जीतू पटवारी बोले- सुन लो कलेक्टर और एसपी, तुमने ठेका लिया था दतिया चुनाव जिताने का...
समझें क्या है पूरा मामला...
- दतिया उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह जीते हैं।
- जीत के बाद जीतू पटवारी जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
- इस दौरान वे कलेक्टर और एसपी पर जमकर बरस पड़े।
- उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने जिताने का ठेका लिया था।
- कांग्रेस ने भाजपा को 12221 वोटों से हराया है।
कलेक्टर-एसपी पर जमकर बरसे पटवारी
दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद अब माहौल गर्म हो गया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान उनका गुस्सा कलेक्टर और एसपी पर फूट पड़ा।
जानें प्रदेश अध्यक्ष ने क्या कहा...
प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि आपका अहंकार काम नहीं आया। आपने हर तरफ अराजकता फैलाई। SP और कलेक्टर सुन लो, तुमने कहा था कि ठेका लिया है, चुनाव जितवा देंगे। लेकिन क्या तुम जनता से बड़े हो? अगर जनता से बड़े हो तो जिता कर दिखा देते। मुख्यमंत्री से ठेका ले लिया था कि हम जिताएंगे, लेकिन कैसे जिताते?
उन्होंने आगे कहा कि यहां की जनता मां पीतांबरा माई को मानती है। मां सब देखती हैं और समय आने पर फैसला करती हैं। मां की कृपा घनश्याम सिंह पर रही, इसलिए उनकी जीत हुई। जीतू पटवारी कांग्रेस के साथ थे, लेकिन मां जिस अहंकार और आतंक को देख रही थीं, उसे इतनी ताकत होने के बाद भी जनता ने घर भेज दिया। कोई भी सरकार मां से बड़ी नहीं होती।
घनश्याम सिंह की बड़ी जीत
दतिया उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने भाजपा के आशुतोष तिवारी को करीब 12221 वोटों से हराया। शुरुआती रुझान में भाजपा आगे चल रही थी। पहले राउंड में भाजपा को 909 वोट की बढ़त मिली थी। वहीं, तीसरे राउंड के बाद तस्वीर तेजी से बदलने लगी। चौथे राउंड से कांग्रेस लगातार आगे बनी रही। हर राउंड के साथ कांग्रेस की बढ़त बढ़ती गई। अंत में घनश्याम सिंह को कुल 54169 वोट मिले। आशुतोष तिवारी को 41948 वोट मिले।
हार के बाद भाजपा की प्रतिक्रिया
मतगणना स्थल पर भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी खुद पहुंचे थे। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए अपनी हार स्वीकार की। उन्होंने कहा कि यह जनता का फैसला है। भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा का बयान भी सामने आया। उन्होंने नतीजों के बाद इसे बड़ी हार बताया। गिनती के दौरान नरोत्तम मिश्रा अपने ही बूथ पर पीछे रह गए थे। भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर कुशवाह भी अपने बूथ पर पिछड़ गए। इससे भाजपा में भीतरघात की चर्चा भी तेज हो गई।
राजनीतिक मायने
दतिया उपचुनाव का नतीजा प्रदेश की राजनीति में अहम माना जा रहा है। यह सीट भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बनी हुई थी। कांग्रेस की इस जीत ने पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया है। जीतू पटवारी का प्रशासन पर हमला भी इसी उत्साह का हिस्सा माना जा रहा है।
हालांकि उनके बयान पर सियासी हलकों में प्रतिक्रिया शुरू हो गई है। कुछ लोग इसे जीत की खुशी में दिया गया बयान बता रहे हैं। वहीं कुछ इसे प्रशासन पर सीधा दबाव मान रहे हैं।
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