नई परियोजनाओं पर डिजिटल चेक: अब बिना क्लियरेंस नहीं होगा काम शुरू
BHOPAL. मध्यप्रदेश में अब कोई सरकारी प्रोजेक्ट सीधे शुरू नहीं होगा। पहले उसे PM Gati Shakti पोर्टल पर जांचा जाएगा। इसका उद्देश्य विभागों के काम में टकराव से बचना है। इससे तोड़फोड़, देरी और लागत बढ़ने से बचा जा सकेगा।
हर विभाग के लिए नई अनिवार्यता
राज्य के सभी विभागों को अपने नए प्रोजेक्ट पहले पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। सिर्फ नए नहीं, पुरानी परियोजनाओं का पूरा खाका भी पोर्टल पर डाला जाएगा। इससे सभी काम एक साझा नक्शे पर दिखाई देंगे।
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कैसे काम करेगा ये सिस्टम
वन और राजस्व विभाग लैंड मार्किंग और डिजिटल मैपिंग तैयार कर रहे हैं। इससे यह दिखेगा कि कहीं सड़क के नीचे गैस पाइपलाइन तो नहीं है। फ्लाईओवर की खुदाई में पानी या सीवेज लाइन तो नहीं आ रही। किसी प्रोजेक्ट से दूसरी योजना बाधित तो नहीं हो रही। अगर टकराव होता है, तो संबंधित विभाग से अनुमति लेना जरूरी होगा।
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पहले क्या होती थी दिक्कत
PWD या PHE के निर्माण में अक्सर समस्याएं होती थीं। पानी की पाइपलाइन टूट जाती थी। सीवेज और गैस लाइन डैमेज हो जाती थी। मोबाइल नेटवर्क के केबल कट जाते थे। नतीजा, काम रुकता था, लागत बढ़ती थी और जनता को परेशानी होती थी।
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इन बड़े प्रोजेक्ट्स पर लागू होगा नियम
इंदौर: LIG से नौलखा तक 6 किमी फ्लाईओवर प्रस्तावित।
निर्माण से पहले पोर्टल पर रूट और यूटिलिटी चेक होगी।
ग्वालियर: 13 किमी के दो फ्लाईओवर निर्माणाधीन।
पाइल्स नाले में आ रहे हैं, लेकिन फिलहाल कोई बड़ी बाधा नहीं।
अब ऐसे होगी हर परियोजना की जांच
पहले DPR पोर्टल पर अपलोड होगी। डिजिटल मैप पर क्रॉस-चेक किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर संयुक्त साइट विजिट होगी। वन भूमि या अन्य अड़चन मिलने पर अनुमति अनिवार्य होगी।
परियोजनाओं की पोर्टल पर जांच
लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, अब सभी परियोजनाओं को पोर्टल पर जांचकर आगे बढ़ाया जाएगा। इससे तकनीकी या समन्वय की समस्याएं नहीं होंगी। यह नया सिस्टम बेहतर प्लानिंग, कम विवाद और तेज काम की दिशा में बड़ा कदम है।