ED की बड़ी कार्रवाई: MP के दो पूर्व अफसरों की 85.45 करोड़ की संपत्ति अटैच

Jitendra Shrivastava | Jun 03, 2026, 24:03 IST
Photograph: (THESOOTR)
BHOPAL. ED ने MP के PWD पूर्व अफसर मेहरा और आबकारी अधिकारी भदौरिया की 85.45 करोड़ की संपत्ति कुर्क की है। इस कार्रवाई में 72 एकड़ फार्म हाउस और जेवरात जब्त किए गए हैं।

ऐसे समझें पूरा मामला...

  • PWD अफसर मेहरा की 67.25 करोड़ संपत्ति कुर्क हुई।
  • 72 एकड़ में बना लग्जरी फार्म हाउस जब्त किया गया।
  • भदौरिया ने वैध आय से 459 प्रतिशत अधिक संपत्ति बनाई।
  • दोनों अफसर संपत्ति का स्रोत नहीं बता सके।
  • कुल 85.45 करोड़ की चल-अचल संपत्ति अटैच हुई।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार (Corruption) के दो बड़े मामलों में कुल 85.45 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की है। PWD के पूर्व इंजीनियर इन चीफ गोविंद प्रसाद मेहरा और पूर्व जिला आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया पर यह कार्रवाई हुई। दोनों अफसर अपनी अनुपातहीन संपत्ति (Disproportionate Assets) का स्रोत नहीं बता सके।



ED की बड़ी कार्रवाई MP में

प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने मध्यप्रदेश में एक साथ दो बड़े भ्रष्टाचार मामलों में कार्रवाई की है। लोक निर्माण विभाग के पूर्व इंजीनियर इन चीफ गोविंद प्रसाद मेहरा और पूर्व जिला आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया इस कार्रवाई के केंद्र में हैं।



दोनों मामलों में कुल 85.45 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति (Movable-Immovable Property) अस्थायी रूप से कुर्क की गई है। यह कार्रवाई लोकायुक्त पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई। ईडी ने पीएमएलए की धारा 5(1) के तहत यह कदम उठाया है।



72 एकड़ का लग्जरी फार्म हाउस

गोविंद प्रसाद मेहरा नर्मदापुरम जिले के सैनी गांव में 72 एकड़ में बने लग्जरी कृषि फार्म हाउस (Luxury Farm House) की वजह से सुर्खियों में आए थे। इस फार्म हाउस में कॉटेज, स्विमिंग पूल और खुद के लिए बनवाया गया तालाब भी था।



ED की जांच में खुलासा हुआ कि मेहरा और उनके परिजन ने सोहागपुर तहसील के सैनी गांव में "कस्तूरी कृषि फार्म" को एक आलीशान रिसॉर्ट का रूप दे दिया था।



इसमें कॉटेज, आवासीय इमारत, आर्टिफिशियल जलाशय और अन्य सुविधाएं विकसित की गई थीं। ED की मूल्यांकन रिपोर्ट के अनुसार इस संपत्ति का बाजार मूल्य करीब 49.44 करोड़ रुपए है।



6 करोड़ की अनुपातहीन संपत्ति

ED की जांच भोपाल लोकायुक्त पुलिस की एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। जांच में सामने आया कि जीपी मेहरा ने 4 मार्च 1985 से 29 फरवरी 2024 के बीच 4 करोड़ की वैध आय के मुकाबले 10 करोड़ से अधिक की संपत्ति अर्जित की।



इस तरह करीब 6 करोड़ रुपए की अनुपातहीन संपत्ति (Disproportionate Assets) सामने आई। मेहरा के ठिकानों पर तलाशी के दौरान 8.79 लाख रुपए नकद और 3.51 करोड़ रुपए मूल्य के सोने के आभूषण भी बरामद हुए। मेहरा इन संपत्तियों का स्रोत साबित करने में विफल रहे। मंगलवार को ED ने उनकी 67.25 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच की।



भदौरिया की 459 प्रतिशत अधिक संपत्ति

पूर्व आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया का मामला भी उतना ही चौंकाने वाला है। लोकायुक्त पुलिस इंदौर की एफआईआर के आधार पर ED ने जांच की।



जांच में पता चला कि भदौरिया और उनके परिवार की वैध आय लगभग 2 करोड़ रुपए थी। लेकिन 1987 से 31 अगस्त 2025 के बीच उन्होंने करीब 11.18 करोड़ रुपए की संपत्ति अर्जित की।



यह उनकी वैध आय से करीब 459 प्रतिशत अधिक है। ED ने उनकी और उनके परिजन की 18.20 करोड़ रुपए की संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क की है।



सोना-नकदी का स्रोत नहीं बता सके

ED की छापेमारी के दौरान भदौरिया के ठिकानों और बैंक लॉकरों से भारी मात्रा में नकदी, सोने-चांदी के आभूषण, बुलियन और अन्य कीमती वस्तुएं बरामद की गईं।



भदौरिया ने जब्त नकदी और आभूषणों पर अपना स्वामित्व स्वीकार किया। लेकिन वह इनके स्रोत और खरीद से जुड़े दस्तावेज पेश नहीं कर सके। ED ने पीएमएलए कानून के तहत दोनों मामलों में कुर्की की कार्रवाई पूरी की है।



ये है मामला...

धर्मेंद्र सिंह भदौरिया की संपत्ति विवाद जांच

इंदौर में विशेष पुलिस स्थापना (एसपीई) और लोकायुक्त ने धर्मेंद्र सिंह भदौरिया के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत जांच शुरू की। जांच में पाया गया कि 1987 से 31 अगस्त 2025 तक भदौरिया ने लगभग 2 करोड़ रुपए की संपत्ति अर्जित की।



इस दौरान तलाशी में कई ठिकानों और बैंक लॉकरों से नकद, सोने-चांदी के जेवर और अन्य कीमती सामान बरामद हुआ। गैर-कानूनी संपत्ति लगभग 9.18 करोड़ रुपए पहुंच गई।



जांच टीम दस्तावेजों और लेनदेन की पड़ताल कर रही है, ताकि संपत्ति के स्रोत और वितरण का पता लगाया जा सके। अब यह देखना महत्वपूर्ण है कि इस खुलासे के बाद कौन-कौन से राजनीतिक और प्रशासनिक पहलू सामने आते हैं और जिम्मेदारी तय की जाती है या नहीं।



रिटायर्ड इंजीनियर-इन-चीफ जीपी मेहरा की संपत्ति जांच

भोपाल में लोकायुक्त की टीम ने सेवानिवृत्त इंजीनियर-इन-चीफ जीपी मेहरा के घरों और परिसंपत्तियों पर छापामार कार्रवाई की। तलाशी में लाखों रुपए नकद, करोड़ों के सोने-चांदी के जेवर, फिक्स्ड डिपॉजिट, फैक्ट्री का सामान और ग्राम सैनी, नर्मदापुरम में आलीशान कॉटेज, तालाब और गौशालाओं जैसी संपत्ति बरामद हुई।



फरवरी 2024 में जांच एजेंसी के सूत्रों के अनुसार मेहरा ने नौकरी के दौरान वैध आय से कई गुना संपत्ति अर्जित की। जांच टीम अब संपत्तियों, बैंक ट्रांजेक्शन और निर्माण दस्तावेजों की गहन पड़ताल कर रही है, ताकि भ्रष्टाचार और जिम्मेदारी स्पष्ट हो और उचित कार्रवाई की जा सके।



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