कल नहीं, मुझे अभी हटा दो... सरकारी आवास खाली कराने गए SDO की सीनियर अधिकारी से तकरार
समझें क्या है पूरा मामला...
- दतिया में सरकारी आवास खाली कराने की कार्रवाई चल रही थी।
- कब्जाधारियों ने कार्रवाई रुकवाने के लिए सोर्स लगाने शुरू किए।
- इसी दबाव में एसडीओ और सीनियर अफसर में बहस हुई।
- एसडीओ ने गुस्से में खुद को पद से हटाने तक की बात कह दी।
- पूरी बातचीत का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है।
मध्य प्रदेश के दतिया जिले से एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें एक एसडीओ (Sub Divisional Officer) अपने सीनियर अधिकारी से फोन पर उलझते नजर आ रहे हैं। यह पूरा मामला सरकारी आवास खाली कराने की कार्रवाई से जुड़ा है। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है। लोग इस बहस को लेकर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं।
कहां से शुरू हुआ मामला
यह पूरा विवाद दतिया की राजघाट कॉलोनी से जुड़ा है। यहां कई सरकारी आवासों पर लंबे समय से अवैध कब्जा है। दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने इन मकानों को खाली कराने के सख्त निर्देश दिए थे। इसी आदेश के बाद प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। कार्रवाई की जिम्मेदारी संबंधित इलाके के एसडीओ को दी गई थी।
नोटिस के बाद भी नहीं हटे लोग
जानकारी के मुताबिक इन सरकारी आवासों में अशासकीय और अनाधिकृत लोग रह रहे थे। प्रशासन ने उन्हें पहले कई बार नोटिस भेजे थे। इसके बावजूद कब्जाधारियों ने मकान खाली नहीं किए। आखिरकार प्रशासन को सख्त कदम उठाना पड़ा। टीम बुलडोजर और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। कार्रवाई शुरू होते ही इलाके में हलचल मच गई।
दबाव में आने लगे सोर्स
जैसे ही बुलडोजर एक्शन में आया, कब्जाधारियों ने अपने स्तर पर जुगाड़ लगाना शुरू कर दिया। उन्होंने राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर सिफारिशें लगवानी शुरू कीं। मकसद साफ था कि किसी तरह कार्रवाई रुक जाए। इसी दबाव का असर मौके पर मौजूद एसडीओ पर भी पड़ा। कार्रवाई को लेकर ऊपर से भी फोन आने लगे।
फोन पर हुई तीखी बहस
इसी बीच एसडीओ और उनके सीनियर अधिकारी के बीच फोन पर बातचीत शुरू हुई। शुरुआत में यह सामान्य बातचीत लग रही थी। वहीं, धीरे-धीरे दोनों के बीच बहस तेज होने लगी। सिफारिशों के दबाव को लेकर दोनों अधिकारी आमने-सामने आ गए। बातचीत में तल्खी इतनी बढ़ गई कि माहौल गरमा गया।
ऐसा SDO नहीं बनना मुझे
बहस के दौरान एसडीओ का गुस्सा साफ झलक रहा था। उन्होंने सीनियर अधिकारी से कहा कि अगर कल हटाना है तो अभी क्यों नहीं हटा देते। इसके बाद उन्होंने कहा कि ऐसा एसडीओ उन्हें नहीं बनना। यह लाइन सुनकर वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए। एसडीओ की यह नाराजगी साफ दिखा रही थी कि दबाव में काम करना उन्हें रास नहीं आ रहा।
मौके पर बना वीडियो
इस पूरी बातचीत के दौरान कुछ लोग वहां मौजूद थे। उन्होंने अपने मोबाइल फोन से इस बहस का वीडियो बना लिया। वीडियो में एसडीओ की आवाज और नाराजगी साफ सुनाई देती है। देखते ही देखते यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने लगा। कई लोगों ने इसे अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर शेयर करना शुरू कर दिया।
वीडियो वायरल होते ही चर्चा तेज
वीडियो वायरल होने के बाद इलाके में इस पर खूब चर्चा हो रही है। कुछ लोग एसडीओ के रुख का समर्थन कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रशासनिक कार्रवाई में सिफारिशों का दबाव नहीं होना चाहिए। वहीं कुछ लोग इसे अनुशासनहीनता भी बता रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोग अलग-अलग राय दे रहे हैं। हालांकि अभी तक प्रशासन की तरफ से इस वीडियो पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
कार्रवाई पर असर नहीं
इस पूरे विवाद के बावजूद राजघाट कॉलोनी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रही। प्रशासन ने साफ किया कि नोटिस के बाद कब्जा खाली नहीं करने वालों पर सख्ती जरूरी थी। बुलडोजर एक्शन के जरिए कई अवैध निर्माण हटाए गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कार्रवाई काफी समय से लंबित थी। अब देखना यह है कि इस वायरल वीडियो को लेकर प्रशासन आगे क्या रुख अपनाता है।
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