंच पर नजर आए।
जीतू पटवारी ने उनके साथ फोटो शेयर की।
मलखान सिंह ने कांग्रेस प्रत्याशी के लिए वोट मांगे।
शिवराज ने कांग्रेस पर तीखा हमला किया।
जब मंच पर पहुंचा पूर्व डकैत
मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में सियासी सरगर्मी अचानक बढ़ गई। चुनाव प्रचार के दौरान चंबल के पूर्व बागी मलखान सिंह कांग्रेस के मंच पर पहुंच गए। एक समय यह नाम चंबल में खौफ और दहशत का प्रतीक माना जाता था।
पटवारी ने पोस्ट में लिखा कि उन्हें दादा मलखान का समर्थन मिला है। तस्वीरों में मलखान सिंह मंच पर माइक थामे नजर आ रहे थे। वे कांग्रेस प्रत्याशी के लिए सीधे जनता से वोट मांगते दिखे। पटवारी और अन्य कांग्रेस नेता मंच पर बैठकर उन्हें सुनते नजर आए।
कमरारी गांव में हुई जनसभा
यह पूरा मामला दतिया उपचुनाव 2026 के प्रचार के दौरान कमरारी गांव का है। यहां कांग्रेस की एक आम सभा आयोजित की गई थी। इस सभा में जीतू पटवारी के साथ प्रदेश सह-प्रभारी संजना जाटव भी मौजूद थीं। इसी मंच पर मलखान सिंह ने माइक थामा।
मलखान सिंह ने कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह के पक्ष में जोरदार प्रचार किया। उन्होंने ग्रामीणों से प्रत्याशी को भारी मतों से जिताने की अपील की। पटवारी ने बाद में सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की तस्वीरें भी साझा कीं।
पटवारी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि कमरारी की आम सभा में संजना जाटव और मलखान सिंह के साथ कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों से आत्मीय मुलाकात हुई। उन्होंने कहा कि सभी ने मिलकर कांग्रेस की जीत सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।
शिवराज ने बोला कांग्रेस पर हमला
केंद्रीय मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस पूरे मामले पर कांग्रेस को घेरा। उन्होंने मलखान सिंह की मंच पर मौजूदगी को लेकर सीधा निशाना साधा। शिवराज ने पुराने दिनों की याद दिलाते हुए कहा कि कांग्रेस के समय दतिया से शिवपुरी तक डर का माहौल रहता था।
उन्होंने कहा कि शाम पांच बजे के बाद पूरा इलाका सन्नाटे में डूब जाता था। लोग डकैतों के खौफ से घरों से बाहर निकलने से डरते थे। शिवराज ने आगे कहा कि जब वे मुख्यमंत्री बने तो साफ कर दिया था कि राज्य में या तो डाकू रहेंगे या वे खुद।
शिवराज ने दावा किया कि एक साल के भीतर उनकी सरकार ने सभी डकैतों का सफाया कर दिया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय डाकू पनपते थे और यह कांग्रेस के डीएनए में है। इस बयान के बाद दोनों दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।
कौन हैं मलखान सिंह
पूर्व दस्यु मलखान सिंह मध्य प्रदेश के भिंड जिले के बिलाव गांव के रहने वाले हैं। 1970 और 80 के दशक में वे चंबल घाटी के चर्चित बागियों में शामिल थे। साल 1982 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के कार्यकाल में उन्होंने अपने साथियों के साथ आत्मसमर्पण किया था।
आत्मसमर्पण के बाद मलखान सिंह मुख्यधारा से जुड़ गए। समय-समय पर वे सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं। दतिया उपचुनाव में उनकी मौजूदगी ने एक बार फिर उनके अतीत को चर्चा में ला दिया है।
अब देखना यह होगा कि इस मुद्दे का असर दतिया उपचुनाव के नतीजों पर कितना पड़ता है। दोनों दलों के बीच जुबानी जंग आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है।
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