किसानों से 10 रुपए बोरी, 100 रुपए सिलाई और अलग से गेहूं वसूला, 7 पर FIR

Neel Tiwari | Jun 03, 2026, 23:44 IST
wheat fraud
जबलपुर जिले की सिहोरा तहसील के देवाश्री ग्राम संगठन उपार्जन केंद्र में अवैध वसूली का मामला सामने आया है। जांच में शिकायतें सही पाई गईं। SOP उल्लंघन के आरोपित सात लोगों पर FIR दर्ज की गई।

5 पॉइंट्स में समझें पूरा मामला

  • सिहोरा के देवाश्री ग्राम संगठन खरीदी केंद्र में अनियमितताओं का मामला सामने आया।
  • जांच में किसानों से तुलाई, सिलाई और बारदाना भराई के नाम पर अवैध वसूली की पुष्टि हुई।
  • किसानों से विक्रय मात्रा से अतिरिक्त गेहूं और नकद राशि लिए जाने के आरोप सही पाए गए।
  • संस्था के एक कर्मचारी के खाते में किसान से 3200 रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर होने के प्रमाण मिले।
  • संयुक्त कलेक्टर ऋषभ जैन के निर्देश पर 7 कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई।

देवाश्री ग्राम संगठन के गेहूं खरीदी केंद्र में

जबलपुर जिले की सिहोरा तहसील के देवाश्री ग्राम संगठन के गेहूं खरीदी केंद्र में बड़ा मामला सामने आया। किसानों से अवैध वसूली और अतिरिक्त गेहूं लेने की शिकायतें मिलीं। खरीदी प्रक्रिया में अनियमितताएं भी पाई गईं। जांच में शिकायतें सही पाई गईं। संयुक्त कलेक्टर के निर्देश पर सिहोरा थाने में सात लोगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(2) और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की गई।



वायरल वीडियो से खुला मामला

जबलपुर शहर में गेहूं या धान खरीदी में फर्जीवाड़ा आम बात है। सिहोरा तहसील के देवाश्री ग्राम संगठन के गेहूं खरीदी केंद्र क्रमांक-01, कोड 56433196, नर्मदा इंटरप्राइजेज गोदाम गौरहा में किसानों ने धोखाधड़ी और अवैध वसूली की शिकायतें दी थीं। मामला तब गंभीर हुआ जब शिकायतों के साथ कुछ वीडियो भी वायरल हुए। इसके बाद अनुविभागीय अधिकारी सिहोरा के निर्देशन में राजस्व और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने आकस्मिक निरीक्षण किया।



किसानों से वसूले गए तुलाई

जांच में पता चला कि कर्मचारियों ने किसानों से गेहूं की बारदाना भराई और तुलाई पर 8 से 10 रुपए प्रति बोरी वसूले। शासन की एसओपी के अनुसार यह भुगतान संस्था को स्वयं श्रमिकों को करना था। इसके अलावा किसानों से सिलाई के नाम पर 100 रुपए और तौल पर्ची बनाने के लिए 100 रुपए अलग वसूले गए। अधिकारियों ने इसे खरीदी नीति का उल्लंघन बताया।



खरीदे गए गेहूं से अलग भी लिया गया अनाज

जांच रिपोर्ट में पता चला कि कई किसानों से समर्थन मूल्य के अलावा अतिरिक्त गेहूं लिया गया। किसान सुनील कुमार तिवारी और पत्नी के पंजीयन पर 80 किलोग्राम अतिरिक्त गेहूं लिया गया। किसान शाहिल कुर्मी से 50 किलोग्राम गेहूं और 300 रुपए वसूले गए। रैंडम चयनित किसान सुनील पिता विजय के मामले में भी लगभग 3 क्विंटल अतिरिक्त गेहूं लिया गया।



कर्मचारी के खाते में पहुंचे 3200 रुपए

जांच के दौरान एक और गंभीर तथ्य सामने आया। ग्राम नुन्जा निवासी किसान अशोक कुमार पटेल ने शिकायत की थी कि संस्था से जुड़े कर्मचारी आनंद पटेल के खाते में 3200 रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कराए गए। जांच में यह भुगतान सही पाया गया और संबंधित यूटीआर नंबर भी रिकॉर्ड में मिला। इससे यह संदेह और गहरा गया कि किसानों से व्यवस्थित तरीके से अवैध वसूली की जा रही थी।



सर्वेयरों की भूमिका भी जांच के घेरे में

जांच दल ने खरीदी सर्वेयर और गोदाम सर्वेयर की भूमिका संदिग्ध पाई। रिपोर्ट में कहा गया कि किसानों द्वारा लाए गेहूं की गुणवत्ता जांच के बाद तुरंत पोर्टल पर दर्ज नहीं की जाती थी। पहले भराई, तुलाई और अन्य प्रक्रियाएं पूरी कराई जाती थीं। बाद में फीडिंग के समय गेहूं को एफएक्यू घोषित किया जाता था। आरोप है कि इस दौरान किसानों पर राशि देने का दबाव बनाया जाता था।



खरीदा गया था 22 हजार 362 क्विंटल गेहूं

प्रतिवेदन में कहा गया कि जांच तक केंद्र पर 308 किसानों से कुल 22 हजार 362 क्विंटल गेहूं खरीदा गया। अधिकारियों ने अनुमान लगाया कि किसानों से प्रति क्विंटल लगभग 20 रुपए और प्रति किसान करीब 200 रुपए अवैध वसूले गए। इस आधार पर कुल अवैध वसूली लगभग 5 लाख 8 हजार 840 रुपए बताई गई। रिपोर्ट में सुझाव दिया गया कि यह राशि संस्था से भू-राजस्व बकाया की तरह वसूली जाए।



SOP के उल्लंघन का आरोप

जांच रिपोर्ट में कहा गया कि केंद्र प्रभारी और अन्य कर्मचारियों ने खरीदी नीति और एसओपी का उल्लंघन किया। उल्लंघन विशेष रूप से कंडिका 10.3.1, 10.3.2 और 7.1 (XXI) (iii) के प्रावधानों का था।



संयुक्त कलेक्टर के निर्देश पर दर्ज हुई FIR

जांच रिपोर्ट के आधार पर संयुक्त कलेक्टर ऋषभ जैन ने 1 जून 2026 को सिहोरा थाना प्रभारी को पत्र भेजकर एफआईआर दर्ज करने की अनुशंसा की। इसके बाद कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी ब्रिजेश कुमार जाटव दस्तावेजों के साथ थाना सिहोरा पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने 3 जून 2026 की रात 9 बजे भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(2) और 3(5) के तहत अपराध क्रमांक 373/2026 दर्ज कर विवेचना शुरू की।





इन सात लोगों पर दर्ज हुई एफआईआर

एफआईआर में देवाश्री ग्राम संगठन और खरीदी केंद्र से जुड़े सात लोगों को आरोपी बनाया गया। इनमें केंद्र प्रभारी आरती रजक, आवक रजिस्टर संधारक नीलम रजक, कंप्यूटर ऑपरेटर ज्योति वर्मन, तुलाई कार्य में शिखा कोरी, कर्मचारी आनंद पटेल, ग्राउंड सर्वेयर अंकित उपाध्याय और गोदाम सर्वेयर अमर चौधरी शामिल हैं। पुलिस अब जांच कर किसानों से की गई कथित अवैध वसूली और अनियमितताओं का वास्तविक दायरा पता लगाएगी।



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