पंडित धीरेंद्र शास्त्री पर जब चढ़ा था कर्ज, अनंत अंबानी बने थे संकटमोचक
समझें क्या है पूरा मामला
- धीरेंद्र शास्त्री मुंबई के एक मठ कार्यक्रम में पहुंचे थे।
- उन्होंने वर्ष 2025 से जुड़ा अपना अनुभव साझा किया।
- बड़े धार्मिक आयोजनों से उन पर कर्ज बढ़ गया था।
- उन्होंने अनंत अंबानी को अपनी आर्थिक चिंता बताई थी।
- अनंत अंबानी ने सालभर भोजन सेवा का खर्च संभाला।
बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री मुंबई के एक मठ में पहुंचे थे। वहां उन्होंने 2025 के एक अनुभव का जिक्र किया। बड़े आयोजनों के चलते उन पर कर्ज हो गया था। उन्होंने अपने मित्र अनंत अंबानी से अपनी चिंता साझा की। अनंत अंबानी ने पूरे साल भोजन सेवा का खर्च उठाने की बात कही।
बागेश्वर धाम मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित है। यह धाम पिछले कुछ सालों में देशभर में मशहूर हुआ है। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री यहां के मुख्य पीठाधीश्वर हैं। हाल ही में वे मुंबई के एक मठ में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए थे। वहीं उन्होंने यह पूरा किस्सा सुनाया।
बड़े आयोजन से बढ़ा खर्च
धीरेंद्र शास्त्री ने बताया कि 2025 में कई बड़े आयोजन हुए। इनमें खर्च तेजी से बढ़ता गया। धीरे धीरे उन पर कर्ज भी चढ़ गया। इसी दौरान कैंसर अस्पताल का भूमिपूजन कार्यक्रम रखा गया। जमीन, टीन शेड और सफाई में बड़ी रकम खर्च हुई। इस आयोजन में देश के प्रधानमंत्री भी शामिल हुए थे। इससे कार्यक्रम का आकार और बड़ा हो गया।
किसी से मांगना आसान नहीं था
धीरेंद्र शास्त्री के मुताबिक इतनी बड़ी रकम अचानक जुटाना मुश्किल था। उनका कहना था कि नाम बड़ा होने से किसी से खुलकर मदद मांगना कठिन लगा। इसी उलझन में उन्होंने अपने पुराने मित्र अनंत अंबानी को फोन लगाया। उन्होंने अनंत अंबानी को अपनी परेशानी बताने का सोचा।
अन्नपूर्णा की चिंता जताई
धीरेंद्र शास्त्री ने अनंत अंबानी को पूरी बात नहीं बताई। उन्होंने सिर्फ अन्नपूर्णा यानी भोजन सेवा की चिंता साझा की। उन्होंने कहा कि व्यवस्था को लेकर थोड़ी दिक्कत आ रही है।
बिना पूछे मिली मदद
धीरेंद्र शास्त्री ने बताया कि अनंत अंबानी ने पूरी बात सुने बिना ही जवाब दिया। उन्होंने कहा, गुरुजी आप चिंता मत करो। अनंत अंबानी ने कहा कि पूरे साल की अन्नपूर्णा सेवा का खर्च वे खुद उठाएंगे। यह सुनते ही धीरेंद्र शास्त्री ने हनुमान जी का धन्यवाद किया। धीरेंद्र शास्त्री का कहना है कि उन्होंने खुद खर्च उठाने के लिए नहीं कहा था। यह भाव अनंत अंबानी के मन में खुद आया।
रोज 20 हजार को प्रसादी
धीरेंद्र शास्त्री के अनुसार 2025 में रोजाना करीब 20 हजार लोगों को प्रसादी दी जाती है। इतनी बड़ी संख्या में भोजन सेवा का खर्च आसान नहीं होता। यही वजह है कि अनंत अंबानी की मदद उनके लिए राहत बनकर आई।
धन के साथ मन भी जरूरी
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि भगवान बहुत लोगों को धन देते हैं। लेकिन उस धन को सही जगह लगाने वाला मन कम लोगों में होता है। उन्होंने अनंत अंबानी की मदद को इसी सोच का उदाहरण बताया। उनका कहना है कि धन और अच्छा मन दोनों जरूरी हैं। अनंत अंबानी रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी के बेटे हैं। वे लंबे समय से सामाजिक और धार्मिक कार्यों से जुड़े रहे हैं। धीरेंद्र शास्त्री ने अपने भाषण में यह किस्सा एक सीख के तौर पर सुनाया। उनका मकसद यह बताना था कि सेवा भाव पैसे से बड़ा होता है।
FAQ
- धीरेंद्र शास्त्री पर कर्ज कैसे हुआ था?
2025 में बड़े आयोजनों के चलते खर्च बढ़ गया था। इसी वजह से उन पर कर्ज हो गया। कैंसर अस्पताल के भूमिपूजन में भी बड़ी रकम खर्च हुई थी। - अनंत अंबानी ने क्या मदद की?
अनंत अंबानी ने बिना पूछे पूरे साल की अन्नपूर्णा सेवा का खर्च उठाने की बात कही। धीरेंद्र शास्त्री ने खुद यह बात मुंबई के कार्यक्रम में बताई।
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