ट्विशा केस: गिरिबाला-समर्थ को VIP ट्रीटमेंट देने के आरोप, डिप्टी जेलर हटाई गईं
समझें क्या है पूरा मामला
- मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में जांच जारी।
- गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को जेल में कथित वीआईपी सुविधाएं।
- जेल डीआईजी की रिपोर्ट डीजी जेल को सौंप दी गई।
- डिप्टी जेलर जया यादव को हटाया, वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई तय।
- केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में।
जेल में क्या हुआ था?
भोपाल सेंट्रल जेल में न्यायिक हिरासत में बंद पूर्व जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को कथित तौर पर विशेष सुविधाएं दी जा रही थीं। यह मामला सामने आने के बाद जेल मुख्यालय ने जांच बैठाई। जेल 'उप महानिरीक्षक' संजय पांडे ने शुक्रवार को भोपाल सेंट्रल जेल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों के बयान दर्ज किए। इसके बाद जांच रिपोर्ट महानिदेशक जेल वरुण कपूर को सौंप दी गई।
डिप्टी जेलर हटाई गईं, 2 अधिकारी फंसे
जांच के बाद जेल प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की। गिरिबाला सिंह की बैरक की सुरक्षा प्रभारी डिप्टी जेलर जया यादव को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। उनकी जगह एक मेट्रन को तैनात किया गया है। उल्लेखनीय है कि जया यादव को नियमों के प्रति सख्त अधिकारी माना जाता था। सूत्रों के अनुसार जांच रिपोर्ट के आधार पर जेल प्रबंधन के दो और वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई होना तय है। इनमें से एक का तबादला होना लगभग तय बताया जा रहा है।
CBI की चार्जशीट जल्द
CBI अब इस मामले में जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इसके लिए पुरानी रिपोर्टों और बयानों का बारीकी से परीक्षण किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि वैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को मजबूती के साथ अदालत के सामने रखा जाएगा। चार्जशीट तैयार करने का काम जारी है और इसे जल्द कोर्ट में पेश किया जाएगा।
अस्पताल वार्ड में शिफ्ट किया गया था
जेल पहुंचते ही दोनों को सीधे बैरक में न भेजकर अस्पताल वार्ड में शिफ्ट किया गया था। इसकी वजह दोनों की सेहत और सुरक्षा को बताया गया है। गिरिबाला सिंह को बुजुर्ग होने और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए महिला वार्ड के भीतर बने बेड में से एक दिया गया है।
मंगलवार 2 जून की शाम जब दोनों आरोपी जेल पहुंचे, तो उन्हें आम कैदियों की तरह ही रात का भोजन दिया गया। इसके बाद अगले दिन सुबह नाश्ते में उन्हें नमकीन, दलिया और चाय दी गई।
कार से अंदर जाने की जिद पर अड़ीं रिटायर्ड जज
जेल में एंट्री के वक्त एक हाई-प्रोफाइल ड्रामा भी देखने को मिला था। रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने जेल प्रबंधन के सामने मांग रख दी कि उन्हें पैदल न ले जाया जाए, बल्कि उनकी कार को सीधे जेल के अंदर तक जाने की अनुमति दी जाए। हालांकि जेल प्रबंधन ने नियमों का हवाला देते हुए उनकी इस मांग को पूरी तरह खारिज कर दिया था। इसके बाद महिला प्रहरियों की सुरक्षा के बीच उन्हें पैदल ही जेल के अंदर ले जाया गया।
क्या है ट्विशा शर्मा केस ?
यह पूरा मामला मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से जुड़ा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच 'केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो' को सौंपी गई थी। CBI ने गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह दोनों को रिमांड पर लेकर लंबी पूछताछ की थी। पूछताछ के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया। अदालत से उन्हें अभी तक राहत नहीं मिली है।
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