Synopsis: मप्र विधानसभा में सोमवार को मोहन सरकार का लेखानुदान ( अंतरिम बजट ) पेश किया गया। डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने पटल पर वर्ष 2024-25 के लिए एक लाख 45 हजार करोड़ रुपए का लेखानुदान प्रस्तुत किया।
विधानसभा परिसर में कांग्रेस नेताओं को इनकम टैक्स के नोटिस की चर्चा भी रही। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा- भाजपा सरकार कांग्रेस नेताओं को ब्लैकमेल कर रही है। कांग्रेस विधायक विक्रांत भूरिया ने कहा, हम गांधी के लोग हैं, गोडसे के नहीं जो माफीनामा लिख दें। हम पेश होंगे और जवाब देंगे।
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- बजट अनुमान में कुल राजस्व प्राप्तियां 2,52,268.03 करोड़
- राज्य कर से राजस्व प्राप्तियां 96,553.30 करोड़
- गैर कर राजस्व प्राप्तियां 18,077.33 करोड़
- बजट अनुमान में राजस्व व्यय 2,51,825.13 करोड़
- पुनरीक्षित अनुमान में राजस्व व्यय 2,31,112.34 करोड़
- बजट अनुमान में राजस्व आधिक्य 442.90 करोड़
- कुल पूंजीगत प्राप्तियां का बजट अनुमान 59,718.64 करोड़
- कुल पूंजीगत परिव्यय का बजट अनुमान 59,342.48 करोड़
- वित्तीय वर्ष के लिए बजट में सम्मिलित राशि- 3,48,986.57 करोड़।
- लेखानुदान के लिए धनराशि 1,45,229.55 करोड़ ।
- लेखानुदान राशि में मतदेय राशि 1,19,453 05 करोड़।
विधायक उमाकांत शर्मा ने कहा, पांच साल से परेशान हैं, सिंचाई परियोजनाएं मंजूर नहीं की जा रही है। जवाब में जल संसाधन मंत्री सिलावट ने कहा कि उनके सिरोंज क्षेत्र के आठ गांवों के 1800 हेक्टेयर से अधिक जमीन पर तालाब बनाने की मंजूरी जल्द दी जाएगी।
विधायक ओमकार सिंह मरकाम ने कहा, स्कूल भवनों में शौचालय, खेल मैदान आदि की व्यवस्था को लेकर जो जानकारी दी गई है वह सही नहीं है। डिंडोरी जिले के स्कूलों में सुविधा नहीं है, जवाब में कहा गया है कि भारत सरकार पैसा नहीं दे रही है। मरकाम ने कहा, क्या राज्य सरकार के पास आदिवासी जिले में सुविधा देने के लिए पैसे की कमी है।
विधायक कुंवर सिंह टेकाम, सोहनलाल वाल्मीकि, मधु भाऊ भगत और सूर्य प्रकाश ने स्कूलों के भवन का मामला उठाया। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा, जमीन की कमी मुद्दा है। विधायकों के साथ चर्चा करके स्कूल भवन के लिए स्थान तय करेंगे। जैसे ही जमीन उपलब्ध होती है, सरकार काम शुरू कर देगी।
विधायक नितेंद्र सिंह राठौर ने कहा कि सही काम के लिए लोगों को सिफारिश करनी पड़ रही है। उन्होंने राजस्व विभाग के पोथी, रिकॉर्ड दुरुस्तगी पर सवाल किया। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के स्थान पर सवाल का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि जो काम नहीं हो पा रहे हैं, उनकी समयसीमा तय करेंगे।
विधायक दिव्यराज सिंह ने कहा, रामरति पांडे नाम के पटवारी ने बहुत लापरवाही की हैं। पटवारी के पास कुछ छूटे हुए आवेदन हैं तो उनको भी योजना से जुड़वा दिया जाए।