ESB में फर्जी डिग्री वाले हो रहे चयनित, नगर निगमों में फर्जी नियुक्ति
5 प्वाइंट में समझें क्या है पूरा मामला
- ईएसबी परीक्षाओं में फर्जी डिग्रीधारियों के चयन का आरोप
- ग्वालियर नगर निगम में नियुक्त कर्मचारियों की शिकायत
- यूजीसी से ब्लैक लिस्टेड यूनिवर्सिटी की डिग्री का उपयोग
- सभी नगर निगमों में डिग्री जांच की मांग
- इंदौर नगर निगम ने आरटीआई पर जानकारी नहीं दी
Indore: मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड (esb bhopal) की परीक्षाओं में फर्जी डिग्रीधारी चयनित हो रहे हैं। चयन के बाद नगर निगम में नौकरी भी कर रहे हैं। इसे लेकर अब शिकायत हुई है। सभी नगर निगमों में चयनितों की जांच की मांग की गई है।
यूजीसी ने जिन यूनिवर्सिटी की डिग्री को मान्यता नहीं दी है, उन्हीं की डिग्री को लगाकर कई लोग नौकरी कर रहे हैं। ग्वालियर नगर निगम में ऐसे काम करने वालों की शिकायत शासन स्तर पर हुई है।
इसमें इन युवाओं की नौकरी और डिग्री दोनों की जानकारी शासन को दी गई है। साथ ही सभी नगर निगमों में चयनितों की डिग्री की जांच की मांग हुई है।
इनकी हुई है शिकायत
मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड (esb bhopal job) की ग्रुप-2 और सबग्रुप-4 भर्ती परीक्षा (2022) को लेकर शिकायतकर्ता का आरोप है कि यूजीसी से ब्लैक लिस्टेड यूनिवर्सिटी के दस्तावेजों के आधार पर इन अधिकारियों का चयन हुआ। इसमें ग्वालियर नगर निगम में काबिल सिंह राजौरिया और अभिषेक मिश्रा सहायक अतिक्रमण निरोधक अधिकारी पद पर नियुक्त हुए हैं।
इन यूनिवर्सिटी से ली फर्जी डिग्री
शिकायत में बताया गया है कि ग्वालियर निगम में चयनित राजौरिया और मिश्रा के बारे में सूचना के अधिकार के तहत दस्तावेज मिले हैं।
इसके अनुसार, राजौरिया ने बैचलर और अर्बन प्लानिंग का सर्टिफिकेट प्रोग्राम राजीव गांधी इंस्टिट्यूट एंड मैनेजमेंट (अलवर, राजस्थान) से लिया है।
मिश्रा ने मास्टर ऑफ अर्बन एंड रीजनल प्लानिंग की डिग्री संघाई इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, मणिपुर से ली है। ये यूजीसी से ब्लैक लिस्टेड हैं और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) से मंजूरी भी नहीं मिली है।
इंदौर नगर निगम ने नहीं दी जानकारी
उधर शिकायतकर्ता ने नगर निगम इंदौर से भी चयनितों के दस्तावेज मांगे थे। हालांकि सूचना के अधिकार के आवेदन पर भी यह जानकारी नहीं दी गई है।
यूजीसी ने जारी की हुई सूचना
यूजीसी ने 28 मार्च को सार्वजनिक नोटिस (फर्जी डिग्री मामला) जारी किया था। इसमें बताया गया था कि राजीव गांधी इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट संस्थान यूजीसी अधिनियम 1956 की किसी भी धारा के तहत मान्यता प्राप्त नहीं है। संस्थान यूजी और पीजी दोनों ही डिग्री देने के लिए अधिकृत नहीं है। यहां से ली गई कोई भी डिग्री उच्च शिक्षा या सरकारी नौकरियों के लिए अमान्य होगी।
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