बैठकों में नहीं गईं पार्षद, रजिस्टर में मिले फर्जी साइन, देवरी नपा अध्यक्ष पर FIR
समझें क्या है पूरा मामला
- देवरी नपा अध्यक्ष नेहा जैन पर गंभीर आरोप लगे।
- 11 PIC बैठकों में फर्जी हस्ताक्षर किए गए।
- पार्षद सुनीता लोधी ने पुलिस में शिकायत दी।
- RTI दस्तावेजों से पूरा फर्जीवाड़ा सामने आया।
- पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू की।
RTI ने खोला राज
पार्षद सुनीता लोधी को शक तब हुआ जब उन्हें अपनी ही उपस्थिति वाली बैठकों की जानकारी नहीं थी। उन्होंने सूचना के अधिकार यानी RTI के तहत बैठकों के दस्तावेज मांगे। हाजिरी रजिस्टर में उनके नाम के आगे हस्ताक्षर मिले। लेकिन ये हस्ताक्षर उनकी असली लिखावट से बिल्कुल अलग थे। सामान्य परिषद बैठकों में उनके खुद के हस्ताक्षर और PIC बैठकों के हस्ताक्षरों की तुलना से यह साफ हो गया कि हस्ताक्षर जाली थे।
क्या होती है PIC बैठक?
सागर केदेवरी जैसी छोटी नगर पालिकाओं में प्रेसिडेंट-इन-काउंसिल यानी PIC (President-in-Council) एक अहम बैठक होती है। इसमें शहर के विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं पर प्रस्ताव पास किए जाते हैं। इन प्रस्तावों के आधार पर ही सरकारी राशि खर्च होती है। इसीलिए इन बैठकों में सदस्यों की मौजूदगी और असली हस्ताक्षर जरूरी होते हैं।
11 बैठकों में चला खेल
शिकायत के मुताबिक यह सिलसिला 23 जनवरी 2023 से शुरू हुआ और 13 दिसंबर 2023 तक चलता रहा। इस दौरान कुल 11 PIC बैठकें हुईं। हर बार पार्षद सुनीता लोधी की जाली उपस्थिति दर्ज कर ली गई। पार्षद का कहना है कि उन्हें न कोई लिखित सूचना दी गई, न फोन किया गया। वे इनमें से किसी भी बैठक में शामिल ही नहीं हुई थीं।
अध्यक्ष पर क्या है आरोप?
पार्षद ने आरोप लगाया कि नगर पालिका अध्यक्ष नेहा जैन ने सुनियोजित तरीके से यह फर्जीवाड़ा किया। जाली हस्ताक्षरों से बैठकों को वैध दिखाया गया। इसके बाद शासकीय योजनाओं में मनमाने प्रस्ताव पास कर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया। वहीं देवरी नपा अध्यक्ष की ओर से कोई बयान अब तक नहीं आया है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
शिकायत मिलने और प्रारंभिक जांच के बाद देवरी पुलिस ने बुधवार को नेहा जैन के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने की धाराओं में मामला दर्ज हुआ है। देवरी थाने के एसआई समरथ सीमन ने बताया कि हस्ताक्षरों का मिलान किया जा रहा है। मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच हो रही है।
क्या होगा आगे?
पुलिस अब दोनों तरह के हस्ताक्षरों की फोरेंसिक जांच करा सकती है। इसके अलावा PIC बैठकों में पास हुए सभी प्रस्तावों की भी समीक्षा होगी। अगर सरकारी राशि का दुरुपयोग साबित हुआ तो मामला और गंभीर हो सकता है।
FAQ
- देवरी नपा अध्यक्ष पर क्या आरोप है?
देवरी नगर पालिका अध्यक्ष नेहा जैन पर 11 PIC बैठकों में पार्षद सुनीता लोधी के फर्जी हस्ताक्षर करने का आरोप है। इन जाली हस्ताक्षरों से अवैध प्रस्ताव पास कर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया बताया जा रहा है। - RTI से यह मामला कैसे सामने आया?
पार्षद सुनीता लोधी को शक होने पर उन्होंने RTI के जरिए बैठकों के दस्तावेज मांगे। हाजिरी रजिस्टर में उनके हस्ताक्षर मिले जो उनके असली हस्ताक्षरों से बिल्कुल अलग थे। इस तुलना से फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ।
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