News Strike: टोपी वाले मंत्री बोलकर दिग्विजय सिंह ने किस पर लगाया गौ तस्कर के संरक्षण का आरोप ?
मध्यप्रदेश में ऐसे कितने मंत्री हैं, जो किसी किस्म की टोपी लगाते हैं या कोई ट्रेडिनशल कैप उनका ट्रेडमार्क ही बन चुकी है। बेशक इन नेताओं की तस्वीरें एआई जनरेटेड हैं। लेकिन क्या आपको कुछ क्लिक किया कि कौन सा मंत्री है जो हमेशा टोपी पहने रहता है। असल में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर एक ट्वीट किया है। उस ट्वीट के निशाने पर एमपी के ऐसे मंत्री हैं, जो हमेशा टोपी पहने रहते हैं। दिग्विजय सिंह जिस नेता का जिक्र कर रहे हैं, उस पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं।
दोस्तों दिग्विजय सिंह कांग्रेस के ऐसे नेता हैं, जो अपनी बेबाक बयानी के लिए मशहूर हैं। इसके साथ ही उनके बयानों में अक्सर चुटीलापन या तीखापन भी होता ही है। जो चाहो या न चाहो चुभ ही जाता है। इस बार भी दिग्विजय सिंह ने ऐसा ही एक ट्वीट किया है, जिसे पढ़कर आप भी यही कहेंगे कि समझने वाले को इशारा काफी। और हो सकता है कि किसी को ये ट्वीट बेढंगा या बेबुनियाद भी लगे। क्योंकि खुद दिग्विजय सिंह ने इस ट्वीट में किसी का नाम नहीं लिया है।
दिग्विजय सिंह ने अपने ट्वीट में हेमंत कटारे का एक वीडियो शेयर किया है। वीडियो कुछ दिन पुराना है और विधानसभा की कार्यवाही के दौरान का है। जिसमें हेमंत कटारे एक गंभीर मसले पर स्पीच दे रहे हैं, उस मसले पर भी आएंगे। पर उससे पहले दिग्विजय सिंह का ट्वीट जान लेते हैं।
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ट्वीट में कटारे की ठोंकी पीठ
दिग्विजय सिंह ने अपने ट्वीट में सबसे पहले हेमंत कटारे को शाबाशी देते हुए लिखा है कि शाबाश हेमंत, जबरदस्त भाषण दिया बधाई। असलम चमड़ा वाला और जितने भी नरेला के हिस्ट्रीशीटर हैं, वे सभी टोपी वाले मंत्री के संरक्षण में हैं। उनके Fund Raiser हैं. “खूब खाओ खूब खिलाओ” चिंता मत करो पकड़े जाओगे तो “हम” हैं ना!! ये उनका संदेश है और राजनीति का उद्देश्य है, जय सिया राम।
दिग्विजय सिंह ने जिस स्पीच को शेयर किया वो पुरानी
आपने गौर किया होगा कि दिग्विजय सिंह ने इस ट्वीट में कोई नाम नहीं लिया है। इससे भी ज्यादा गौर करने वाली बात ये है कि दिग्विजय सिंह ने जिस स्पीच को शेयर किया है वो कई दिन पुरानी है। हेमंत कटारे के इस स्पीच को शेयर करने में दिग्विजय सिंह ने इतनी देर क्यों की, जबकि कांग्रेस का ट्विटर हैंडल इस स्पीच को कई दिन पहले पोस्ट कर चुका था।
क्या दिग्विजय सिंह उन फैक्ट्स को चैक कर रहे थे, जो हेमंत कटारे ने सदन में बताए. लेकिन ये मुमकिन नहीं लगता, क्योंकि फैक्ट्स सही होते तो शायद दिग्विजय सिंह मंत्री के नाम के साथ पूरे दम से ये पोस्ट करते। इसलिए ये सवाल भी पूछा ही जा सकता है कि अगर फैक्ट्स सही थे तो उन्होंने मंत्री का नाम क्यों नहीं लिखा। इसके पीछे उनकी क्या रणनीति है।
खैर दिग्विजय सिंह ने नाम नहीं लिखा है तो हम भी उस नाम का जिक्र नहीं करेंगे। अगर आप अंदाजा लगा पा रहे हैं तो कमेंट सेक्शन में बताइए कि वो कौन मंत्री हो सकते हैं और, अगर नहीं लगा पा रहे, पर नाम जानना चाहते हैं तो कमेंट कीजिए नेम, जिसके बाद हम आपको नाम बताएंगे।
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दिग्विजय सिंह के ट्वीट में असलम चमड़ा के नाम का जिक्र
