दतिया उपचुनाव: कांग्रेस में टिकट पर घमासान, घनश्याम सिंह का नाम सबसे आगे!
समझें क्या है पूरा मामला
- दतिया उपचुनाव में कांग्रेस टिकट विवाद बढ़ा है।
- कई नेता अपने समर्थकों को टिकट दिलाना चाहते हैं।
- घनश्याम सिंह का नाम सबसे मजबूत दावेदार है।
- कांग्रेस जल्द उम्मीदवार की घोषणा कर सकती है।
- जातीय समीकरण टिकट फैसले में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
कांग्रेस के भीतर टिकट को लेकर खींचतान
दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस के भीतर टिकट को लेकर खींचतान चरम पर पहुंच गई है। पार्टी के दिग्गज नेताओं के बीच गुटबाजी और अंदरूनी रस्साकशी खुलकर सामने आ रही है। हर नेता अपने-अपने समर्थक को उम्मीदवार बनाने के लिए दबाव बना रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस मंथन के बीच घनश्याम सिंह के नाम पर लगभग सहमति बन चुकी है और पार्टी कभी भी उनके नाम की औपचारिक घोषणा कर सकती है।
अंतिम दौर में टिकट का फैसला
दतिया उपचुनाव में कांग्रेस का पूरा फोकस फिलहाल उम्मीदवार चयन पर है। कई दावेदारों के नाम चर्चा में रहे, लेकिन अंतिम समय तक गुटबाजी और अलग-अलग नेताओं की पैरवी ने फैसला आसान नहीं होने दिया। पार्टी के भीतर लगातार बैठकों और मंथन का दौर जारी है।
हर दिग्गज नेता अपने शागिर्द को टिकट दिलाने में जुटा
कांग्रेस के अलग-अलग खेमे अपने-अपने पसंदीदा चेहरे को मैदान में उतारने की कोशिश कर रहे हैं। यही वजह है कि टिकट की घोषणा में देरी हुई। संगठन से लेकर वरिष्ठ नेताओं तक लगातार राय-मशविरा चलता रहा और कई नामों पर चर्चा होती रही।
घनश्याम सिंह का नाम सबसे मजबूत दावेदार
राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक अब घनश्याम सिंह का नाम सबसे मजबूत माना जा रहा है। पार्टी के भीतर उनके नाम पर लगभग सहमति बनने की चर्चा है। माना जा रहा है कि कांग्रेस नेतृत्व जल्द ही आधिकारिक घोषणा कर सकता है।
नामांकन का समय, लेकिन उम्मीदवार पर सस्पेंस
13 जुलाई तक नामांकन दाखिल किए जा सकते हैं, लेकिन कांग्रेस ने अभी तक अधिकृत उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है। समय कम बचा है, इसलिए पार्टी जल्द फैसला करने के दबाव में है।
जातीय समीकरण भी बने फैसले की बड़ी वजह
दतिया सीट पर ब्राह्मण, कुशवाहा, यादव और दलित मतदाताओं का प्रभाव माना जाता है। यही कारण है कि कांग्रेस टिकट तय करने से पहले सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों का लगातार आकलन करती रही।
दिग्गजों की खींचतान ने बढ़ाई चुनौती
कांग्रेस के भीतर लंबे समय से चल रही गुटबाजी इस उपचुनाव में भी खुलकर दिखाई दे रही है। अलग-अलग नेताओं के अलग-अलग दावेदार होने से फैसला अंतिम समय तक उलझा रहा। अब माना जा रहा है कि नेतृत्व ने लगभग सहमति बना ली है।
अब सिर्फ आधिकारिक घोषणा का इंतजार
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि कांग्रेस की टिकट पर चल रहा मंथन अंतिम चरण में पहुंच चुका है। यदि अंतिम समय में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ तो घनश्याम सिंह को उम्मीदवार घोषित किया जा सकता है। इसके साथ ही दतिया उपचुनाव की चुनावी तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी।
● दतिया उपचुनाव में कांग्रेस के भीतर टिकट को लेकर घमासान।
● हर दिग्गज नेता अपने समर्थक को टिकट दिलाने की कोशिश में।
● गुटबाजी और अंदरूनी खींचतान से फैसला देर तक अटका।
● घनश्याम सिंह का नाम सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा।
● कभी भी उम्मीदवार की आधिकारिक घोषणा संभव।
● 13 जुलाई तक नामांकन दाखिल किए जा सकते हैं।
● कांग्रेस में लगातार चिंतन-मंथन के बाद अंतिम सहमति बनने की चर्चा।
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