तृप्ति सिंह ने AI के सहारे दिखाया फर्जी IAS का रौब, अब तक 10 लोगों से ठगे डेढ़ करोड़
फर्जी आईएएस अधिकारी बनकर लोगों पर रौब जमाने वाली तृप्ति सिंह की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। तृप्ति का पूरा मामला किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं लग रहा है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस केस में रोज नए खुलासे हो रहे हैं।
तृप्ति का पूरा नाम तृप्ति सिंह राजपूत है। वह खुद को मध्य प्रदेश पर्यटन यानी MPT की एडिशनल डायरेक्टर बताती थी। पुलिस के मुताबिक साल 2019 से उसने फर्जी अफसर बनने का खेल शुरू किया था।
पूछताछ में तृप्ति ने बताया कि अचल सिंह से मुलाकात के दौरान उसने पहली बार खुद को आईएएस अधिकारी बताया था। इसके बाद उसने लगातार लोगों के सामने अपनी यही पहचान बनाए रखी। धीरे-धीरे उसने कई लोगों का भरोसा जीत लिया।
IAS बनकर जमाया रौब
पुलिस के मुताबिक, तृप्ति कभी खुद को ट्रेनी IAS बताती थी तो कभी किसी बड़े सरकारी अधिकारी के तौर पर अपना परिचय देती थी। कई बार वह खुद को MPT की एडिशनल डायरेक्टर भी बताती थी।
इसी फर्जी पहचान के दम पर उसने लोगों को होटल और रिसॉर्ट में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। जमीन और लीज से जुड़े मामलों को सुलझाने में मदद करने का दावा भी किया। लोग उसकी बातों में आते गए और जब उसका भरोसा बन गया, तो वह उनसे पैसे लेने लगी।
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AI से तैयार किए फर्जी दस्तावेज
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि तृप्ति ने फर्जी दस्तावेज अकेले तैयार नहीं किए थे। इसमें उसके भाई प्रखर सिंह राजपूत ने भी उसकी मदद की।
पुलिस के मुताबिक दोनों ने AI की मदद से नकली सरकारी दस्तावेज तैयार किए। इन्हीं दस्तावेजों को दिखाकर लोगों को यकीन दिलाया जाता था कि तृप्ति सच में बड़ी सरकारी अधिकारी है।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों ने कुल कितने फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे और उनका इस्तेमाल कितने लोगों को झांसा देने में किया गया।
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अब तक 10 लोगों से ठगी
पुलिस के मुताबिक अभी तक 10 लोग तृप्ति के झांसे में आने की बात सामने आई है। मामले में चार अलग-अलग केस भी दर्ज किए जा चुके हैं।
अब तक सामने आई ठगी की रकम करीब डेढ़ करोड़ रुपए बताई जा रही है। हालांकि पुलिस को शक है कि पीड़ितों की संख्या और बढ़ सकती है। जांच आगे बढ़ने पर और लोगों के सामने आने की उम्मीद है।
ठगी का पैसा कहां गया?
पूछताछ में तृप्ति ने पुलिस को बताया कि ठगी से मिले पैसों का बड़ा हिस्सा घूमने-फिरने और महंगे शौक पूरे करने में खर्च किया गया।
अब पुलिस उसके बैंक खातों के स्टेटमेंट और मोबाइल की डिटेल खंगाल रही है। इससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पैसे किन लोगों से लिए गए और कहां-कहां खर्च किए गए। इसी जांच के जरिए पुलिस को दूसरे संभावित पीड़ितों तक पहुंचने में भी मदद मिल रही है।
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आज खत्म हो रही रिमांड
तृप्ति और उसके भाई प्रखर की पुलिस रिमांड आज यानी सोमवार को खत्म हो रही है। इसके बाद दोनों को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, फर्जी IAS अधिकारी बनकर ठगी करने के इस मामले में नए-नए खुलासे सामने आ रहे हैं।
FAQ
- फर्जी आईएएस तृप्ति सिंह पर क्या आरोप है?
तृप्ति पर खुद को IAS अफसर बताकर ठगी का आरोप है। उसने 10 लोगों से करीब डेढ़ करोड़ रुपए ठगे। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। - फर्जी आईएएस तृप्ति सिंह मामले की स्थिति क्या है?
तृप्ति और उसके भाई की पुलिस रिमांड सोमवार को खत्म हुई। दोनों को कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस जांच अभी जारी है।