फिलहाल उस मुद्दे पर आते हैं, जिसकी वजह से ये ट्वीट सुर्खियों में आया है। दिग्विजय सिंह ने अपने ट्वीट में असलम चमड़ा के नाम का जिक्र किया है। इस नाम से आपको ये तो अंदाजा हो ही गया होगा कि असलम नाम के शख्स का चमड़े से जुड़े कारोबार का कोई लिंक है। असल में मध्यप्रदेश की राजनीति में ये नाम खूब उछल रहा है। असलम चमड़ा पर बीफ यानी कि गोमांस की तस्करी का आरोप है।
हेमंत कटारे असलम चमड़ा को सदन में बीजेपी का कार्यकर्ता बता चुके हैं और गंभीर आरोप लगा चुके हैं। कटारे का कहना है कि असलम चमड़ा को बीजेपी नेताओं का संरक्षण हासिल है। इस स्पीच में कटारे ने रामेश्वर शर्मा का नाम भी लिया और टोपी वाले मंत्री का जिक्र भी किया। और चैलेंज भी दिया कि कौन-कौन चंदा दे रहा है ये नाम दूं।
जेल से रिहाई फिर तत्काल गिरफ्तारी
असलम चमड़ा उर्फ असलम कुरैशी का नाम चर्चा में आया 17 दिसंबर 2025 को। जब जहांगीराबाद में एक कंटेनर जब्त हुआ। इस कंटेनर में करीब 26 टन मास था। फॉरेंसिक टेस्ट में मांस से जुड़े चौंकाने वाले फेक्ट्स सामने आए। टेस्ट रिपोर्ट में उसे गोमांस बताया गया। जिसका इल्जाम लगा असलम चमड़ा उर्फ असलम कुरैशी और उनके ड्राइवर पर, जिन्हें तत्काल जेल भेजा गया। इस मामले में एक नया डेवलेपमेंट हुआ है। हाल ही में कोर्ट ने असलम चमड़ा की जमानत याचिका खारिज कर दी। ये बात 14 मार्च की है। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी जयदीप मौर्य की अदालत ने इसे गंभीर प्रकृति का अपराध मानते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया।
असलम चमड़ा के वकील ने दलील भी दी थी कि उसे झूठे मामले में फंसाया जा रहा है। लेकिन अदालत का सख्त रुख कायम रहा। इसके एक-दो दिन बाद असलम को जमानत मिली और वो रिहा भी हुआ, लेकिन रिहा होने के बाद वो घर पहुंच पाता उससे पहले ही गायब हो गया।
तब भी असलम के नाम पर काफी सस्पेंस रचा गया। कुछ मीडिया हाउसेस ने दावा किया है कि सेंट्रल जेल से बुधवार की रात दस बजे एक लाल रंग की पोलो कार उसे लेकर रवाना हो गई। बाद में पता चला कि असलम पर रासुका लगाकर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके बाद कहानी में सबसे दिलचस्प ट्विस्ट ये आया है कि कटारे ने अपनी स्पीच में जिस जिस पर निशाना साधा था, उन्होंने असलम की गिरफ्तारी पर जोर-शोर से बयान दिए हैं।
विधायक बोले- सबके चमड़े उधेड़ दिए जाएंगे
विधायक रामेश्वर शर्मा ने मीडिया से कहा कि ऐसे जितने भी चमड़ें हैं, उन सबके चमड़े उधेड़ दिए जाएंगे। असलम के पाप सात पीढ़ियां भी नहीं धो पाएंगी। मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि गौ माता के हत्यारों को बख्शा नहीं जाएगा। इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम के बाद अब दिग्विजय सिंह ने पहेलियां बूझता हुआ ये ट्वीट किया है। मुझे लगता है अब तक आप समझ ही गए होंगे कि दिग्विजय सिंह का इशारा किस ओर था। अगर नहीं तो कमेंट कीजिए और पूछिए, तब तक के लिए इतना ही कहूंगा कि असलम किसी का भी गुर्गा हो, गोवंश को नुकसान पहुंचाने वालों पर राजनीति से पहले सख्त कार्रवाई होना चाहिए। सहमत हैं या नहीं, कमेंट सेक्शन में ये भी बता डालिए।
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