धीरेंद्र शास्त्री का सीएम हाउस में दरबार, बोले- जौहर वीरता है, समर्पण है
समझें क्या है पूरा मामला...
- बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री कोलकाता में हनुमंत कथा कर रहे हैं।
- कथा के दौरान उन्होंने जौहर को वीरता और समर्पण बताया।
- यह टिप्पणी एक्ट्रेस स्वरा भास्कर के बयान के जवाब में आई।
- स्वरा ने पद्मावत फिल्म के जौहर सीन पर सवाल उठाए थे।
- शनिवार रात सीएम हाउस में शास्त्री का भव्य स्वागत हुआ।
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में इन दिनों धार्मिक और सामाजिक चर्चा एक साथ चल रही है। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री यहां 4 से 6 सितंबर तक हनुमंत कथा सुना रहे हैं। कथा के मंच से उन्होंने एक विवादित मुद्दे पर सीधी टिप्पणी कर दी।
जौहर को बताया वीरता
कथा के दौरान शास्त्री ने बिना नाम लिए एक "तथाकथित खातून" का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस महिला ने रानी पद्मावती के जौहर को कायरता बताया था। शास्त्री ने पलटवार करते हुए कहा कि जौहर कायरता नहीं, बल्कि वीरता है।
उन्होंने आगे कहा कि जौहर पति के प्रति समर्पण और अर्पण का प्रतीक है। शास्त्री का कहना था कि धर्मविरोधी लोग इस भावना को समझ ही नहीं सकते। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग भाई को पति बना लेते हैं, ऐसे लोग जौहर को क्या जानें।
बंगाल को लव जिहाद मुक्त करने की अपील
शास्त्री ने बिना किसी का नाम लिए बंगाल के हिंदुओं से एक अपील की। उन्होंने कहा कि नवरात्रि में प्रतिमा रखें या न रखें, पर प्रतिमाओं के पास नॉनवेज न बिके।
धीरेंद्र शास्त्री ने पश्चिम बंगाल को इस नवरात्रि में लव जिहाद मुक्त करने की बात कही। उनका कहना था कि सच बोलने से किसी को बुरा लगे तो लगे। वे जीवनभर सच ही बोलते रहेंगे, ऐसा उन्होंने कथा में कहा।
सीएम हाउस में डिनर के दौरान मजेदार पल
शनिवार रात मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सौजन्य भवन में धीरेंद्र शास्त्री का स्वागत किया। इस दौरान मंत्रिमंडल के कई सदस्य भी मौजूद रहे। डिनर के बीच एक मंत्री ने शास्त्री से पर्ची निकालने का आग्रह किया।
शास्त्री ने हंसते हुए जवाब दिया कि अगला दरबार सीएम हाउस में ही लगना चाहिए। उनके इस जवाब पर हॉल में मौजूद सभी लोग हंस पड़े। बागेश्वर धाम में पर्ची के जरिए भक्तों की समस्याएं सुनी जाती हैं। इसी परंपरा को लेकर मंत्री ने यह टिप्पणी की थी।
क्या था स्वरा भास्कर का मूल बयान
यह पूरा विवाद 31 अगस्त को दिल्ली में शुरू हुआ था। एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के एक कार्यक्रम में यह बात कही थी। उन्होंने पद्मावत फिल्म के जौहर सीन का जिक्र किया।
स्वरा ने कहा था कि यह सीन रेप सर्वाइवर्स तक गलत संदेश दे सकता है। उन्होंने डायरेक्टर संजय लीला भंसाली को इस बारे में खुला पत्र भी लिखा था। इसके बाद सोशल मीडिया पर उन पर ऐतिहासिक बलिदान का अपमान करने का आरोप लगा।
स्वरा ने वीडियो जारी कर दी सफाई
आलोचना बढ़ने पर स्वरा ने 1 सितंबर को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया। उन्होंने साफ किया कि उन्होंने रानी पद्मावती या किले की महिलाओं को कायर नहीं कहा। उनका कहना था कि अगर वे रेप पीड़िता होतीं, तो जिंदा बचने को कायरता जैसा महसूस होने का डर उन्हें सताता।
स्वरा ने यह भी कहा कि आज देश में रेप एक महामारी जैसा बन चुका है। उन्होंने निर्भया केस का उदाहरण देते हुए कहा कि किसी भी महिला की जीने की इच्छा को कमतर नहीं आंकना चाहिए।
प्रियंका चतुर्वेदी से हुई सोशल मीडिया बहस
स्वरा के बयान पर शिवसेना यूबीटी सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक्स पर लिखा कि विजेताओं की गुलाम बनने और सेक्स स्लेव बनने के बीच कई महिलाएं जौहर को चुन सकती थीं। उनका कहना था कि यह एक चॉइस थी।
स्वरा ने जवाब में लिखा कि सवाल पसंद का नहीं है। असली सवाल यह है कि समाज किस चीज को महिमामंडित कर रहा है। क्या रेप के बाद सर्वाइवर को जीने का हक नहीं है, यह उनका मुख्य सवाल था।
पद्मावत फिल्म का जौहर सीन
संजय लीला भंसाली ने 2018 में पद्मावत फिल्म बनाई थी। फिल्म के क्लाइमेक्स में जौहर का दृश्य है। कहानी के मुताबिक अलाउद्दीन खिलजी की सेना चित्तौड़ किले में घुस जाती है। रानी पद्मावती की भूमिका में दीपिका पादुकोण किले की महिलाओं के साथ जौहर करती हैं।
धीरेंद्र शास्त्री का यह बयान अब जौहर और स्वरा भास्कर विवाद को नया मोड़ दे चुका है। आने वाले दिनों में इस पर और प्रतिक्रियाएं आने की संभावना है।
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